सिद्ध चक्र महामंडल विधान Indore के तहत आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में अष्टान्हिका पर्व पर भव्य धार्मिक आयोजन, श्रद्धालुओं ने सिद्ध भगवान की आराधना कर अर्घ्य समर्पित किए।
सिद्ध चक्र महामंडल विधान Indore: आदिनाथ जिनालय छत्रपति नगर में सिद्धों की आराधना
संवाददाता : राजेश जैन दद्दू
Indore।
आठ दिवसीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान Indore के पावन आयोजन के अंतर्गत तीर्थ स्वरूप दिगंबर जैन आदिनाथ जिनालय, छत्रपति नगर में भक्तिभाव, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुपम वातावरण बना हुआ है। अष्टान्हिका पर्व के अवसर पर आयोजित इस विशेष धार्मिक अनुष्ठान में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित होकर सिद्ध भगवान की आराधना कर धर्म लाभ प्राप्त कर रहे हैं।
अष्टान्हिका पर्व पर भव्य आयोजन
श्री दिगंबर जैन आदिनाथ धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट के तत्वावधान में तथा युवा पंडित श्री मनीष जैन (बीएम) के निर्देशन में समस्त महिला संगठनों एवं महिला परिषद के सामूहिक सहयोग से आठ दिवसीय सिद्ध चक्र महामंडल विधान का आयोजन किया जा रहा है। प्रतिदिन श्रद्धालु पूर्ण श्रद्धा, भक्ति एवं विधि-विधान के साथ पूजा-अर्चना कर सिद्ध भगवान का आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।धार्मिक अनुष्ठान के दौरान संपूर्ण जिनालय परिसर भक्तिमय वातावरण से गुंजायमान हो रहा है। श्रद्धालुओं द्वारा मंत्रोच्चार, पूजन एवं अर्घ्य समर्पण के साथ धर्म आराधना की जा रही है।
सिद्ध चक्र महामंडल विधान का महत्व
जैन धर्म में सिद्ध चक्र महामंडल विधान को अत्यंत प्रभावशाली एवं पुण्यदायी विधान माना जाता है। इस विधान के माध्यम से श्रद्धालु सिद्ध परमात्मा की आराधना करते हैं तथा आत्मशुद्धि, आध्यात्मिक उन्नति एवं मोक्ष मार्ग की प्रेरणा प्राप्त करते हैं। अष्टान्हिका पर्व के दौरान इस विधान का विशेष महत्व माना गया है।
सौधर्म इन्द्र-इंद्राणी बनने का सौभाग्य
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस वर्ष विधान में सौधर्म इन्द्र-इंद्राणी बनने का सौभाग्य श्री अतुल जैन एवं श्रीमती रजनी जैन (सुपारी वाला परिवार) को प्राप्त हुआ।विधान में सहयोगी पात्रों के रूप में निम्न श्रद्धालुओं ने सिद्ध भगवान की पूजा-अर्चना कर मंडल जी पर अर्घ्य समर्पित किए—
- श्री नीलेश जैन एवं श्रीमती रचना जैन (टैलेंट)
- श्री सुरेंद्र जैन एवं श्रीमती मनीषा जैन (टारगेट)
- श्री अखिलेश जैन (लोहारी वाला)
- श्री देवेंद्र जैन (हीरू)
- श्री श्रेयांश जैन
- श्री आलोक जैन (नेता)
- श्रीमती सुरेखा जैन (रसिया)
- श्री ऋषभ जैन
- श्रीमती ममता नायक
- श्रीमती अर्चना जैन (चैलेंजर)
- श्रीमती रजनी जैन
- श्रीमती वैशाली जैन
- श्रीमती मनीषा जैन
- श्रीमती साधना जैन (खुरई)
सभी ने सामूहिक रूप से सिद्ध भगवान की पूजा-अर्चना करते हुए श्रद्धापूर्वक अर्घ्य समर्पित किए।
समाजजनों की उल्लेखनीय उपस्थिति
धार्मिक आयोजन में समाज के अनेक गणमान्य सदस्य उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख रूप से—
- डॉ. जैनेंद्र जैन
- भूपेंद्र जैन
- सुनील जैन
- वीरेंद्र जैन
- अरविंद जैन
- अखिलेश सोधिया
सहित बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालु उपस्थित रहे और धर्म लाभ प्राप्त किया।
आध्यात्मिक संदेश
विधान के दौरान पंडित श्री मनीष जैन (बीएम) ने कहा कि सिद्ध भगवान की आराधना मनुष्य को आत्मकल्याण, संयम, शुद्धता एवं मोक्ष मार्ग की ओर अग्रसर करती है। अष्टान्हिका पर्व में किया गया धर्माराधन अनंत पुण्य का कारण बनता है तथा जीवन में आध्यात्मिक उन्नति का मार्ग प्रशस्त करता है।

