जन्मदिन विशेष: Shan ने जो भी गाया, शान से गाया और दिलों पर राज किया
30 सितंबर को जन्मदिन विशेष
भारतीय संगीत जगत के लोकप्रिय पार्श्वगायक Shan यानी शांतनु मुखर्जी का जन्म 30 सितंबर 1972 को मुंबई, महाराष्ट्र में हुआ। अपनी मखमली आवाज, चुलबुले अंदाज और रोमांटिक गीतों की खास शैली के कारण शान ने लंबे समय तक संगीत प्रेमियों, खासकर युवाओं के दिलों में अपनी अलग पहचान बनाई। उन्होंने रोमांटिक गीतों से लेकर पार्टी और मस्ती भरे गानों तक अपनी आवाज का जादू बिखेरा।
शान के लिए संगीत किसी विरासत से कम नहीं था। उनके दादा जहोर मुखर्जी गीतकार थे, जबकि उनके पिता मानस मुखर्जी प्रसिद्ध संगीत निर्देशक रहे। उनकी बहन सागरिका भी जानी-मानी गायिका हैं। महज 13 वर्ष की उम्र में पिता को खोने के बाद परिवार की जिम्मेदारियां बढ़ गईं। उनकी मां ने भी परिवार को संभालने के लिए गायन शुरू किया।
जिंगल से शुरू हुआ संगीत का सफर
शान ने बचपन में विज्ञापनों के लिए जिंगल गाकर संगीत की दुनिया में कदम रखा। वर्ष 1989 में फिल्म ‘परिंदा’ के एक गीत में छोटी-सी लाइन गाने से उनके फिल्मी सफर की शुरुआत हुई। इसके बाद उन्होंने अपनी बहन सागरिका के साथ कई पॉप एलबम में काम किया।
उनके एलबम ‘तन्हा दिल’ ने उन्हें युवाओं के बीच खास पहचान दिलाई। ‘तन्हा दिल’ गीत उनकी आवाज और गायकी की ऐसी पहचान बना, जिसने उन्हें घर-घर में लोकप्रिय कर दिया। इसके साथ ही ‘भूल जा’ जैसे गीतों ने भी श्रोताओं के बीच गहरी छाप छोड़ी।
‘मुसु मुसु हंसी’ से मिली बड़ी पहचान
शान को फिल्म ‘प्यार में कभी-कभी’ के गीत ‘मुसु मुसु हंसी’ से बॉलीवुड में बड़ी पहचान मिली। इसके बाद उनके करियर ने तेजी से उड़ान भरी। उन्होंने एक के बाद एक कई लोकप्रिय गीतों को अपनी आवाज दी और अपनी अलग गायकी शैली स्थापित की।
फिल्म ‘फना’ का ‘चांद सिफारिश’ उनकी सबसे चर्चित प्रस्तुतियों में शामिल है। इसके अलावा ‘जब से तेरे नैना’, ‘हे शोना’, ‘सुनो ना’, ‘कुछ तो हुआ है’, ‘चार कदम’, ‘वो लड़की है कहां’, ‘कोई कहे कहता रहे’, ‘मैं ऐसा क्यों हूं’, ‘इट्स द टाइम टू डिस्को’ और ‘बम बम बोले’ जैसे गीतों ने भी उन्हें अलग-अलग पीढ़ियों के श्रोताओं तक पहुंचाया।
‘दिल चाहता है’ का ‘कोई कहे कहता रहे’ उन्होंने केके और शंकर महादेवन के साथ गाया। वहीं ‘कल हो ना हो’ का ‘इट्स द टाइम टू डिस्को’ पार्टी और समारोहों में लंबे समय तक लोकप्रिय रहा। ‘तारे जमीन पर’ का ‘बम बम बोले’ बच्चों और बड़ों दोनों के बीच पसंद किया गया।
रोमांस से पार्टी तक हर अंदाज में जमी आवाज
शान की गायकी की खासियत रही कि उनकी आवाज अलग-अलग तरह के गीतों में सहज रूप से फिट बैठती है। ‘सुनो ना’ और ‘कुछ तो हुआ है’ जैसे रोमांटिक गीतों से लेकर ‘कोई कहे कहता रहे’ और ‘इट्स द टाइम टू डिस्को’ जैसे ऊर्जावान गानों तक उन्होंने अपनी गायकी का अलग रंग दिखाया।
‘तन्हा दिल’ और ‘भूल जा’ जैसे गीतों में उनकी आवाज ने अकेलेपन, भावनाओं और जिंदगी के उतार-चढ़ाव को खूबसूरती से अभिव्यक्त किया। वहीं ‘वो पहली बार’ ने युवाओं के बीच पहले प्यार और कॉलेज के दिनों की यादों को आवाज दी।
गायकी के साथ टीवी पर भी बनाई पहचान
शान ने सिर्फ फिल्मों और एलबम तक ही खुद को सीमित नहीं रखा। उन्होंने कई लोकप्रिय सिंगिंग रियलिटी शो की मेजबानी की और टेलीविजन पर जज की भूमिका भी निभाई। अपनी सहज बातचीत और मुस्कुराते अंदाज के कारण टीवी दर्शकों के बीच भी उनकी अलग पहचान बनी।
व्यक्तिगत जीवन की बात करें तो शान की शादी राधिका मुखर्जी से हुई है और उनके दो बेटे सोहम और शुभ हैं। परिवार और संगीत के साथ उनका सफर लगातार आगे बढ़ता रहा है।
शान की आवाज में एक ऐसी सहजता है, जो गीत को सुनने वाले से सीधे जोड़ती है। कभी रोमांस, कभी दोस्ती, कभी मस्ती तो कभी अकेलेपन की भावनाएं—उन्होंने अलग-अलग भावनाओं को अपनी आवाज में ढाला है। यही वजह है कि उनके कई गीत आज भी श्रोताओं की प्लेलिस्ट में अपनी जगह बनाए हुए हैं।
संगीत की दुनिया के इस हरफनमौला गायक को जन्मदिन पर ढेरों शुभकामनाएं।
— डॉ. सुरेन्द्र मीणा
