Samastipur Train Liquor Smuggling: फर्स्ट AC से 75 लीटर शराब बरामद, नेहा झा के ‘डॉक्टर कनेक्शन’ की जांच
स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में जीजा के साथ बिना टिकट यात्रा करने का दावा, बैग और ब्रीफकेस से मिली अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब
समस्तीपुर। बिहार में लागू शराबबंदी के बीच ट्रेनों से शराब की तस्करी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। नई दिल्ली से जयनगर जा रही स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस के प्रथम श्रेणी वातानुकूलित कोच से रेलवे सुरक्षा एजेंसियों ने करीब 75 लीटर विदेशी शराब बरामद की है। मामले में नेहा कुमारी उर्फ नेहा झा और उसके साथ यात्रा कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई है।
जांच एजेंसियों के अनुसार, दोनों कथित रूप से फर्स्ट एसी के कूपे में बिना वैध टिकट यात्रा कर रहे थे। युवती के पास मौजूद बड़े बैग और ब्रीफकेस से अलग-अलग कंपनियों की शराब की बोतलें मिलने का दावा किया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इतनी बड़ी मात्रा में शराब कहां से खरीदी गई और बिहार में इसकी डिलीवरी किसे दी जानी थी।
प्रारंभिक जांच में शराब की खेप दरभंगा ले जाए जाने और वहां आर्थिक रूप से संपन्न लोगों तथा कुछ डॉक्टरों तक पहुंचाने की तैयारी होने की बात सामने आई है। हालांकि, कथित ग्राहकों या डॉक्टरों की भूमिका की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। जांच पूरी होने से पहले किसी व्यक्ति या पेशे से जुड़े समूह को इस नेटवर्क का हिस्सा मानना उचित नहीं होगा।
बंद मिला था फर्स्ट AC कूपे का दरवाजा
रेलवे अधिकारियों को स्वतंत्रता सेनानी एक्सप्रेस में शराब की बड़ी खेप ले जाए जाने की गोपनीय सूचना मिली थी। ट्रेन समस्तीपुर रेलवे स्टेशन पहुंची तो रेलवे सुरक्षा बल, राजकीय रेल पुलिस और क्राइम इंटेलिजेंस ब्रांच की संयुक्त टीम ने फर्स्ट एसी के एच-1 कोच में जांच शुरू की।
बताया गया कि जिस कूपे में संदिग्ध यात्री मौजूद थे, उसका दरवाजा अंदर से बंद था। टीम ने दरवाजा खुलवाकर यात्रियों से पूछताछ की और उनके टिकट तथा पहचान संबंधी दस्तावेज मांगे। संबंधित यात्रियों के पास वैध टिकट नहीं मिलने का दावा किया गया है।
इसके बाद अधिकारियों ने कूपे में रखे सामान की जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी भी कराई गई, ताकि बरामदगी और तलाशी से संबंधित रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके।
बैग और ब्रीफकेस से निकलीं शराब की बोतलें
तलाशी के दौरान दो बड़े बैग और एक ब्रीफकेस से अलग-अलग ब्रांड की विदेशी शराब की बोतलें बरामद हुईं। जब्त शराब की कुल मात्रा करीब 75 लीटर बताई गई है। के अनुसार, नेहा कुमारी उर्फ नेहा झा को संयुक्त टीम ने फर्स्ट एसी कोच की तलाशी के बाद गिरफ्तार किया।
शराब बरामद होने के बाद आरोपियों को ट्रेन से उतारकर रेल पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने जब्त बोतलों की संख्या, ब्रांड और कुल मात्रा का विवरण दर्ज कर संबंधित कानून के तहत मामला पंजीबद्ध किया है।
यह पूरा मामला इसलिए भी गंभीर माना जा रहा है क्योंकि बिहार में शराब की बिक्री, परिवहन और सेवन पर प्रतिबंध लागू है। दूसरे राज्यों से शराब लाकर बिहार में पहुंचाना कानूनन अपराध है।
जीजा के साथ यात्रा करने का दावा
मीडिया रिपोर्टों में नेहा के साथ यात्रा कर रहे युवक की पहचान ईशान कुमार के रूप में बताई गई है। युवक को कथित रूप से उसका रिश्तेदार या जीजा बताया जा रहा है। हालांकि, दोनों के वास्तविक पारिवारिक संबंध की पुष्टि जांच एजेंसियों के आधिकारिक दस्तावेजों से होना बाकी है।
पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि ट्रेन का आरक्षण किस नाम से कराया गया था। यदि दोनों के पास वैध टिकट नहीं था तो वे फर्स्ट एसी के सुरक्षित माने जाने वाले कूपे तक कैसे पहुंचे और यात्रा के दौरान रेल कर्मचारियों की नजर उन पर क्यों नहीं पड़ी।
जांच का एक प्रमुख बिंदु यह भी है कि शराब से भरे भारी बैग और ब्रीफकेस नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर ट्रेन में कैसे चढ़ाए गए। एजेंसियां संभावित सहयोगियों और स्टेशन पर लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग की जांच कर सकती हैं।
MR बनकर डॉक्टरों से संपर्क का दावा
प्रारंभिक पूछताछ से जुड़ी रिपोर्टों में दावा किया गया है कि नेहा कथित रूप से मेडिकल रिप्रेजेंटेटिव यानी एमआर के रूप में कुछ डॉक्टरों और आर्थिक रूप से संपन्न लोगों से संपर्क रखती थी। संदेह है कि इसी पहचान का इस्तेमाल ब्रांडेड शराब के संभावित ग्राहकों तक पहुंचने के लिए किया जाना था।
यह भी जांच की जा रही है कि शराब पहले से तय ग्राहकों के लिए लाई गई थी या बिहार पहुंचने के बाद स्थानीय नेटवर्क के माध्यम से बेची जानी थी। पुलिस ने अभी तक किसी डॉक्टर या कथित ग्राहक का नाम आधिकारिक रूप से सार्वजनिक नहीं किया है।
इसलिए यह केवल जांच के दौरान सामने आया दावा है। जिन डॉक्टरों या अन्य लोगों को खेप पहुंचाए जाने की चर्चा है, उनकी भूमिका साक्ष्यों और पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पिता और बड़ी बहन के मामलों की भी जांच
नेहा की गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके परिवार की पृष्ठभूमि और पूर्व मामलों की जानकारी भी जुटा रही है। मीडिया रिपोर्टों में दावा किया गया है कि उसके पिता पंकज कुमार झा के खिलाफ करीब दो साल पहले शराब से जुड़ी कार्रवाई हुई थी। नेहा की बड़ी बहन के खिलाफ भी दरभंगा में विदेशी शराब से संबंधित मामला दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
कुछ रिपोर्टों में पिता और बहन के 21 लीटर विदेशी शराब के मामले में जेल जाने का दावा किया गया है। पुलिस इन मामलों के दस्तावेजों की जांच कर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि क्या पुराने मामलों और वर्तमान बरामदगी के बीच कोई सीधा संबंध है।
हालांकि, परिवार के किसी सदस्य पर पहले दर्ज मामले के आधार पर नेहा को किसी संगठित नेटवर्क का हिस्सा नहीं माना जा सकता। वर्तमान मामले में उसकी भूमिका जब्त शराब, यात्रा विवरण, फोन रिकॉर्ड और पूछताछ में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर तय होगी।
दरभंगा कनेक्शन खंगाल रही पुलिस
पुलिस को आशंका है कि शराब की खेप दरभंगा पहुंचाई जानी थी। नेहा और उसकी बहनों के दरभंगा में किराये के मकान में रहने की जानकारी भी जांच में सामने आने का दावा किया गया है। इसके बाद पुलिस संभावित स्थानीय संपर्कों की तलाश कर रही है।
अधिकारियों के सामने मुख्य सवाल है कि शराब का सप्लायर कौन था, खेप की कीमत कितनी थी और इसकी डिलीवरी के बाद भुगतान किस माध्यम से होना था। आरोपियों के मोबाइल फोन, कॉल रिकॉर्ड, डिजिटल भुगतान और यात्रा इतिहास की जांच से नेटवर्क के अन्य सदस्यों का पता चल सकता है।
तस्करी के नए तरीके ने बढ़ाई चिंता
फर्स्ट एसी कोच में शराब की इतनी बड़ी खेप मिलने से रेलवे की सुरक्षा और जांच व्यवस्था पर भी सवाल उठे हैं। आमतौर पर तस्कर पुलिस की नजर से बचने के लिए सामान्य या भीड़भाड़ वाले डिब्बों का उपयोग करते हैं। इस मामले में महंगे और अपेक्षाकृत सुरक्षित माने जाने वाले फर्स्ट एसी कूपे का कथित इस्तेमाल जांच एजेंसियों के लिए नई चुनौती है।
फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ और शराब के स्रोत की जांच जारी है। अदालत में आरोप सिद्ध होने तक गिरफ्तार व्यक्तियों को दोषी नहीं माना जा सकता। पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि यह एक बार की तस्करी थी या इसके पीछे दिल्ली से दरभंगा तक फैला कोई संगठित शराब आपूर्ति नेटवर्क सक्रिय था।
