Sagar में 7 अगस्त से बसों के पहिए थमने की चेतावनी! बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
महेंद्र राज सागर जिला ब्यूरो चीफ
मांगें पूरी नहीं हुईं तो 7 अगस्त की रात 12 बजे से अनिश्चितकालीन हड़ताल, रक्षाबंधन पर यात्रियों की बढ़ सकती हैं मुश्किलें
Sagar । रक्षाबंधन के पर्व से पहले मध्यप्रदेश की सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था पर संकट के बादल मंडराने लगे हैं। सागर जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन ने अपनी विभिन्न लंबित मांगों को लेकर कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो 7 अगस्त 2026 की रात 12 बजे से प्रदेशभर में बसों का संचालन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिया जाएगा।
यदि हड़ताल होती है तो रक्षाबंधन जैसे प्रमुख त्योहार के दौरान हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। बहनों, छात्रों, नौकरीपेशा लोगों और ग्रामीण क्षेत्रों से आने-जाने वाले यात्रियों की आवाजाही सबसे अधिक प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन
सागर जिला बस ऑपरेटर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी और सदस्य बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचे। यहां उन्होंने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नाम ज्ञापन सौंपा और परिवहन व्यवस्था से जुड़ी विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग की।
एसोसिएशन का कहना है कि बस संचालक लंबे समय से आर्थिक और प्रशासनिक समस्याओं का सामना कर रहे हैं। कई बार परिवहन विभाग और शासन के समक्ष अपनी मांगें रखी गईं, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसी कारण अब आंदोलन और हड़ताल का निर्णय लेने की नौबत आ गई है।
नई परिवहन स्कीम वापस लेने की मांग
ज्ञापन में बस ऑपरेटर्स ने 7 जुलाई 2026 को जारी नई परिवहन स्कीम पर गंभीर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि नई व्यवस्था से निजी बस संचालकों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाएगा और कई छोटे ऑपरेटरों का व्यवसाय प्रभावित होगा।
एसोसिएशन ने सरकार से मांग की है कि इस नई स्कीम को तत्काल वापस लिया जाए और बस संचालकों से चर्चा के बाद ही नई नीति लागू की जाए।
बढ़ती लागत के अनुसार किराया बढ़ाने की मांग
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि पिछले कुछ वर्षों में डीजल, टायर, स्पेयर पार्ट्स, बीमा, टैक्स, कर्मचारियों के वेतन और वाहन रखरखाव की लागत लगातार बढ़ी है, लेकिन बस किराए में उसी अनुपात में वृद्धि नहीं हुई।
उनका कहना है कि मौजूदा किराए में बसों का संचालन आर्थिक रूप से कठिन होता जा रहा है। इसलिए सरकार को वास्तविक लागत के आधार पर नया किराया तय करना चाहिए ताकि परिवहन सेवाएं सुचारु रूप से संचालित की जा सकें।
टेंडर प्रक्रिया और पंजीयन नियमों पर भी जताई आपत्ति
एसोसिएशन ने प्रस्तावित परिवहन स्कीम के तहत जारी किए गए टेंडरों को निरस्त करने की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि वर्तमान प्रक्रिया से पहले से संचालित बस सेवाओं पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।
इसके साथ ही नई बसों के पंजीयन की प्रक्रिया को सरल बनाने, पहले से पंजीकृत बसों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाई रोकने तथा संचालन संबंधी नियमों को व्यवहारिक बनाने की भी मांग की गई है।
बस संचालकों का कहना है कि यदि नियमों को सरल और पारदर्शी बनाया जाए, तो परिवहन व्यवस्था और अधिक प्रभावी हो सकती है।
15 वर्ष पुराने वाहनों के नियमों में संशोधन की मांग
ज्ञापन में 15 वर्ष पुराने वाहनों के संचालन से जुड़े नियमों में संशोधन की भी मांग की गई है।
बस ऑपरेटर्स का कहना है कि केवल वाहन की आयु के आधार पर निर्णय लेने के बजाय उसकी फिटनेस और तकनीकी स्थिति को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। उनका तर्क है कि कई पुराने वाहन नियमित फिटनेस जांच के बाद भी सुरक्षित और संचालन योग्य होते हैं।
परमिट से जुड़ी समस्याओं का जल्द समाधान हो
एसोसिएशन ने अंतर्राज्यीय मार्गों पर परमिट नवीनीकरण की प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने की मांग की है। इसके अलावा अस्थायी परमिटों की स्वीकृति तथा नए परमिट शीघ्र जारी करने की मांग भी सरकार के सामने रखी गई है।
बस संचालकों का कहना है कि परमिट संबंधी लंबित मामलों के कारण कई बसें संचालन शुरू नहीं कर पा रही हैं, जिससे व्यवसाय के साथ-साथ यात्रियों को भी परेशानी हो रही है।
7 अगस्त से अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी
एसोसिएशन ने साफ शब्दों में कहा है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर शीघ्र निर्णय नहीं लिया तो 7 अगस्त 2026 की रात 12 बजे से प्रदेशभर के बस ऑपरेटर्स अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जाएंगे।
हड़ताल के दौरान निजी बसों का संचालन पूरी तरह बंद किया जा सकता है, जिससे प्रदेश के अधिकांश जिलों में सार्वजनिक परिवहन प्रभावित होने की संभावना है।
रक्षाबंधन पर बढ़ सकती हैं यात्रियों की परेशानियां
हड़ताल की संभावित तारीख रक्षाबंधन के त्योहार से ठीक पहले होने के कारण यात्रियों की चिंता बढ़ गई है।
रक्षाबंधन पर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर यात्रा करते हैं। ऐसे में यदि बस सेवाएं बंद होती हैं तो यात्रियों को वैकल्पिक परिवहन की व्यवस्था करनी पड़ेगी। इससे ट्रेनों और अन्य वाहनों पर अतिरिक्त दबाव बढ़ सकता है तथा किराए में भी बढ़ोतरी की आशंका रहेगी।
ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए स्थिति और अधिक चुनौतीपूर्ण हो सकती है, क्योंकि वहां बसें ही परिवहन का प्रमुख साधन हैं।
सरकार के फैसले पर टिकी निगाहें
फिलहाल बस ऑपरेटर्स की निगाहें राज्य सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं। यदि सरकार समय रहते एसोसिएशन के प्रतिनिधियों से चर्चा कर उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय लेती है, तो प्रस्तावित हड़ताल टल सकती है।
वहीं यदि कोई समाधान नहीं निकलता, तो 7 अगस्त से प्रदेश की बस सेवाओं पर व्यापक असर पड़ सकता है, जिसका सीधा प्रभाव लाखों यात्रियों और परिवहन व्यवस्था पर पड़ेगा।
अब देखना यह होगा कि सरकार और बस ऑपरेटर्स के बीच बातचीत से कोई रास्ता निकलता है या फिर प्रदेश को बस हड़ताल का सामना करना पड़ता है।
