—Advertisement—

Gen-Z को यूजलेस समझना गलत, इंदौर में इंद्रेश उपाध्याय ने युवाओं को राजनीति में भागीदारी की दी सलाह

Author Picture
Published On: 26 October 2026
rrrrrrrrrrrrr 1

—Advertisement—

Gen-Z को यूजलेस समझना गलत, इंदौर में इंद्रेश उपाध्याय ने युवाओं को राजनीति में भागीदारी की दी सलाह

इंदौर। देवी अहिल्या विश्वविद्यालय (DAVV) के तक्षशिला परिसर में आयोजित ‘Gen-Z चर्चा’ कार्यक्रम में कथावाचक इंद्रेश उपाध्याय ने युवाओं से संवाद किया। उन्होंने Gen-Z को यूजलेस समझने की धारणा को गलत बताते हुए युवाओं की क्षमता और उनकी भूमिका पर बात की। कार्यक्रम में उन्होंने युवाओं से राजनीति में भागीदारी बढ़ाने की अपील की।

युवाओं की क्षमता को समझने की जरूरत

कार्यक्रम में Gen-Z की भूमिका और उसकी क्षमताओं पर चर्चा हुई। इंद्रेश उपाध्याय ने कहा कि युवाओं को बेकार या अप्रासंगिक मान लेना उचित नहीं है। नई पीढ़ी के पास अपनी सोच, ऊर्जा और समाज को देखने का अलग नजरिया है। युवाओं की इन विशेषताओं को समझना और उन्हें सकारात्मक दिशा देना जरूरी है।

Gen-Z को लेकर अक्सर यह धारणा सामने आती है कि युवा सामाजिक और राजनीतिक विषयों से दूर रहते हैं। कार्यक्रम में इस सोच पर सवाल उठाते हुए युवाओं की ताकत को पहचानने की बात कही गई। युवा अपने विचारों और प्रयासों से समाज में बदलाव ला सकते हैं। इसके लिए उन्हें केवल दर्शक बने रहने के बजाय समाज से जुड़े विषयों पर अपनी भूमिका तय करनी चाहिए।

राजनीति में भागीदारी बढ़ाने की अपील

इंद्रेश उपाध्याय ने युवाओं से राजनीति में सक्रिय भागीदारी बढ़ाने का आह्वान किया। उन्होंने युवाओं को सार्वजनिक जीवन और राजनीतिक प्रक्रियाओं को समझने तथा उनमें अपनी उपस्थिति दर्ज कराने के लिए प्रेरित किया। राजनीति को केवल नेताओं तक सीमित विषय मानने के बजाय, युवाओं के लिए भी इसमें जिम्मेदारी निभाने की संभावना के रूप में देखने की बात सामने आई।

युवाओं की भागीदारी से जनहित के मुद्दों पर नई पीढ़ी की सोच और अपेक्षाएं सामने आ सकती हैं। शिक्षा, रोजगार और समाज से जुड़े विषयों पर युवाओं के विचार सार्वजनिक चर्चा को प्रभावित कर सकते हैं। कार्यक्रम में युवाओं को अपनी क्षमता पहचानने और समाज के प्रति जिम्मेदारी के साथ आगे आने का संदेश दिया गया।

DAVV परिसर में हुआ युवाओं से संवाद

‘Gen-Z चर्चा’ का आयोजन इंदौर स्थित DAVV के तक्षशिला परिसर में किया गया। कार्यक्रम के दौरान इंद्रेश उपाध्याय ने युवाओं से बातचीत की और उनके बीच प्रचलित धारणाओं पर विचार साझा किए। आयोजन ने युवाओं को अपने सवालों और विचारों के साथ संवाद का अवसर दिया।

कार्यक्रम में Gen-Z को लेकर बने सामान्य विचारों और युवाओं की वास्तविक क्षमता के बीच अंतर पर जोर रहा। युवा पीढ़ी को एक ही नजरिए से आंकने के बजाय उनकी प्रतिभा, ऊर्जा और रुचियों को समझने की जरूरत बताई गई। साथ ही, यह संदेश दिया गया कि समाज और देश से जुड़े विषयों में युवाओं की आवाज और भागीदारी महत्वपूर्ण है।

युवाओं के लिए संदेश

इंद्रेश उपाध्याय का संदेश रहा कि Gen-Z को यूजलेस मानना सही नहीं है। युवा समाज की ताकत हैं और उनमें सकारात्मक योगदान देने की क्षमता है। राजनीति और सार्वजनिक जीवन में उनकी भागीदारी बढ़ने से लोकतांत्रिक प्रक्रिया में युवाओं की आवाज अधिक स्पष्ट हो सकती है।

DAVV के तक्षशिला परिसर में आयोजित ‘Gen-Z चर्चा’ के जरिए युवाओं को सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में युवाओं की क्षमता पर भरोसा जताते हुए उन्हें राजनीति में भागीदारी बढ़ाने की अपील की गई।

 

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp