MP में बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री के 9 ठिकानों पर लोकायुक्त का छापा, करोड़ों की संपत्ति का खुलासा
इंदौर: MP के इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने आय से अधिक संपत्ति के मामले में बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के अधीक्षण यंत्री शिवराम सेमिल के घर और उनसे जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। लोकायुक्त की टीम ने इंदौर, पीथमपुर, धार और मुरैना समेत कुल 9 स्थानों पर सर्चिंग की। प्रारंभिक जांच में अधिकारी और उनके परिवार के नाम पर करोड़ों रुपये की चल-अचल संपत्ति मिलने की बात सामने आई है।
लोकायुक्त अधिकारियों के अनुसार, शिवराम सेमिल के खिलाफ लंबे समय से आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने की शिकायत प्राप्त हो रही थी। जांच में सामने आया कि 33 साल की सरकारी सेवा के दौरान उनकी घोषित आय की तुलना में संपत्ति और निवेश काफी अधिक हैं। कार्रवाई के दौरान कई मकान, औद्योगिक भूखंड, फैक्ट्रियां, कार्यालय, वाहन, सोने-चांदी के आभूषण और नकदी से जुड़े दस्तावेज मिले हैं।
33 साल की नौकरी में आय से कई गुना अधिक संपत्ति
MP लोकायुक्त की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि शिवराम सेमिल की नौकरी के दौरान कुल वैध आय लगभग 2 करोड़ रुपये रही। वहीं, उनके द्वारा किए गए खर्च और निवेश करीब 6.50 करोड़ रुपये से अधिक पाए गए हैं। जीवन-यापन खर्च को जोड़ने के बाद कुल व्यय लगभग 7.16 करोड़ रुपये आंका गया है। यह उनकी ज्ञात आय से करीब 258 प्रतिशत अधिक बताया जा रहा है।
लोकायुक्त अधिकारियों का कहना है कि अभी जांच जारी है और संपत्तियों का पूरा मूल्यांकन किया जा रहा है। संभावना है कि तलाशी के दौरान और भी कई महत्वपूर्ण दस्तावेज और संपत्तियों की जानकारी सामने आ सकती है।
बेटे और परिवार के नाम पर मिली कई संपत्तियां
छापे के दौरान सबसे बड़ा खुलासा यह हुआ कि शिवराम सेमिल के परिवार के सदस्यों के नाम पर भी कई औद्योगिक संपत्तियां दर्ज हैं। इंदौर की सिलिकॉन सिटी स्थित सी-44 में तीन मंजिला मकान मिला है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 20 लाख रुपये बताई गई है। यह संपत्ति परिवार से जुड़ी बताई जा रही है।
इसके अलावा उनके बेटे शुभम सेमिल के नाम पीथमपुर सेक्टर-3 में एक फैक्ट्री मिली है। ‘शुभम इलेक्ट्रिकल’ नाम की इस फैक्ट्री में ट्रांसफार्मर बनाए जाते हैं। करीब 880 वर्गमीटर क्षेत्र में बनी इस फैक्ट्री की अनुमानित लागत लगभग 1 करोड़ 25 लाख रुपये आंकी गई है।
पीथमपुर में कई औद्योगिक संपत्तियां
लोकायुक्त जांच में शिवराम सेमिल की बहू और परिवार के अन्य सदस्यों के नाम से ‘कर्निश पावरजोन’ नाम की फर्म भी सामने आई है। इस फर्म की शेयर पूंजी करीब 50 लाख रुपये बताई गई है। फर्म के नाम से पीथमपुर सेक्टर-3 में प्लॉट नंबर 732 और 749-ए खरीदे गए हैं।
जांच में पाया गया कि प्लॉट नंबर 732 पर पुरानी फैक्ट्री संचालित हो रही है, जबकि प्लॉट नंबर 749-ए पर नई फैक्ट्री का निर्माण किया जा रहा है। दोनों संपत्तियों पर करीब 1 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान लगाया गया है।
बेटे और दामाद के नाम पर भी फैक्ट्रियां
MP लोकायुक्त टीम को धार जिले के उज्जैनी औद्योगिक क्षेत्र में भी कई संपत्तियां मिली हैं। यहां बेटे और दामाद के नाम से ‘एसएस इलेक्ट्रिकल्स’ नाम की फर्म संचालित होना पाया गया है। इस फर्म के नाम से प्लॉट नंबर 184, 185 और 153 खरीदे गए हैं। इन संपत्तियों पर करीब 1 करोड़ 50 लाख रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इसके अलावा ‘कृष्णा पावर’ नाम की फर्म के नाम से 560 वर्गमीटर का भूखंड भी मिला है, जहां फैक्ट्री निर्माण चल रहा है। इस निर्माण पर अब तक करीब 10 लाख रुपये खर्च होने की जानकारी सामने आई है।
लोकायुक्त टीम को ‘ए-वन इलेक्ट्रिकल’ नाम की एक अन्य फैक्ट्री के बारे में भी जानकारी मिली है। यह फैक्ट्री रिश्तेदार के नाम से संचालित बताई जा रही है। इस संपत्ति की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों के अनुसार, इस फैक्ट्री में भी करोड़ों रुपये के निवेश की संभावना है।
कार्यालय और अन्य संपत्तियों की भी जांच
जांच के दौरान शिवराम सेमिल और उनके परिवार से जुड़े कई कार्यालय भी मिले हैं। सिलिकॉन सिटी के सप्तश्रृंगी नगर में एक कार्यालय भवन मिला है, जो पत्नी और बेटे सौरभ सेमिल के नाम बताया जा रहा है। इसकी गाइडलाइन कीमत करीब 60 लाख रुपये आंकी गई है।
इसके अलावा एयरपोर्ट रोड स्थित अंजनी नगर में भी एक कार्यालय मिला है, जहां ‘कर्निश पावरजोन’ से जुड़े दस्तावेजों की जांच की जा रही है। देवास नाका क्षेत्र में सिद्धार्थ फार्म के पास एक अन्य कार्यालय भी मिला है, जिसकी तलाशी जारी है।
वाहन और मकान भी जांच के दायरे में
लोकायुक्त अधिकारियों को ओमेक्स सिटी में बेटों के नाम खरीदे गए प्लॉट की जानकारी भी मिली है। इसकी गाइडलाइन कीमत करीब 20 लाख रुपये बताई गई है। इसके अलावा बेटे की फर्म ‘शुभम इलेक्ट्रिकल’ के नाम से महिंद्रा कंपनी की इलेक्ट्रिक कार खरीदी गई है, जिसकी कीमत करीब 15 लाख रुपये है।
मुरैना के रविदास नगर में भी शिवराम सेमिल के नाम से दो मंजिला मकान मिला है। ग्वालियर लोकायुक्त टीम वहां भी जांच कर रही है। इस मकान की अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई गई है।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
लोकायुक्त ने शिवराम सेमिल के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण संशोधन अधिनियम 2018 की धारा 13(1) बी और 13(2) के तहत मामला दर्ज किया है। अधिकारियों के मुताबिक, जांच पूरी होने के बाद संपत्तियों का अंतिम मूल्यांकन और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
लोकायुक्त संगठन ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी अधिकारी या कर्मचारी के खिलाफ भ्रष्टाचार से जुड़ी जानकारी हो तो इसकी शिकायत लोकायुक्त कार्यालय में की जा सकती है। अधिकारियों का कहना है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
