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	<title>Dai &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>Mohan Bhagwat MP Visit: पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे पर मोहन भागवत, इंदौर की बैठक के बाद जाएंगे बालाघाट</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 02 Oct 2026 07:41:31 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[Mohan Bhagwat MP Visit: पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे पर मोहन भागवत, इंदौर की बैठक के बाद जाएंगे बालाघाट इंदौर। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक मोहन भागवत का मध्य प्रदेश ... <a title="Mohan Bhagwat MP Visit: पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे पर मोहन भागवत, इंदौर की बैठक के बाद जाएंगे बालाघाट" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mohan-bhagwats-mp-visit-rss-meeting-in-indore-balaghat-octobe/" aria-label="Read more about Mohan Bhagwat MP Visit: पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे पर मोहन भागवत, इंदौर की बैठक के बाद जाएंगे बालाघाट">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Mohan Bhagwat MP Visit: पांच दिवसीय मध्य प्रदेश दौरे पर मोहन भागवत, इंदौर की बैठक के बाद जाएंगे बालाघाट</strong></h1>
<p><strong>इंदौर।</strong> राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरसंघचालक <strong>मोहन भागवत का मध्य प्रदेश प्रवास 2 से 6 अक्टूबर 2026 तक</strong> निर्धारित है। उपलब्ध कार्यक्रम के अनुसार, वे नागपुर से सड़क मार्ग द्वारा इंदौर पहुंचेंगे। यहां <strong>3 से 5 अक्टूबर तक संघ की वार्षिक अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक</strong> आयोजित होगी। तीन दिवसीय बैठक समाप्त होने के बाद उनका अगला पड़ाव बालाघाट होगा। <strong>6 अक्टूबर को बालाघाट जिले के लांजी ब्लॉक स्थित कारंजा</strong> में उनका कार्यक्रम प्रस्तावित है। पांच दिनों के इस दौरे में राष्ट्रीय स्तर की संगठनात्मक बैठक और स्थानीय कार्यक्रम शामिल हैं।</p>
<h2><strong>तीन दिन इंदौर में चलेगी संगठनात्मक बैठक</strong></h2>
<p>इंदौर में आयोजित होने वाली अखिल भारतीय कार्यकारी मंडल बैठक में संघ के <strong>सभी 46 प्रांतों के पदाधिकारियों</strong> के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले पदाधिकारी अपने यहां संचालित गतिविधियों और अभियानों की स्थिति साझा करेंगे। बैठक के दौरान संगठन के पिछले कामकाज और आगे की प्राथमिकताओं पर चर्चा होगी।</p>
<p>इस आयोजन के कारण भागवत के मध्य प्रदेश प्रवास का अधिकांश समय इंदौर में बीतेगा। कार्यक्रम के मुताबिक, <strong>3 अक्टूबर को बैठक शुरू होगी</strong>, जबकि 4 और 5 अक्टूबर को भी चर्चा जारी रहेगी। पांच अक्टूबर को बैठक का अंतिम दिन निर्धारित है। इसके बाद छह अक्टूबर का कार्यक्रम बालाघाट जिले में रखा गया है।</p>
<h2><strong>पिछले एक वर्ष की गतिविधियों की समीक्षा</strong></h2>
<p>बैठक के प्रमुख विषयों में <strong>पिछले एक वर्ष की संगठनात्मक गतिविधियों की समीक्षा</strong> शामिल बताई गई है। देश के विभिन्न क्षेत्रों में हुए कार्यों की प्रगति पर विचार किया जाएगा। इसके साथ ही पदाधिकारियों को अपने क्षेत्रों से जुड़ी जानकारी और अनुभव साझा करने का अवसर मिलेगा।</p>
<p>समीक्षा के अलावा <strong>आगामी एक वर्ष की कार्ययोजना</strong> पर भी मंथन प्रस्तावित है। इस प्रक्रिया में पिछले कार्यक्रमों के अनुभव और आगे किए जाने वाले कार्यों पर चर्चा होगी। हालांकि, बैठक में लिए जाने वाले अंतिम निर्णयों की जानकारी आयोजन के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल उपलब्ध कार्यक्रम बैठक की अवधि, भागीदारी और प्रमुख चर्चा विषयों का खाका प्रस्तुत करता है।</p>
<h2><strong>शताब्दी वर्ष के कार्यक्रम भी चर्चा में</strong></h2>
<p>इंदौर की बैठक संघ के <strong>शताब्दी वर्ष से जुड़े आयोजनों के अंतिम चरण</strong> में हो रही है। रिपोर्टों के अनुसार, इस दौरान देशभर में चलाए गए कार्यक्रमों और अभियानों की समीक्षा भी की जाएगी। विभिन्न क्षेत्रों में इन गतिविधियों के क्रियान्वयन की स्थिति पर पदाधिकारी जानकारी साझा करेंगे।</p>
<p>बैठक में शताब्दी वर्ष के दौरान लिए गए निर्णयों पर हुए काम और आगामी कार्यक्रमों की दिशा पर विचार होने की बात सामने आई है। इस लिहाज से इंदौर का आयोजन संगठन की वार्षिक समीक्षा के साथ व्यापक कार्यक्रमों का आकलन करने का अवसर भी होगा। संघ के विभिन्न क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व होने से स्थानीय अनुभव राष्ट्रीय स्तर की चर्चा का हिस्सा बनेंगे।</p>
<h2><strong>दत्तात्रेय होसबाले के भी शामिल होने की संभावना</strong></h2>
<p>इंदौर में होने वाली बैठक में संघ के सरकार्यवाह <strong>दत्तात्रेय होसबाले</strong> सहित प्रमुख पदाधिकारियों के शामिल होने की संभावना बताई गई है। आयोजन को संघ की वार्षिक <strong>‘दीवाली बैठक’</strong> के नाम से भी जाना जाता है। इसमें संगठन से जुड़े विभिन्न विषयों पर विचार-विमर्श होगा।</p>
<p>कुछ रिपोर्टों में संगठनात्मक ढांचे में प्रस्तावित बदलावों पर चर्चा का भी उल्लेख है। इनमें <strong>प्रांत प्रचारक और संभाग प्रचारक व्यवस्था</strong> से जुड़े प्रस्ताव की बात सामने आई है। हालांकि, इस संबंध में किसी अंतिम निर्णय की घोषणा नहीं हुई है। इसलिए संभावित चर्चा को लागू हो चुके बदलाव के रूप में नहीं देखा जाना चाहिए। बैठक के बाद आधिकारिक जानकारी मिलने पर स्थिति स्पष्ट होगी।</p>
<h2><strong>6 अक्टूबर को बालाघाट रहेगा अगला पड़ाव</strong></h2>
<p>इंदौर की बैठक के बाद मोहन भागवत <strong>6 अक्टूबर को बालाघाट</strong> जाएंगे। उनका कार्यक्रम लांजी ब्लॉक के <strong>कारंजा</strong> में बताया गया है। उपलब्ध समाचार विवरण में स्थानीय आयोजन के विस्तृत स्वरूप और समय की पूरी जानकारी नहीं दी गई है।</p>
<p>रिपोर्टों के मुताबिक, बालाघाट प्रवास में स्थानीय संघ कार्यकर्ताओं से संवाद और कार्यक्रम में सहभागिता प्रस्तावित है। इस प्रकार पांच दिवसीय दौरे में इंदौर राष्ट्रीय संगठनात्मक चर्चा का केंद्र रहेगा, जबकि बालाघाट में स्थानीय स्तर का कार्यक्रम होगा। दौरे से जुड़ी आगामी जानकारी में बैठक के निष्कर्ष और बालाघाट आयोजन का विस्तृत विवरण महत्वपूर्ण रहेगा।</p>
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		<title>अमरपुरा आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल, सहायिका के खिलाफ कार्यकर्ता ने की शिकायत</title>
		<link>https://swarajvani.com/questions-raised-over-management-of-amarpura-anganwadi-centre-inateran/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 17 Sep 2026 13:05:52 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Vidisha]]></category>
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					<description><![CDATA[अमरपुरा आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल, सहायिका के खिलाफ कार्यकर्ता ने की शिकायत बच्चों को केंद्र तक लाने और वापस छोड़ने से इनकार करने का आरोप, सीडीपीओ को शिकायत ... <a title="अमरपुरा आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल, सहायिका के खिलाफ कार्यकर्ता ने की शिकायत" class="read-more" href="https://swarajvani.com/questions-raised-over-management-of-amarpura-anganwadi-centre-inateran/" aria-label="Read more about अमरपुरा आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल, सहायिका के खिलाफ कार्यकर्ता ने की शिकायत">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>अमरपुरा आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं पर सवाल, सहायिका के खिलाफ कार्यकर्ता ने की शिकायत</strong></h1>
<h2><strong>बच्चों को केंद्र तक लाने और वापस छोड़ने से इनकार करने का आरोप, सीडीपीओ को शिकायत के बाद भी कार्रवाई नहीं होने का दावा</strong></h2>
<p><strong>नटेरन (विदिशा)।</strong> नटेरन क्षेत्र के ग्राम अमरपुरा, पीपलधार के पास संचालित आंगनवाड़ी केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर विवाद सामने आया है। केंद्र की आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भूरी मैना ने सहायिका सरोज शर्मा पर बच्चों को उनके घरों से केंद्र तक लाने और वापस छोड़ने में सहयोग नहीं करने का आरोप लगाया है। कार्यकर्ता का दावा है कि इस संबंध में बाल विकास परियोजना अधिकारी (सीडीपीओ), नटेरन को कई बार लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अभी तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।</p>
<p>मामले को लेकर स्थानीय स्तर पर आंगनवाड़ी केंद्र की कार्यप्रणाली और विभागीय अधिकारियों की भूमिका पर सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि केंद्र की व्यवस्थाओं में किसी भी तरह की कमी का सीधा असर छोटे बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार और विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन पर पड़ सकता है। उन्होंने महिला एवं बाल विकास विभाग से निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने की मांग की है।</p>
<h2><strong>बच्चों को लाने से इनकार करने का आरोप</strong></h2>
<p>आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भूरी मैना के अनुसार, केंद्र की सहायिका सरोज शर्मा बच्चों को उनके घरों से आंगनवाड़ी केंद्र तक लाने और कार्यक्रम समाप्त होने के बाद वापस पहुंचाने में सहयोग नहीं कर रही हैं। कार्यकर्ता का आरोप है कि जब सहायिका से इस संबंध में बात की गई तो उन्होंने बच्चों के घर दूर होने का हवाला देते हुए वहां जाने से इनकार कर दिया।</p>
<p>कार्यकर्ता का कहना है कि छोटे बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए केंद्र से जुड़े सभी कर्मचारियों का सहयोग आवश्यक है। कई परिवारों के घर केंद्र से दूर स्थित होने के कारण अभिभावकों और बच्चों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। ऐसे में संबंधित कर्मचारियों के बीच समन्वय नहीं होने से केंद्र की दैनिक गतिविधियां प्रभावित हो सकती हैं।</p>
<p>हालांकि, बच्चों को घर से लाने और वापस छोड़ने की जिम्मेदारी से संबंधित विभागीय नियमों की आधिकारिक स्थिति विभागीय जांच में ही स्पष्ट हो सकेगी। इस मामले में सहायिका सरोज शर्मा का पक्ष समाचार लिखे जाने तक सामने नहीं आया है।</p>
<h2><strong>बच्चों की उपस्थिति प्रभावित होने का दावा</strong></h2>
<p>शिकायत में कहा गया है कि सहायिका द्वारा बच्चों को केंद्र तक लाने में सहयोग नहीं करने के कारण उनकी नियमित उपस्थिति प्रभावित हो रही है। आंगनवाड़ी केंद्रों के माध्यम से छोटे बच्चों को पूरक पोषण आहार, प्रारंभिक शिक्षा, स्वास्थ्य जांच और अन्य आवश्यक सेवाओं से जोड़ने का प्रयास किया जाता है। बच्चों की उपस्थिति कम होने पर इन सेवाओं का लाभ भी प्रभावित हो सकता है।</p>
<p>कार्यकर्ता ने आरोप लगाया कि केंद्र की व्यवस्था को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सहायिका से लगातार सहयोग मांगा गया, लेकिन स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ। ग्रामीणों का कहना है कि विभाग को बच्चों की वास्तविक उपस्थिति, पोषण आहार के वितरण और केंद्र की दैनिक गतिविधियों की जांच करनी चाहिए।</p>
<h2><strong>सीडीपीओ को कई बार शिकायत देने का दावा</strong></h2>
<p>आंगनवाड़ी कार्यकर्ता भूरी मैना का दावा है कि उन्होंने पूरे मामले की जानकारी लिखित रूप से बाल विकास परियोजना अधिकारी नटेरन को कई बार दी है। शिकायतों में सहायिका के कथित असहयोग और उससे केंद्र की व्यवस्थाओं पर पड़ रहे प्रभाव का उल्लेख किया गया है।</p>
<p>कार्यकर्ता के अनुसार, बार-बार शिकायत किए जाने के बावजूद संबंधित मामले में अब तक प्रभावी कार्रवाई दिखाई नहीं दी है। उनका कहना है कि विभागीय स्तर से समय पर हस्तक्षेप किया जाता तो केंद्र की व्यवस्थाओं को पहले ही बेहतर बनाया जा सकता था।</p>
<p>इस संबंध में सीडीपीओ कार्यालय की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया उपलब्ध नहीं हो सकी है। विभागीय अधिकारियों का पक्ष सामने आने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि शिकायतों पर अब तक क्या कार्रवाई की गई है और मामले की जांच किस स्तर पर लंबित है।</p>
<h2><strong>पोषण आहार वितरण की जांच की मांग</strong></h2>
<p>ग्रामीणों और शिकायतकर्ता ने बच्चों की उपस्थिति के साथ पोषण आहार वितरण व्यवस्था की भी जांच कराने की मांग की है। उनका कहना है कि केंद्र में दर्ज बच्चों की संख्या, उनकी वास्तविक उपस्थिति और वितरित किए गए पोषण आहार के रिकॉर्ड का मिलान किया जाना चाहिए।</p>
<p>ग्रामीणों के अनुसार, आंगनवाड़ी केंद्र ग्रामीण क्षेत्रों में बच्चों और महिलाओं के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। केंद्र की नियमित गतिविधियों में किसी प्रकार की बाधा आने पर शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक पहुंचने में परेशानी हो सकती है। इसलिए विभाग को समय-समय पर निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन करना चाहिए।</p>
<h2><strong>जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका पर उठे सवाल</strong></h2>
<p>शिकायत पर कार्रवाई नहीं होने के आरोप के बाद स्थानीय नागरिकों ने जिम्मेदार अधिकारियों की कार्यशैली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जब किसी केंद्र से संबंधित शिकायत लिखित रूप में प्राप्त होती है तो अधिकारी को समयबद्ध जांच कर दोनों पक्षों के बयान दर्ज करने चाहिए। जांच के आधार पर ही यह तय होना चाहिए कि शिकायत में लगाए गए आरोप सही हैं या नहीं।</p>
<p>ग्रामीणों ने कहा कि शिकायत को लंबे समय तक लंबित रखने से विवाद बढ़ता है और केंद्र का वातावरण भी प्रभावित होता है। बच्चों के हित को प्राथमिकता देते हुए विभाग को आंगनवाड़ी कार्यकर्ता, सहायिका, अभिभावकों और स्थानीय नागरिकों से जानकारी लेकर निष्पक्ष निर्णय करना चाहिए।</p>
<h2><strong>जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग</strong></h2>
<p>आंगनवाड़ी कार्यकर्ता और ग्रामीणों ने विदिशा जिला प्रशासन तथा महिला एवं बाल विकास विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से मामले का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अमरपुरा आंगनवाड़ी केंद्र का औचक निरीक्षण कर बच्चों की उपस्थिति, पोषण आहार वितरण, कर्मचारियों की उपस्थिति और दैनिक गतिविधियों की जांच की जाए।</p>
<p>शिकायतकर्ताओं ने मांग की कि जांच में यदि किसी कर्मचारी की लापरवाही प्रमाणित होती है तो विभागीय नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाए। साथ ही केंद्र में कर्मचारियों के बीच समन्वय स्थापित कर व्यवस्थाएं सुचारू कराई जाएं, ताकि छोटे बच्चों को शासन की योजनाओं और आंगनवाड़ी सेवाओं का नियमित लाभ मिल सके।</p>
<p>फिलहाल ये सभी आरोप आंगनवाड़ी कार्यकर्ता एवं स्थानीय पक्ष द्वारा लगाए गए हैं। संबंधित सहायिका और विभागीय अधिकारियों की आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आने के बाद ही मामले की पूरी स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।</p>
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		<item>
		<title>राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश आएंगे नितिन नबीन, उज्जैन में 25 लाख दीप जलाने की तैयारी</title>
		<link>https://swarajvani.com/nitin-nabins-mp-visit-proposed-before-rahul-gandhis-indore-event-ujjain-plans-25-lamps/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Mon, 14 Sep 2026 11:02:35 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[BJP]]></category>
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					<description><![CDATA[राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश आएंगे नितिन नबीन, उज्जैन में 25 लाख दीप जलाने की तैयारी दैनिक स्वराज वाणी। इंदौर। मध्य प्रदेश में आगामी दिनों में राजनीतिक ... <a title="राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश आएंगे नितिन नबीन, उज्जैन में 25 लाख दीप जलाने की तैयारी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/nitin-nabins-mp-visit-proposed-before-rahul-gandhis-indore-event-ujjain-plans-25-lamps/" aria-label="Read more about राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश आएंगे नितिन नबीन, उज्जैन में 25 लाख दीप जलाने की तैयारी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>राहुल गांधी के कार्यक्रम से पहले मध्य प्रदेश आएंगे नितिन नबीन, उज्जैन में 25 लाख दीप जलाने की तैयारी</strong></h1>
<p><strong>दैनिक स्वराज वाणी। इंदौर।</strong> मध्य प्रदेश में आगामी दिनों में राजनीतिक और धार्मिक गतिविधियां तेज होने वाली हैं। उपलब्ध समाचार रिपोर्ट के अनुसार, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नबीन का 17 सितंबर को प्रदेश दौरा प्रस्तावित है। उनके लिए मंदसौर, इंदौर और उज्जैन में तीन प्रमुख कार्यक्रमों की रूपरेखा बनाई गई है। राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने के बाद यह उनका पहला मध्य प्रदेश दौरा बताया गया है।</p>
<p>इसी दौरान राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख डॉ. मोहन भागवत भी उज्जैन प्रवास पर रहेंगे। वहीं, 19 सितंबर को इंदौर में राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम होना है। इन आयोजनों के बीच भाजपा युवाओं और कार्यकर्ताओं के बीच बड़े कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। आयोजन स्थल के चयन में बारिश की संभावना को भी ध्यान में रखा जा रहा है।</p>
<h2><strong>17 सितंबर को तीन शहरों में प्रस्तावित कार्यक्रम</strong></h2>
<p>नितिन नबीन के दौरे में मंदसौर, इंदौर और उज्जैन के कार्यक्रम शामिल किए गए हैं। समाचार रिपोर्ट के मुताबिक, इंदौर में स्वामित्व योजना से संबंधित कार्यक्रम, मंदसौर के गांधी सागर अभयारण्य में चीतों को छोड़ने का आयोजन और उज्जैन में दीपोत्सव प्रस्तावित है।</p>
<p>तीनों कार्यक्रमों की प्रकृति अलग है। इंदौर का आयोजन योजना से जुड़ा होगा, जबकि गांधी सागर का कार्यक्रम वन्यजीव संरक्षण से संबंधित है। उज्जैन में बड़े स्तर पर दीप प्रज्वलन की तैयारी का उल्लेख किया गया है। फिलहाल उपलब्ध विवरण में दौरे का अंतिम समयवार कार्यक्रम नहीं दिया गया है।</p>
<h2><strong>उज्जैन में 25 लाख दीपों का दीपोत्सव</strong></h2>
<p>उज्जैन में प्रस्तावित दीपोत्सव के दौरान 25 लाख दीप प्रज्वलित करने की योजना है। नितिन नबीन के इस आयोजन में शामिल होने की बात कही गई है। इतने बड़े स्तर पर दीप जलाने के कार्यक्रम के कारण उज्जैन का आयोजन दौरे का प्रमुख आकर्षण रहेगा।</p>
<p>हालांकि, उपलब्ध समाचार सामग्री में दीपोत्सव के स्थान, दीप प्रज्वलन के निर्धारित समय और सहभागिता की पूरी व्यवस्था का विवरण शामिल नहीं है। ऐसे में आयोजन की अंतिम रूपरेखा सामने आने पर तैयारियों की स्थिति अधिक स्पष्ट होगी। फिलहाल कार्यक्रम प्रस्तावित होने के आधार पर ही जानकारी सामने आई है।</p>
<h2><strong>मोहन भागवत का दो दिवसीय उज्जैन प्रवास</strong></h2>
<p>आरएसएस प्रमुख डॉ. मोहन भागवत 17 और 18 सितंबर को उज्जैन में प्रवास करेंगे। रिपोर्ट के अनुसार, वे स्वयंसेवकों को संबोधित करेंगे। इसके अलावा 18 सितंबर को आयोजित होने वाली ‘युवा धर्म संसद’ में युवाओं से संवाद का कार्यक्रम भी निर्धारित बताया गया है।</p>
<p>नितिन नबीन और भागवत के एक ही समय उज्जैन में रहने के कारण उनकी संभावित मुलाकात पर भी नजर है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में दोनों की बैठक तय होने की पुष्टि नहीं की गई है। इसलिए मुलाकात को अभी संभावना के रूप में ही देखा जा रहा है।</p>
<h2><strong>19 सितंबर को राहुल गांधी का छात्र कार्यक्रम</strong></h2>
<p>इंदौर में 19 सितंबर को राहुल गांधी का ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम होना है। इस आयोजन से पहले भाजपा भी युवाओं और कार्यकर्ताओं तक पहुंच बनाने के लिए बड़े कार्यक्रम की तैयारी कर रही है। कम अंतराल में होने वाले इन आयोजनों के कारण शहर में राजनीतिक गतिविधियां बढ़ेंगी।</p>
<p>राहुल गांधी के कार्यक्रम के नाम से छात्रों की भागीदारी पर जोर दिखाई देता है। वहीं, भाजपा के प्रस्तावित आयोजन में युवाओं के साथ कार्यकर्ताओं की उपस्थिति का उल्लेख है। उपलब्ध सामग्री में दोनों कार्यक्रमों की विस्तृत कार्यसूची और प्रतिभागियों की संख्या नहीं बताई गई है।</p>
<h2><strong>नेहरू स्टेडियम सहित कई स्थानों पर मंथन</strong></h2>
<p>भाजपा के आयोजन के लिए इंदौर में अलग-अलग स्थानों पर विचार किया जा रहा है। रिपोर्ट में नेहरू स्टेडियम, बायपास और सुपर कॉरिडोर क्षेत्र के विकल्पों का उल्लेख है। आयोजन की जरूरतों के अनुसार उपयुक्त स्थान चुनने की प्रक्रिया चल रही है।</p>
<p>बारिश को देखते हुए हाईटेक डोम अथवा ढके हुए आयोजन स्थल का विकल्प भी देखा जा रहा है। इससे स्पष्ट है कि स्थल चयन में मौसम को महत्वपूर्ण आधार बनाया गया है। अंतिम स्थान तय होने के बाद पहुंच और कार्यक्रम व्यवस्था से संबंधित जानकारी सामने आ सकेगी।</p>
<p>&nbsp;</p>
]]></content:encoded>
					
		
		
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		<item>
		<title>दशकों बाद मिली बड़ी सौगात, विधायक राजकुमार मेव ने किया आदिवासी छात्रावास का भूमिपूजन</title>
		<link>https://swarajvani.com/mla-rajkumar-mev-lays-foundation-stone-for-100-seat-tribal-boys-and-girls-hostels-in-maheshwar/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 12:36:20 +0000</pubDate>
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					<description><![CDATA[दशकों बाद मिली बड़ी सौगात, विधायक राजकुमार मेव ने किया आदिवासी छात्रावास का भूमिपूजन महेश्वर में बनेंगे 100 सीटर बालक-बालिका छात्रावास, आदिवासी विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर आवासीय सुविधा रिपोर्टर: गौतम ... <a title="दशकों बाद मिली बड़ी सौगात, विधायक राजकुमार मेव ने किया आदिवासी छात्रावास का भूमिपूजन" class="read-more" href="https://swarajvani.com/mla-rajkumar-mev-lays-foundation-stone-for-100-seat-tribal-boys-and-girls-hostels-in-maheshwar/" aria-label="Read more about दशकों बाद मिली बड़ी सौगात, विधायक राजकुमार मेव ने किया आदिवासी छात्रावास का भूमिपूजन">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>दशकों बाद मिली बड़ी सौगात, विधायक राजकुमार मेव ने किया आदिवासी छात्रावास का भूमिपूजन</strong></h1>
<h2><strong>महेश्वर में बनेंगे 100 सीटर बालक-बालिका छात्रावास, आदिवासी विद्यार्थियों को मिलेगी बेहतर आवासीय सुविधा</strong></h2>
<p><strong style="font-size: inherit;" data-start="0" data-end="25" data-is-last-node="" data-is-only-node=""><br />
रिपोर्टर: गौतम साल्वे</strong></p>
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<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="wp-image-356498 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/yutu-300x239.jpeg" alt="yutu" width="359" height="286" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/yutu-300x239.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/yutu.jpeg 718w" sizes="(max-width: 359px) 100vw, 359px" /><strong style="font-size: inherit;">महेश्वर।</strong><span style="font-size: inherit;"> क्षेत्र के आदिवासी समाज और विद्यार्थियों की वर्षों पुरानी मांग पूरी होने जा रही है। विकासखंड स्तर पर बनने वाले नवीन 100 सीटर आदिवासी बालक एवं बालिका छात्रावास का भूमिपूजन क्षेत्रीय विधायक राजकुमार मेव ने किया। छात्रावास बनने से दूरदराज के ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए बेहतर आवासीय सुविधा उपलब्ध हो सकेगी।</span></p>
<p>भूमिपूजन समारोह को संबोधित करते हुए महेश्वर भाजपा मंडल अध्यक्ष विक्रम पटेल ने कहा कि क्षेत्र आदिवासी बहुल होने के बावजूद लंबे समय से विकासखंड स्तर पर आदिवासी विद्यार्थियों के लिए छात्रावास की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। इसके कारण दूरस्थ गांवों से आने वाले विद्यार्थियों को शिक्षा प्राप्त करने में विभिन्न परेशानियों का सामना करना पड़ता था।</p>
<p>उन्होंने कहा कि विधायक राजकुमार मेव के प्रयासों से क्षेत्र को 100 सीटर बालक एवं बालिका छात्रावास की महत्वपूर्ण सौगात मिली है। नवीन छात्रावास प्रारंभ होने के बाद विधानसभा क्षेत्र के आदिवासी विद्यार्थियों को आवासीय सुविधा का सीधा लाभ मिलेगा और उन्हें शिक्षा जारी रखने में सहायता मिलेगी।</p>
<h3><strong>निर्माण की गुणवत्ता से समझौता नहीं करने के निर्देश</strong></h3>
<p><img decoding="async" class="wp-image-356499 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/uyty-300x225.jpeg" alt="uyty" width="397" height="298" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/uyty-300x225.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/uyty-1024x768.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/uyty-768x576.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/uyty-1536x1152.jpeg 1536w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/uyty-2048x1536.jpeg 2048w" sizes="(max-width: 397px) 100vw, 397px" /><span style="font-size: inherit;">भूमिपूजन कार्यक्रम के दौरान विधायक राजकुमार मेव ने निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधियों को छात्रावास भवन का काम निर्धारित मानकों के अनुसार और गुणवत्तापूर्ण तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भवन निर्माण में उपयोग की जाने वाली सामग्री की गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखा जाए।</span></p>
<p>विधायक ने अधिकारियों से निर्माण कार्य की नियमित निगरानी करने और परियोजना को निर्धारित समय-सीमा में पूरा कराने के लिए कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की सुविधा से जुड़ी इस महत्वपूर्ण परियोजना के निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।</p>
<h3><strong>आदिवासी विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ</strong></h3>
<p>नवीन छात्रावास बनने से ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के विद्यार्थियों को अध्ययन के दौरान रहने के लिए सुरक्षित एवं व्यवस्थित स्थान मिल सकेगा। इससे लंबी दूरी तय करके विद्यालय आने वाले विद्यार्थियों की परेशानी कम होने और उनकी पढ़ाई में निरंतरता बनाए रखने में सहायता मिलने की उम्मीद है।</p>
<p>कार्यक्रम के अंत में विकासखंड शिक्षा अधिकारी आरएल चौहान ने आभार व्यक्त किया। उन्होंने क्षेत्र को मिली इस उपलब्धि के लिए विधायक राजकुमार मेव को बधाई देते हुए उनका आभार जताया।</p>
<p>समारोह में ग्राम पंचायत लाड़वी के सरपंच रतन रंधावा, महेश्वर मंडल महामंत्री महादेव पाटीदार, दिनेश यादव, समीर जैन, दयाराम मुवेल, बीआरसी मनीष डोंगरे और सांदीपनी स्कूल के प्राचार्य बिरजू गुप्ता सहित जनप्रतिनिधि, विभागीय अधिकारी तथा छात्रावासों के अधीक्षक एवं अधीक्षिकाएं उपस्थित रहे।</p>
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		<title>कुशोत्पाटिनी अमावस्या पर विधि-विधान से ग्रहण की जाएगी पवित्र कुशा</title>
		<link>https://swarajvani.com/sacred-kusha-grass-to-be-collected-with-traditional-rituals-on-kushotpatini/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Fri, 11 Sep 2026 08:52:02 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bamhori]]></category>
		<category><![CDATA[Bamhori News]]></category>
		<category><![CDATA[Dai]]></category>
		<category><![CDATA[Havan and Yagya]]></category>
		<category><![CDATA[Hindu Festival]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Religious News]]></category>
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					<description><![CDATA[कुशोत्पाटिनी अमावस्या पर विधि-विधान से ग्रहण की जाएगी पवित्र कुशा सालभर पूजा-पाठ, यज्ञ, श्राद्ध और तर्पण में होता है उपयोग, मंत्रोच्चार के साथ जड़ से उखाड़ने की परंपरा बम्होरी। भाद्रपद ... <a title="कुशोत्पाटिनी अमावस्या पर विधि-विधान से ग्रहण की जाएगी पवित्र कुशा" class="read-more" href="https://swarajvani.com/sacred-kusha-grass-to-be-collected-with-traditional-rituals-on-kushotpatini/" aria-label="Read more about कुशोत्पाटिनी अमावस्या पर विधि-विधान से ग्रहण की जाएगी पवित्र कुशा">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>कुशोत्पाटिनी अमावस्या पर विधि-विधान से ग्रहण की जाएगी पवित्र कुशा</strong></h1>
<h2><strong>सालभर पूजा-पाठ, यज्ञ, श्राद्ध और तर्पण में होता है उपयोग, मंत्रोच्चार के साथ जड़ से उखाड़ने की परंपरा</strong></h2>
<p><strong>बम्होरी।</strong> भाद्रपद मास की अमावस्या को कुशोत्पाटिनी अमावस्या, कुशग्रहणी अमावस्या अथवा कुशी अमावस्या के नाम से जाना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस दिन पूजा-पाठ, हवन, यज्ञ, श्राद्ध और पितृ तर्पण जैसे धार्मिक कार्यों में उपयोग की जाने वाली पवित्र कुशा को विधि-विधान के साथ ग्रहण कर सुरक्षित रखा जाता है।</p>
<p>मान्यता है कि कुशोत्पाटिनी अमावस्या पर विधिपूर्वक ग्रहण की गई कुशा का उपयोग पूरे वर्ष विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों और कर्मकांडों में किया जा सकता है। इसी कारण पुरोहित, कर्मकांडी ब्राह्मण और श्रद्धालु इस दिन विशेष रूप से कुशा का संग्रह करते हैं।</p>
<h3><strong>प्रातः स्नान के बाद ग्रहण करें कुशा</strong></h3>
<p>पंडित लक्ष्मीनारायण आचार्य और अमित व्यास ने बताया कि धार्मिक परंपरा के अनुसार कुशा को प्रातःकाल स्नान करने के बाद ग्रहण करना शुभ माना गया है। कुशा ग्रहण करते समय व्यक्ति का मुख पूर्व अथवा उत्तर दिशा की ओर होना चाहिए।</p>
<p>उन्होंने बताया कि कुशा को चाकू, हंसिया या कैंची से काटने के बजाय दाहिने हाथ से जड़ सहित एक बार में उखाड़ने की परंपरा है। कुशा ग्रहण करते समय मन में श्रद्धा, पवित्रता और धार्मिक भावना का होना भी आवश्यक माना गया है।</p>
<h3><strong>स्वच्छ और हरी-भरी कुशा का करें चयन</strong></h3>
<p><img decoding="async" class="wp-image-356363 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfd-1-196x300.jpeg" alt="dfd 1" width="338" height="517" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfd-1-196x300.jpeg 196w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfd-1-669x1024.jpeg 669w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfd-1-768x1176.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfd-1-1003x1536.jpeg 1003w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dfd-1.jpeg 1044w" sizes="(max-width: 338px) 100vw, 338px" /><span style="font-size: inherit;">धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पूजा और कर्मकांड के लिए हमेशा हरी-भरी, स्वच्छ, साबुत और बिना कटी-फटी कुशा का चयन करना चाहिए। गंदे स्थान, श्मशान अथवा रास्ते में उगी हुई कुशा को धार्मिक कार्यों में इस्तेमाल नहीं किया जाता।</span></p>
<p>कुशा ग्रहण करने से पहले आसपास के स्थान की स्वच्छता का ध्यान रखने की भी परंपरा है। उखाड़ी गई कुशा को जमीन पर इधर-उधर रखने के बजाय साफ कपड़े या पात्र में सुरक्षित रखा जाना चाहिए।</p>
<h3><strong>कुशा उखाड़ते समय करें मंत्रोच्चार</strong></h3>
<p>पंडितों के अनुसार कुशा ग्रहण करते समय मंत्रोच्चार करने की परंपरा है। इस दौरान श्रद्धालु निम्न मंत्र का जाप कर सकते हैं—</p>
<p><strong>“विरंचिना सहोत्पन्न परमेष्ठिनिसर्गज।<br />
नुद सर्वाणि पापानि दर्भ स्वस्तिकरो भव॥”</strong></p>
<p>एक अन्य प्रचलित मंत्र इस प्रकार है—</p>
<p><strong>“कुशाग्रे वसते रुद्रः कुशमध्ये तु केशवः।<br />
कुशमूले वसते ब्रह्मा कुशमे देहि मेदिनि॥”</strong></p>
<p>मान्यता है कि मंत्रोच्चार के साथ विधिपूर्वक ग्रहण की गई कुशा को घर के किसी स्वच्छ और पवित्र स्थान पर सुरक्षित रखना चाहिए। इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए इसे पैरों से छूने या अपवित्र स्थान पर रखने से बचना चाहिए।</p>
<h3><strong>एक वर्ष तक धार्मिक कार्यों में उपयोग</strong></h3>
<p>कुशा का उपयोग पूजा-पाठ के साथ हवन, यज्ञ, जप, श्राद्ध, पितृ तर्पण और अन्य वैदिक कर्मकांडों में किया जाता है। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान कुशा से बनी पवित्री को अंगुली में धारण करने की परंपरा भी है। इसके अतिरिक्त आसन और पूजन सामग्री के रूप में भी इसका प्रयोग किया जाता है।</p>
<p>मान्यता के अनुसार कुशोत्पाटिनी अमावस्या पर ग्रहण की गई कुशा वर्षभर उपयोग के योग्य रहती है। नई कुशा ग्रहण करने के बाद पिछले वर्ष की बची हुई कुशा को सम्मानपूर्वक अग्नि में समर्पित करने अथवा पवित्र जल में प्रवाहित करने की परंपरा भी बताई गई है।</p>
<h3><strong>वैदिक कर्मकांड में कुशा का विशेष महत्व</strong></h3>
<p><img loading="lazy" decoding="async" class="wp-image-356364 alignright" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dsfd-300x300.jpeg" alt="dsfd" width="457" height="457" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dsfd-300x300.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dsfd-1024x1024.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dsfd-150x150.jpeg 150w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dsfd-768x768.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/09/dsfd.jpeg 1280w" sizes="auto, (max-width: 457px) 100vw, 457px" />धार्मिक मान्यताओं में कुशा को सामान्य घास नहीं, बल्कि वैदिक अनुष्ठानों की महत्वपूर्ण और पवित्र सामग्री माना गया है। पूजा के दौरान शुद्धता बनाए रखने, संकल्प लेने और विभिन्न कर्मकांडों को विधिपूर्वक पूर्ण करने में इसका विशेष स्थान बताया गया है।</p>
<p>यही कारण है कि भाद्रपद अमावस्या के दिन कुशा ग्रहण करने की परंपरा प्राचीन समय से चली आ रही है। श्रद्धालु इस दिन स्नान और पूजा के बाद मंत्रोच्चार करते हुए कुशा ग्रहण करते हैं तथा उसे पूरे वर्ष के धार्मिक अनुष्ठानों के लिए श्रद्धापूर्वक सुरक्षित रखते हैं।</p>
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		<title>Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में</title>
		<link>https://swarajvani.com/indore-encroachment-drive-additional-dcp-pushed-to-ground-during-action-six-youths-detained/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Palak Rajput]]></dc:creator>
		<pubDate>Wed, 09 Sep 2026 10:55:03 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[indore]]></category>
		<category><![CDATA[Dai]]></category>
		<category><![CDATA[Illegal Construction Demolition]]></category>
		<category><![CDATA[Indore News]]></category>
		<category><![CDATA[Indore Police]]></category>
		<category><![CDATA[Madhya Pradesh News]]></category>
		<category><![CDATA[Municipal Corporation Action]]></category>
		<category><![CDATA[Police Officer Pushed]]></category>
		<category><![CDATA[Revenue Department]]></category>
		<category><![CDATA[Six Youths Detained]]></category>
		<category><![CDATA[vernment Land Encroachment]]></category>
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					<description><![CDATA[Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में साउथ तोड़ा क्षेत्र में राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त ... <a title="Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में" class="read-more" href="https://swarajvani.com/indore-encroachment-drive-additional-dcp-pushed-to-ground-during-action-six-youths-detained/" aria-label="Read more about Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>Indore Encroachment Action: अतिक्रमण हटाने के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का, जमीन पर गिरे; 6 युवक हिरासत में</strong></h1>
<h2><strong>साउथ तोड़ा क्षेत्र में राजस्व विभाग, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; 50 शेड और छह मकानों के अवैध हिस्से हटाए</strong></h2>
<p><strong>इंदौर।</strong> शहर के साउथ तोड़ा क्षेत्र में बुधवार को सरकारी जमीन से अतिक्रमण हटाने के लिए पहुंची प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम को विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान मौके पर मौजूद भीड़ को पीछे हटाते समय एक युवक ने कथित रूप से एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल को धक्का दे दिया। इससे उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर पड़े।</p>
<p>घटना के बाद पुलिस ने तत्काल स्थिति संभाली और मौके से छह युवकों को हिरासत में लिया। अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज और मौके पर मौजूद पुलिसकर्मियों से जानकारी जुटाकर मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>भारी अमले के साथ पहुंची थी टीम</strong></h2>
<p>चंद्रभागा स्थित विद्या गौड़ मंदिर से दौलतगंज की ओर जाने वाले मार्ग के दोनों तरफ किए गए अतिक्रमण हटाने के लिए बुधवार सुबह संयुक्त कार्रवाई शुरू की गई। टीम में राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ नगर निगम का रिमूवल अमला और बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी शामिल थे।</p>
<p>नगर निगम की टीम 100 से अधिक कर्मचारियों, तीन पोकलेन मशीन और छह जेसीबी के साथ मौके पर पहुंची थी। कार्रवाई के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 80 से अधिक पुलिस अधिकारी और जवान तैनात किए गए थे।</p>
<p>अधिकारियों ने संबंधित क्षेत्र को सुरक्षित कर अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई प्रारंभ की। इस दौरान मार्ग पर आम लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया गया और लोगों को कार्रवाई वाले स्थान से दूर रहने की हिदायत दी गई।</p>
<h2><strong>सरकारी जमीन पर बने थे दुकान और गोदाम</strong></h2>
<p>प्रशासन के मुताबिक, साउथ तोड़ा क्षेत्र में करीब 0.400 हेक्टेयर शासकीय भूमि पर अवैध कब्जा किया गया था। जमीन के अलग-अलग हिस्सों पर दुकानें, गोदाम, शेड और मकानों के हिस्से बना लिए गए थे।</p>
<p>संबंधित विभागों द्वारा जमीन का सीमांकन और दस्तावेजों का परीक्षण करने के बाद अतिक्रमण चिह्नित किए गए। इसके बाद संयुक्त टीम को निर्माण हटाने के लिए मौके पर भेजा गया। कार्रवाई के दौरान मशीनों की सहायता से अवैध निर्माणों को तोड़ा गया।</p>
<p>नगर निगम के अनुसार, अभियान के दौरान करीब 50 शेड और छह मकानों के अवैध हिस्से हटाए गए। अधिकारियों ने बताया कि कार्रवाई सरकारी जमीन को कब्जे से मुक्त कराने के उद्देश्य से की गई।</p>
<h2><strong>कार्रवाई के दौरान जमा हो गई भीड़</strong></h2>
<p>नगर निगम द्वारा निर्माण हटाने की कार्रवाई शुरू होते ही वहां बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और प्रभावित परिवार एकत्रित हो गए। कुछ लोगों ने कार्रवाई का विरोध किया और अधिकारियों से चर्चा करने की मांग की।</p>
<p>पुलिसकर्मियों ने भीड़ को मशीनों और कार्रवाई वाले हिस्से से पीछे हटाने का प्रयास किया। अधिकारियों ने लोगों को समझाइश दी कि मशीनों के आसपास खड़े रहने से दुर्घटना हो सकती है। इसके बावजूद मौके पर कुछ समय के लिए तनाव की स्थिति बन गई।</p>
<p>भीड़ बढ़ने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारी स्वयं मोर्चा संभालने पहुंचे। एडिशनल डीसीपी दिशेष अग्रवाल भी लोगों को कार्रवाई स्थल से पीछे हटाने और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रहे थे।</p>
<h2><strong>भीड़ में पीछे से मारा गया धक्का</strong></h2>
<p>पुलिस के अनुसार, भीड़ को पीछे करते समय वहां मौजूद एक युवक ने एडिशनल डीसीपी को पीछे से धक्का दे दिया। अचानक धक्का लगने के कारण उनका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिर गए।</p>
<p>मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों ने उन्हें तुरंत संभाला। घटना के बाद पुलिस ने भीड़ को हटाया और धक्का देने तथा हंगामा करने के संदेह में छह युवकों को हिरासत में लिया।</p>
<p>अधिकारियों ने बताया कि घटना के वीडियो भी सामने आए हैं। पुलिस फुटेज की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास करेगी कि धक्का किसने दिया और हंगामे में अन्य किन लोगों की भूमिका थी। जांच के बाद संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ प्रासंगिक धाराओं में मामला दर्ज किया जा सकता है।</p>
<h2><strong>छह युवकों से की जा रही पूछताछ</strong></h2>
<p>मौके से हिरासत में लिए गए छह युवकों को पुलिस थाने ले जाया गया, जहां उनसे घटना के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि विरोध अचानक हुआ या लोगों को कार्रवाई रोकने के लिए पहले से एकत्रित किया गया था।</p>
<p>हिरासत में लिए जाने का अर्थ आरोप सिद्ध होना नहीं है। वीडियो फुटेज, प्रत्यक्षदर्शियों और मौके पर तैनात अधिकारियों के बयानों के आधार पर प्रत्येक व्यक्ति की भूमिका निर्धारित की जाएगी।</p>
<p>पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शासकीय कार्रवाई में बाधा पहुंचाने, पुलिस अधिकारी से धक्का-मुक्की करने या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।</p>
<h2><strong>विरोध के बावजूद जारी रही कार्रवाई</strong></h2>
<p>घटना के बाद कुछ समय के लिए कार्रवाई प्रभावित हुई, लेकिन पुलिस ने स्थिति पर नियंत्रण प्राप्त कर लिया। इसके बाद नगर निगम के अमले ने मशीनों की सहायता से चिह्नित अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रखा।</p>
<p>अधिकारियों ने टीम को सुरक्षा के बीच कार्रवाई पूरी करने के निर्देश दिए। नगर निगम कर्मचारियों ने सड़क के दोनों ओर बने शेड और अन्य अवैध हिस्सों को हटाया। कार्रवाई के बाद मलबे को हटाकर मार्ग को व्यवस्थित करने का काम भी शुरू किया गया।</p>
<h2><strong>नगर निगम ने दी सख्त चेतावनी</strong></h2>
<p>नगर निगम के अधिकारियों ने कहा कि शहर में सरकारी जमीन, सड़क, फुटपाथ और सार्वजनिक उपयोग की भूमि पर किए गए अवैध कब्जों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। चिह्नित अतिक्रमणों को नियमानुसार हटाया जाएगा।</p>
<p>प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरकारी अथवा सार्वजनिक भूमि पर किसी प्रकार का अवैध निर्माण नहीं करें। किसी संपत्ति या निर्माण से संबंधित दस्तावेज होने की स्थिति में उन्हें निर्धारित प्रक्रिया के तहत सक्षम अधिकारी के समक्ष प्रस्तुत किया जाना चाहिए।</p>
<p>साउथ तोड़ा की कार्रवाई के दौरान एडिशनल डीसीपी को धक्का दिए जाने की घटना को अधिकारियों ने गंभीरता से लिया है। पुलिस अब फुटेज की जांच और हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।</p>
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