स्मृति ईरानी पर नाना पटोले की टिप्पणी से छत्तीसगढ़ में सियासत गरमाई, सरोज पांडे ने किया पलटवार
रायपुर। छत्तीसगढ़ में स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर कांग्रेस और भाजपा नेताओं के बीच बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस नेता नाना पटोले ने महंगाई के मुद्दे पर स्मृति ईरानी को निशाने पर लिया। उन्होंने उन्हें ‘सिलेंडर वाली बाई’ कहते हुए सवाल किया कि महंगाई को लेकर अब वे चुप क्यों हैं। पटोले की टिप्पणी पर पूर्व सांसद सरोज पांडे ने पलटवार किया और कांग्रेस को अपने नेताओं को महिलाओं के सम्मान के बारे में समझाने की नसीहत दी।
महंगाई के मुद्दे पर कांग्रेस का सवाल
नाना पटोले ने स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे के संदर्भ में महंगाई का मुद्दा उठाया। उन्होंने रसोई गैस सिलेंडर की कीमतों को लेकर सवाल करते हुए कहा कि पहले महंगाई के विरोध में आवाज उठाने वाली स्मृति ईरानी अब इस विषय पर चुप क्यों हैं। ‘सिलेंडर वाली बाई’ कहकर की गई उनकी टिप्पणी के बाद राजनीतिक चर्चा तेज हो गई।
पटोले की टिप्पणी का केंद्र महंगाई और रसोई गैस की कीमतें रहीं। कांग्रेस की ओर से यह सवाल उठाया गया कि आम लोगों को महंगाई से राहत दिलाने के मुद्दे पर भाजपा नेताओं का रुख क्या है। स्मृति ईरानी के दौरे के दौरान इस विषय को उठाकर कांग्रेस ने भाजपा को घेरने की कोशिश की।
स्मृति ईरानी छत्तीसगढ़ में भाजपा की प्रदेश प्रभारी के रूप में संगठन से जुड़ी बैठकों के लिए रायपुर पहुंची थीं। उनके दौरे के दौरान प्रदेश की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर भी देखने को मिला। कांग्रेस ने महंगाई के मुद्दे पर सवाल उठाए, जबकि भाजपा की ओर से पटोले की भाषा और टिप्पणी पर आपत्ति जताई गई।
सरोज पांडे ने बयान पर जताई आपत्ति
नाना पटोले के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए पूर्व सांसद सरोज पांडे ने पलटवार किया। उन्होंने कहा, “नाना पटोले का चरित्र सब जानते हैं।” पांडे ने कांग्रेस से अपने नेताओं को तमीज सिखाने और महिलाओं का सम्मान करना सीखने की बात कही। उनके बयान से स्पष्ट है कि भाजपा ने महंगाई के सवाल से अधिक पटोले की भाषा और महिला के लिए इस्तेमाल किए गए संबोधन पर आपत्ति जताई।
सरोज पांडे ने कांग्रेस को नसीहत देते हुए कहा कि सार्वजनिक जीवन में नेताओं को महिलाओं के प्रति सम्मानजनक भाषा का इस्तेमाल करना चाहिए। उनके पलटवार के बाद मुद्दा महंगाई से आगे बढ़कर राजनीतिक संवाद और नेताओं की भाषा पर भी केंद्रित हो गया। दोनों दलों के नेताओं के बयानों से प्रदेश में सियासी माहौल गरमा गया।
बयानबाजी के बीच महंगाई बना राजनीतिक मुद्दा
महंगाई और रसोई गैस के दाम आम परिवारों से जुड़े मुद्दे हैं। ऐसे में राजनीतिक दलों के नेता इन्हें अपनी-अपनी बात रखने के लिए उठाते रहे हैं। पटोले ने स्मृति ईरानी के पुराने सार्वजनिक रुख का हवाला देते हुए सवाल किया, वहीं सरोज पांडे ने उनकी टिप्पणी को महिलाओं के सम्मान से जोड़कर जवाब दिया।
इस राजनीतिक बयानबाजी में दोनों पक्षों ने अलग-अलग मुद्दों पर जोर दिया। कांग्रेस ने महंगाई पर जवाब मांगा, जबकि भाजपा ने पटोले के शब्दों को अनुचित बताते हुए उनसे और उनकी पार्टी से महिलाओं के सम्मान की अपेक्षा की। फिलहाल, स्मृति ईरानी के दौरे को लेकर छत्तीसगढ़ में राजनीतिक बयान जारी हैं और नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का सिलसिला बना हुआ है।
