मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा मिलने पर Indore में ऐतिहासिक माहौल बना। मध्यप्रदेश शासन के निर्णय, चातुर्मास 2026, धर्म प्रभावना समिति और जैन समाज की प्रतिक्रिया पढ़ें।
मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा: Indore में ऐतिहासिक सम्मान, चातुर्मास 2026 की बढ़ी गरिमा
रिपोर्ट: राजेश जैन दद्दू | Indore की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान को उस समय नई ऐतिहासिक उपलब्धि मिली, जब मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किए जाने की घोषणा मध्यप्रदेश शासन द्वारा की गई। यह सम्मान उस समय मिला है जब निर्यापक तीर्थ रक्षक मुनिपुंगव 108 श्री सुधासागर जी महाराज ससंघ का इंदौर में भव्य मंगल प्रवेश हुआ है। इससे पूरे दिगम्बर जैन समाज और श्रद्धालुओं में हर्ष और उत्साह का वातावरण है।
सर सेठ हुकुमचंद जी की धर्मनगरी Indore में वर्षायोग चातुर्मास 2026 को लेकर पहले से ही व्यापक तैयारियां चल रही थीं। अब मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा मिलने से इस आयोजन की गरिमा और बढ़ गई है।
शासन ने दिया विशेष सम्मान
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि मध्यप्रदेश शासन द्वारा पूज्य मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा प्रदान किया गया है। शासन के आदेश के अनुसार यह सम्मान संत परंपरा, तप, त्याग और समाज के प्रति उनके योगदान को ध्यान में रखते हुए दिया गया है।उन्होंने कहा कि यह केवल एक प्रशासनिक निर्णय नहीं बल्कि संत जीवन के प्रति शासन की गहरी श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक है।
धर्म प्रभावना समिति ने जताया हर्ष
सकल दिगम्बर जैन समाज धर्म प्रभावना समिति के अध्यक्ष सपना मनीष गोधा ने कहा कि यह सम्मान केवल एक संत का नहीं बल्कि संपूर्ण संत परंपरा, तपस्या और भारतीय आध्यात्मिक संस्कृति का सम्मान है।उन्होंने कहा कि जिन संतों के चरण जहां पड़ते हैं वहां केवल धार्मिक आयोजन नहीं होते बल्कि समाज में नैतिकता, सेवा, सद्भाव, आत्मजागरण और संस्कारों का वातावरण निर्मित होता है।
इंदौर के लिए गौरव का विषय
Indore स्थित तीर्थ स्वरूप आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर, दलालबाग में वर्षायोग चातुर्मास 2026 का आयोजन होने जा रहा है। पूरे देश से श्रद्धालु इस चातुर्मास में भाग लेने के लिए उत्साहित हैं।ऐसे समय में मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा मिलने से इस आयोजन का महत्व और बढ़ गया है। जैन समाज का मानना है कि यह सम्मान आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा का विषय रहेगा।
संत परंपरा का सम्मान
धर्म प्रभावना समिति ने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं बल्कि उस तपस्वी परंपरा का अभिनंदन है जिसने सदैव समाज को संयम, सदाचार, आत्मकल्याण और राष्ट्रहित का संदेश दिया है।समिति ने मध्यप्रदेश सरकार के इस निर्णय का स्वागत करते हुए शासन के प्रति आभार भी व्यक्त किया।
समाज में खुशी की लहर
राजेश जैन दद्दू ने बताया कि Indore में गुरुदेव के मंगल प्रवेश के साथ ही इस सम्मान की घोषणा होने से पूरे दिगम्बर जैन समाज में उत्साह का वातावरण है। श्रद्धालु इसे ऐतिहासिक क्षण मान रहे हैं।धार्मिक संगठनों का कहना है कि मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा मिलने से संत परंपरा के प्रति समाज और शासन दोनों की आस्था मजबूत हुई है।
निष्कर्ष
Indore की पुण्यभूमि पर मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज को राजकीय अतिथि का दर्जा मिलना केवल एक सरकारी सम्मान नहीं बल्कि संत परंपरा, आध्यात्मिक मूल्यों और भारतीय संस्कृति के प्रति सम्मान का प्रतीक है। वर्षायोग चातुर्मास 2026 के अवसर पर यह उपलब्धि इंदौर और संपूर्ण जैन समाज के लिए ऐतिहासिक मानी जा रही है।


