Dabra School Bus Firing: 50 बच्चों से भरी स्कूल बस पर चार राउंड फायरिंग, चालक घायल; सड़क से कार हटाने को लेकर हुआ विवाद
दैनिक स्वराज वाणी, ग्वालियर/डबरा। मध्य प्रदेश के ग्वालियर जिले के डबरा क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 50 बच्चों को लेकर स्कूल जा रही बस पर फायरिंग की सनसनीखेज घटना सामने आई है। सड़क के बीच खड़ी कार हटाने की बात को लेकर हुए विवाद के बाद कार सवार दो युवकों ने कथित तौर पर कट्टे से स्कूल बस पर चार राउंड फायर किए। गोली लगने से बस चालक खेम सिंह घायल हो गया। उसे प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर किया गया है।
घटना के समय बस में करीब 50 विद्यार्थी सवार थे। अचानक हुई फायरिंग से बच्चों में दहशत फैल गई। राहत की बात यह रही कि बस में बैठे किसी भी विद्यार्थी को गोली नहीं लगी। मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की।
टेकनपुर के स्कूल की बताई जा रही बस
जानकारी के अनुसार, बस टेकनपुर स्थित ग्लोरीयस कॉन्वेंट स्कूल की है। शनिवार सुबह चालक अलग-अलग गांवों और क्षेत्रों से बच्चों को लेकर स्कूल जा रहा था। बस जब पिछोर थाना क्षेत्र के बड़ी अकबई गांव के पास पहुंची, तभी सड़क के बीच एक स्विफ्ट कार खड़ी दिखाई दी।
कार सड़क पर खड़ी होने के कारण बस को निकलने के लिए पर्याप्त जगह नहीं मिल रही थी। बस चालक ने हॉर्न बजाकर कार सवार युवकों से वाहन रास्ते से हटाने को कहा। बताया जा रहा है कि कार पर ‘गुर्जर’ लिखा हुआ था और उसके शीशों पर काली फिल्म लगी थी। इन जानकारियों की पुलिस द्वारा जांच की जा रही है।
युवकों ने कहा—कार में पेट्रोल खत्म हो गया
प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, बस चालक के हॉर्न बजाने पर कार में मौजूद युवकों ने कहा कि उनकी गाड़ी का पेट्रोल खत्म हो गया है। रास्ता नहीं खुलने पर बस चालक खेम सिंह नीचे उतरा और कार को धक्का लगाकर किनारे करने का प्रयास करने लगा।
इसी दौरान चालक और कार सवार युवकों के बीच कहासुनी होने की बात सामने आई है। विवाद बढ़ने पर एक युवक ने कथित रूप से कट्टा निकाल लिया और फायरिंग शुरू कर दी। बताया जा रहा है कि आरोपियों ने चार राउंड फायर किए। इनमें से एक गोली चालक को लगी और वह घायल हो गया।
घटना के संबंध में चालक और मौके पर मौजूद लोगों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फायरिंग किन परिस्थितियों में हुई और विवाद किस बात पर बढ़ा, इसकी वास्तविक स्थिति पुलिस जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगी।
फायरिंग होते ही बच्चों में मची चीख-पुकार
जिस समय गोलियां चलाई गईं, उस समय स्कूल बस में करीब 50 बच्चे बैठे थे। अचानक गोलियों की आवाज सुनकर बच्चे घबरा गए और बस में चीख-पुकार मच गई। हमले में बस चालक घायल हो गया, लेकिन किसी बच्चे को गोली नहीं लगी।
घटना में बड़ी जनहानि हो सकती थी। यदि गोली बस के अंदर बैठे किसी विद्यार्थी को लग जाती तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी। बच्चों की सुरक्षा के कारण इस घटना को अत्यंत संवेदनशील माना जा रहा है। घटना की जानकारी मिलने पर विद्यार्थियों के अभिभावक भी चिंतित हो गए।
चालक को ग्वालियर किया गया रेफर
हमले में घायल चालक खेम सिंह को स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिलाया गया। इसके बाद चिकित्सकों ने उसे बेहतर इलाज के लिए ग्वालियर रेफर कर दिया। पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घायल चालक से घटना के बारे में जानकारी ली है।
चालक की चिकित्सकीय रिपोर्ट के आधार पर चोट की प्रकृति स्पष्ट होगी। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि कुल कितनी गोलियां चलीं, किस हथियार का इस्तेमाल किया गया और गोली बस के किन हिस्सों पर लगी।
कार और आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस
घटना की सूचना मिलते ही पिछोर थाना पुलिस ने जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग खंगाल सकती है। इसके साथ ही घटना के समय मार्ग से गुजरने वाले लोगों और स्थानीय ग्रामीणों से पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के लिए स्विफ्ट कार और उसमें सवार दोनों युवकों की पहचान करना प्राथमिकता है। कार पर लिखे शब्द, वाहन का रंग, नंबर और अन्य पहचान चिह्नों के आधार पर संदिग्धों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि पुलिस की आधिकारिक पुष्टि के बिना किसी व्यक्ति या समुदाय को घटना से जोड़ना उचित नहीं होगा।
आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के संबंध में पुलिस की ओर से विस्तृत आधिकारिक जानकारी सामने आने का इंतजार है। हथियार बरामद होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि फायरिंग किस प्रकार के कट्टे या अन्य हथियार से की गई थी।
स्कूल बस की सुरक्षा पर उठे सवाल
बच्चों से भरी बस पर गोली चलाने की घटना ने स्कूल वाहनों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता बढ़ा दी है। स्कूल बसें प्रतिदिन तय मार्गों से बच्चों को लेकर आती-जाती हैं। ग्रामीण और बाहरी क्षेत्रों में कई बार सुनसान मार्गों से भी बसों को गुजरना पड़ता है। ऐसे में किसी विवाद के दौरान बस और बच्चों को निशाना बनाया जाना कानून-व्यवस्था के लिए बड़ी चुनौती है।
स्कूल प्रबंधन से अपेnubध है कि वह घटना की पूरी जानकारी अभिभावकों को दे और बच्चों की सुरक्षित आवाजाही के लिए अतिरिक्त कदम उठाए। संवेदनशील मार्गों पर बसों की निगरानी, चालक और परिचालक को आपातकालीन परिस्थितियों का प्रशिक्षण तथा स्थानीय पुलिस से समन्वय जैसी व्यवस्थाएं उपयोगी हो सकती हैं।
बच्चों और अभिभावकों में दहशत
फायरिंग जैसी घटना का बच्चों की मानसिक स्थिति पर भी प्रभाव पड़ सकता है। बस में मौजूद विद्यार्थियों ने बेहद नजदीक से हिंसक घटना का सामना किया। स्कूल प्रबंधन और परिवारों को बच्चों से शांतिपूर्वक बातचीत कर उनका डर कम करने का प्रयास करना चाहिए।
अभिभावकों ने घटना में शामिल आरोपियों की जल्द पहचान कर गिरफ्तारी और कठोर कार्रवाई की मांग की है। मामले में पुलिस जांच जारी है। आरोपियों के पकड़े जाने और उनके बयान दर्ज होने के बाद घटना के पीछे की पूरी वजह सामने आ सकेगी।
