इलाज के बहाने पिता को दिल्ली ले जाने का आरोप, बेटे ने कलेक्टर से लगाई न्याय की गुहार
अजीज खान तहसील रिपोर्टर बांदरी दैनिक स्वराज वाणी सागर
पिता से संपर्क नहीं होने पर बेटे ने जताई चिंता, प्रशासन से निष्पक्ष जांच और तलाश की मांग
Sagar। सागर जिले के बीना क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पहनना निवासी सतनारायण तिवारी ने अपने ही बड़े भाई के बेटों पर गंभीर आरोप लगाते हुए कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। उनका कहना है कि उनके भतीजे इलाज कराने के बहाने उनके वृद्ध पिता को दिल्ली ले गए, लेकिन उसके बाद से आज तक उन्हें पिता से मिलने या बात करने का अवसर नहीं दिया गया। इस पूरे मामले को लेकर उन्होंने प्रशासन से हस्तक्षेप करने और पिता का पता लगाने की मांग की है।
सतनारायण तिवारी के अनुसार, उनके पिता कुछ समय पहले स्वास्थ्य संबंधी कारणों से इलाज की आवश्यकता में थे। इसी दौरान उनके बड़े भाई के बेटों ने उन्हें बेहतर इलाज कराने का आश्वासन देकर दिल्ली ले जाने की बात कही। परिवार ने इसे सामान्य उपचार की प्रक्रिया समझा, लेकिन इसके बाद से पिता के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी।
उन्होंने आरोप लगाया कि जब भी वे अपने पिता से बात करने के लिए फोन करते हैं, तो हर बार अलग-अलग बहाने बनाए जाते हैं। कभी कहा जाता है कि पिता भोजन कर रहे हैं, कभी बताया जाता है कि वे घर पर नहीं हैं, तो कभी किसी अन्य कारण का हवाला देकर बातचीत नहीं कराई जाती। लगातार कई दिनों से यही स्थिति बनी हुई है, जिससे उन्हें आशंका हो रही है कि उनके साथ कुछ गलत हो सकता है।
सतनारायण तिवारी ने यह भी आरोप लगाया कि उनके पिता के नाम दर्ज पैतृक संपत्ति छोटे भाई के बेटे के नाम कर दी गई है। हालांकि उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि उनका उद्देश्य संपत्ति प्राप्त करना नहीं है। उन्होंने कहा कि उन्हें पैतृक जमीन या किसी प्रकार की संपत्ति से कोई लेना-देना नहीं है। उनकी एकमात्र इच्छा अपने पिता की कुशलक्षेम जानना और उनसे सीधे बातचीत करना है।
उन्होंने कहा कि यदि पिता स्वस्थ हैं और अपनी इच्छा से रह रहे हैं तो उन्हें उनसे बात कराने में किसी को कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। लेकिन लगातार जानकारी छिपाए जाने और बातचीत नहीं कराए जाने से उनकी चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।
इसी को लेकर मंगलवार को सतनारायण तिवारी कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और लिखित आवेदन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की। उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया कि उनके पिता का पता लगाया जाए तथा यह सुनिश्चित किया जाए कि वे सुरक्षित हैं। साथ ही उन्होंने संबंधित लोगों से पूछताछ कर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाने की भी मांग की।

कलेक्टर कार्यालय में दिए गए आवेदन में उन्होंने कहा कि यदि समय रहते मामले की जांच नहीं हुई तो किसी अप्रिय स्थिति से इनकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से मानवीय आधार पर त्वरित कार्रवाई करने की अपील की है।
फिलहाल प्रशासन ने आवेदन प्राप्त कर मामले को संबंधित अधिकारियों के पास जांच के लिए भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। वहीं इस मामले में जिन लोगों पर आरोप लगाए गए हैं, उनकी ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। ऐसे में मामले की सच्चाई जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगी।
