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	<title>Belgaon Wali Mata Temple &#8211; Swaraj Vani</title>
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	<title>Belgaon Wali Mata Temple &#8211; Swaraj Vani</title>
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		<title>चंदेरी: बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क कब? श्रद्धालुओं को आवागमन में हो रही परेशानी</title>
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		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 11:40:31 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Ashoknagar]]></category>
		<category><![CDATA[Bamori News]]></category>
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					<description><![CDATA[चंदेरी: आस्था के नौ रूप और जवाबदेही के नौ सवाल डॉ. जयेन्द्र जैन &#8216;निप्पू चंदेरी&#8217;  चंदेरी की धरती निराली है। यहाँ इतिहास पत्थरों पर लिखा है और संस्कृति जीवन में ... <a title="चंदेरी: बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क कब? श्रद्धालुओं को आवागमन में हो रही परेशानी" class="read-more" href="https://swarajvani.com/huge-devotee-crowds-gather-at-belgaon-wali-mata/" aria-label="Read more about चंदेरी: बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क कब? श्रद्धालुओं को आवागमन में हो रही परेशानी">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>चंदेरी: आस्था के नौ रूप और जवाबदेही के नौ सवाल</strong></h1>
<p><em>डॉ. जयेन्द्र जैन &#8216;निप्पू चंदेरी&#8217; </em></p>
<p>चंदेरी की धरती निराली है। यहाँ इतिहास पत्थरों पर लिखा है और संस्कृति जीवन में बसी है। किले की ऊँचाई पर गर्व होता है, पर बरसात में सदर बाजार की गलियाँ नदी का छोटा रूप बन जाती हैं। इतिहास के पत्थर सदियों से टिके हैं, जबकि जनता की समस्याएँ हर बरसात में नए सिरे से सिर उठाती हैं। नवरात्र में माँ दुर्गा के नौ स्वरूपों की पूजा हो रही है। इन नौ देवियों को जनता की नौ बुनियादी अपेक्षाओं से जोड़ें, तो एक सीधा सवाल उभरता है: आश्वासन से आगे काम कब दिखेगा?</p>
<h2><strong>पानी और शिक्षा: बुनियादी जरूरतें</strong></h2>
<p><strong>पानी (माँ शैलपुत्री):</strong> चंदेरी बावड़ियों और तालाबों की विरासत वाला नगर है, इसलिए यहाँ जल प्रबंधन को प्राथमिकता मिलनी चाहिए। समस्या आने पर कोई पुरानी सरकार को दोष देता है, कोई भविष्य की योजना गिनाता है, और जनता खाली बर्तन लेकर निकल जाती है। उसे बैठकों की संख्या नहीं, यह जानना है कि घर में पानी कितने दिन और कितने समय आएगा।</p>
<p><strong>शिक्षा (माँ ब्रह्मचारिणी):</strong> मंचों पर डिजिटल इंडिया की बातें खूब होती हैं, पर असली परीक्षा कक्षा में है। शिक्षक पर्याप्त हैं या नहीं, पुस्तकालय और प्रयोगशाला हैं या नहीं, गरीब विद्यार्थियों को मार्गदर्शन मिल रहा है या नहीं, इसका सार्वजनिक आकलन होना चाहिए। देश का भविष्य भाषणों में नहीं, कक्षाओं में बनता है।</p>
<p><img fetchpriority="high" decoding="async" class="size-medium wp-image-367297 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1-225x300.jpeg" alt="whatsapp image 2026 10 15 at 4.33.26 am 1" width="225" height="300" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1-225x300.jpeg 225w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1-768x1024.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1-1152x1536.jpeg 1152w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1.jpeg 1200w" sizes="(max-width: 225px) 100vw, 225px" /></p>
<h2><strong>सुरक्षा और स्वास्थ्य: नागरिक की सुविधा</strong></h2>
<p><strong>महिला सुरक्षा (माँ चंद्रघंटा):</strong> नारी सम्मान का अर्थ केवल उत्सवों में सम्मान नहीं है। बेटी सुरक्षित स्कूल जा सके, महिला निर्भय होकर बाजार पहुँचे और शिकायत पर समय से कार्रवाई हो, यही कसौटी है। सार्वजनिक स्थानों पर रोशनी और शिकायतों की सुनवाई जरूरी है।</p>
<p><strong>अस्पताल (माँ कूष्मांडा):</strong> बीमार को डॉक्टर, दवा और जाँच चाहिए, उद्घाटन समारोह नहीं। सितंबर 2026 में अस्पताल मार्ग पर जलभराव, गंदे पानी और गड्ढों की खबर आई थी। अस्पताल पहुँचने के लिए सड़क की परीक्षा पास करनी पड़े, तो विकास की भी स्वास्थ्य-जाँच जरूरी है।</p>
<p><strong>बच्चों का पोषण (माँ स्कंदमाता):</strong> योजनाओं की सफलता फाइल में नहीं, थाली में दिखनी चाहिए। आंगनवाड़ी केंद्र नियमित चल रहे हैं या नहीं और सहायता जरूरतमंद परिवारों तक पहुँच रही है या नहीं, इसका पारदर्शी आकलन होना चाहिए।</p>
<h2><strong>रोजगार और नशा: युवाओं का भविष्य</strong></h2>
<p><strong>रोजगार (माँ कात्यायनी):</strong> चंदेरी की साड़ी की पहचान दूर तक है, पर सवाल है कि कारीगरों और युवाओं की आमदनी उतनी बढ़ी या नहीं। पर्यटक का खर्च स्थानीय अर्थव्यवस्था तक पहुँचे, इसके लिए पर्यटन, हस्तशिल्प, कौशल प्रशिक्षण और छोटे उद्यमों को साथ बढ़ावा देना होगा।</p>
<p><strong>नशा (माँ कालरात्रि):</strong> नशा केवल कानून-व्यवस्था का प्रश्न नहीं है। शिकायतों पर निष्पक्ष कार्रवाई जरूरी है, पर युवाओं को खेल मैदान, पुस्तकालय, प्रशिक्षण और परामर्श जैसे अवसर भी चाहिए। केवल &#8220;गलत रास्ते पर मत जाओ&#8221; कहना काफी नहीं।</p>
<h2><strong>सफाई और सुशासन: जलभराव से जवाबदेही तक</strong></h2>
<p><strong>सफाई और जलनिकासी (माँ महागौरी):</strong> सितंबर 2026 में भारी बारिश के बाद सदर बाजार में पानी भरा और दुकानों में घुस गया। बारिश प्रकृति का काम है, पर निकासी की व्यवस्था नगर प्रबंधन का। बार-बार जलभराव वाले स्थानों पर अस्थायी सफाई नहीं, तकनीकी सर्वेक्षण और स्थायी समाधान चाहिए। जनता निरीक्षण की तस्वीर नहीं, समाधान की तस्वीर चाहती है।</p>
<p><strong>सुशासन (माँ सिद्धिदात्री):</strong> चुनाव में जनता मालिक होती है, उसके बाद फरियादी क्यों बन जाती है? प्रमुख कार्यों की सूची, बजट, शुरुआत और समाप्ति की तारीख और जिम्मेदार विभाग सार्वजनिक होने चाहिए। काम समय पर हो तो श्रेय मिले, देरी हो तो कारण बताए जाएँ।</p>
<p><img decoding="async" class="size-medium wp-image-367298 aligncenter" src="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-300x135.jpeg" alt="whatsapp image 2026 10 15 at 4.33.26 am" width="300" height="135" srcset="https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-300x135.jpeg 300w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-1024x461.jpeg 1024w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am-768x346.jpeg 768w, https://swarajvani.com/wp-content/uploads/2026/10/whatsapp-image-2026-10-15-at-4.33.26-am.jpeg 1280w" sizes="(max-width: 300px) 100vw, 300px" /></p>
<h2><strong>जनप्रतिनिधियों से पाँच सीधे सवाल</strong></h2>
<p>ये सवाल किसी दल के विरोध में नहीं, जवाबदेही की भावना से हैं:</p>
<ol>
<li>क्या सभी वार्डों में पेयजल, सड़क, नाली, सफाई और स्ट्रीट लाइट का सार्वजनिक सर्वेक्षण हुआ है?</li>
<li>सदर बाजार और अस्पताल मार्ग के जलभराव के लिए क्या समयबद्ध कार्ययोजना है?</li>
<li>पर्यटन और साड़ी उद्योग से युवाओं, कारीगरों और महिलाओं को रोजगार देने के लिए क्या ठोस कदम उठे हैं?</li>
<li>स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सुरक्षा और पोषण योजनाओं का लाभ पात्र नागरिकों तक पहुँच रहा है या नहीं, इसकी सार्वजनिक समीक्षा कैसे होती है?</li>
<li>नगरपालिका के कार्यों, बजट और प्रगति की जानकारी नागरिकों को आसानी से क्यों न मिले?</li>
</ol>
<h2><strong>अंतिम बात: आस्था के साथ जवाबदेही</strong></h2>
<p>समस्याएँ एक दिन में नहीं बनीं, न एक दिन में सुलझेंगी, और इसमें पूर्ववर्ती तथा वर्तमान दोनों व्यवस्थाओं की भूमिका है। पर पुरानी समस्या का हवाला देकर वर्तमान जिम्मेदारी से बचा नहीं जा सकता। राजनीति का उद्देश्य आरोप नहीं, प्रतिस्पर्धा के जरिए बेहतर काम होना चाहिए। व्यंग्य का मकसद भी केवल हँसाना नहीं, सोचने पर विवश करना है।</p>
<p>इसलिए चंदेरी की जनता का सवाल सीधा है: ढोलिया गेट, राजघाट रोड और बाजार से दिल्ली दरवाजे का पानी कब निकलेगा, अस्पताल का रास्ता कब सुधरेगा, और आम आदमी को अपने काम के लिए कितनी बार दफ्तर जाना पड़ेगा? इनका उत्तर नारों में नहीं, काम में दिखना चाहिए।</p>
<p>माँ दुर्गा से प्रार्थना है कि आस्था की ज्योति जलती रहे और जनसेवा का संकल्प कागजों से निकलकर धरातल पर दिखे। <strong>जय माता दी!</strong></p>
<p><strong><em>डॉ. जयेन्द्र जैन &#8216;निप्पू चंदेरी&#8217;, राष्ट्रीय गौरव, सामाजिक चिंतक एवं पत्रकार</em></strong></p>
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		<title>नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़</title>
		<link>https://swarajvani.com/navratri-rush-at-belgaon-wali-mata-temple/</link>
		
		<dc:creator><![CDATA[Kumkum Soni]]></dc:creator>
		<pubDate>Thu, 15 Oct 2026 11:30:42 +0000</pubDate>
				<category><![CDATA[Bamhori]]></category>
		<category><![CDATA[Bamori News]]></category>
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					<description><![CDATA[नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़  संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु, कच्चे रास्ते के कारण दर्शनार्थियों को हो ... <a title="नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़" class="read-more" href="https://swarajvani.com/navratri-rush-at-belgaon-wali-mata-temple/" aria-label="Read more about नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़">Read more</a>]]></description>
										<content:encoded><![CDATA[<h1><strong>नवरात्रि में बेलगांव वाली माता के दरबार में उमड़ रही भक्तों की भीड़ </strong></h1>
<p><strong>संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर दूर-दूर से पहुंचते हैं श्रद्धालु, कच्चे रास्ते के कारण दर्शनार्थियों को हो रही परेशानी</strong></p>
<p><strong>बम्होरी।</strong> नवरात्रि पर्व के अवसर पर क्षेत्र के प्रसिद्ध बेलगांव वाली माता मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ रही है। प्राकृतिक जंगलों की हरियाली के बीच ऊंची पहाड़ी पर स्थित माता रानी का यह प्राचीन मंदिर लंबे समय से लोगों की आस्था का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। नवरात्रि के पहले दिन से ही यहां आसपास के गांवों के साथ दूर-दराज के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए पहुंच रहे हैं।</p>
<p>स्थानीय मान्यताओं के अनुसार, बेलगांव वाली माता को संतान प्राप्ति वाली माता के नाम से भी जाना जाता है। संतान प्राप्ति की मनोकामना लेकर आने वाले श्रद्धालु माता के दरबार में पूजा-अर्चना करते हैं और अपनी श्रद्धा के अनुसार भेंट अर्पित करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि सच्चे मन से की गई प्रार्थना माता रानी के दरबार में स्वीकार होती है।</p>
<h2><strong>कुंडाली से निकलती है भव्य चुनरी यात्रा</strong></h2>
<p>नवरात्रि के दौरान बेलगांव वाली माता मंदिर में चुनरी चढ़ाने की विशेष परंपरा है। हर वर्ष ग्राम कुंडाली से बेलगांव तक भव्य चुनरी यात्रा निकाली जाती है। इस यात्रा में आसपास के गांवों से महिलाएं, पुरुष और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल होते हैं।</p>
<p>श्रद्धालु पैदल यात्रा करते हुए माता के दरबार पहुंचते हैं और विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर चुनरी अर्पित करते हैं। इस दौरान माता रानी को हलवे का भोग भी लगाया जाता है। चुनरी यात्रा धार्मिक आस्था के साथ-साथ ग्रामीणों की सामूहिक सहभागिता और आपसी जुड़ाव का भी प्रतीक बनी हुई है।</p>
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<h2><strong>कच्चा रास्ता बना श्रद्धालुओं की परेशानी</strong></h2>
<p>एक ओर मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है, वहीं दूसरी ओर मंदिर तक पहुंचने वाला मार्ग अब भी कच्चा होने के कारण परेशानी का कारण बना हुआ है। बेलगांव तक पक्की सड़क नहीं होने से दर्शन के लिए आने वाले लोगों को आवागमन में कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।</p>
<p>वर्तमान में रास्ते पर पत्थर के टुकड़े डाले गए हैं, जिससे दोपहिया और चारपहिया वाहनों को निकालने में परेशानी होती है। ऊबड़-खाबड़ मार्ग के कारण वाहन फिसलने और गिरने का खतरा भी बना रहता है। विशेष रूप से नवरात्रि के दौरान जब बड़ी संख्या में श्रद्धालु मंदिर पहुंचते हैं, तब यह समस्या और अधिक महसूस होती है।</p>
<h2><strong>ग्रामीणों ने की पक्की सड़क निर्माण की मांग</strong></h2>
<p>स्थानीय लोगों के अनुसार, वन विभाग से संबंधित अनुमति और अन्य कारणों के चलते सड़क निर्माण का कार्य लंबे समय से अटका हुआ है। ग्रामीणों और श्रद्धालुओं का कहना है कि मंदिर तक पहुंचने के लिए बेहतर सड़क सुविधा उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों को भी दर्शन के लिए आने-जाने में परेशानी न हो।</p>
<p>श्रद्धालुओं और ग्रामीणों ने संबंधित विभागों से आपसी समन्वय स्थापित कर मार्ग निर्माण की बाधाओं को दूर करने और बेलगांव वाली माता मंदिर तक पक्की सड़क बनवाने की मांग की है। उनका कहना है कि सड़क सुविधा बेहतर होने से नवरात्रि के दौरान ही नहीं, बल्कि पूरे वर्ष माता के दर्शन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी।</p>
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