सड़क और बिजली की समस्या को लेकर जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीण, तीन दिन में कार्रवाई नहीं तो चक्काजाम की चेतावनी
क्षेत्रीय विधायक से लेकर प्रशासनिक अधिकारियों तक कई बार दे चुके हैं ज्ञापन, मूलभूत सुविधाओं के लिए भटकने को मजबूर ग्रामीण
Sagar /देवरी। मध्यप्रदेश सरकार आदिवासी और ग्रामीण क्षेत्रों में सड़क, बिजली एवं पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित कर रही है, लेकिन सागर जिले के देवरी क्षेत्र से सामने आया एक मामला इन दावों पर सवाल खड़े करता है। यहां ग्राम उमरखोय के ग्रामीण आज भी सड़क और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं के लिए प्रशासन के चक्कर लगाने को मजबूर हैं।
मंगलवार को देवरी अनुविभागीय अधिकारी (राजस्व) कार्यालय में आयोजित जनसुनवाई में ग्राम पंचायत चिरचिटा सुखजू के ग्राम उमरखोय से ग्रामीण सड़क और बिजली की समस्या को लेकर पहुंचे। ग्रामीणों ने एसडीएम के समक्ष लिखित आवेदन सौंपकर वर्षों से चली आ रही समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की।
बारिश में दलदल बन जाता है रास्ता
ग्रामीणों के अनुसार, नीमघाटी के ऊपर एनएच-44 से ग्राम उमरखोय तक पहुंचने वाला मार्ग पक्का नहीं है। बारिश के दौरान सड़क की स्थिति बेहद खराब हो जाती है और रास्ता दलदल में तब्दील हो जाता है। इससे ग्रामीणों के साथ-साथ स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्र-छात्राओं को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है।
ग्रामीणों का कहना है कि सुरक्षित और पक्की सड़क नहीं होने के कारण कई बार जरूरी कामों के लिए गांव से बाहर निकलना भी मुश्किल हो जाता है। ग्रामीण लंबे समय से सड़क निर्माण की मांग कर रहे हैं। इस संबंध में क्षेत्रीय विधायक सहित प्रशासनिक अधिकारियों को कई बार ज्ञापन सौंपे जाने के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं हो सका है।
बिजली की समस्या से पढ़ाई प्रभावित
जनसुनवाई में ग्रामीणों ने गांव में नियमित बिजली आपूर्ति नहीं होने की समस्या भी प्रमुखता से उठाई। ग्रामीणों का कहना है कि बिजली की अनियमित आपूर्ति का सबसे अधिक असर स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों की पढ़ाई पर पड़ रहा है।
