—Advertisement—

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: दान व्यवस्था में बड़े बदलाव, रोजाना गिनती और बैंक जमा प्रक्रिया सख्त

Author Picture
Published On: 17 June 2026
राम मंदिर चढ़ावा विवाद: दान व्यवस्था में बड़े बदलाव, रोजाना गिनती और बैंक जमा प्रक्रिया सख्त

—Advertisement—

राम मंदिर चढ़ावा विवाद: दान व्यवस्था में बड़े बदलाव, रोजाना गिनती और बैंक जमा प्रक्रिया सख्त

अयोध्या राम मंदिर में दान व्यवस्था पर सख्ती

अयोध्या स्थित श्रीराम मंदिर में चढ़ावे और दान राशि से जुड़ी अनियमितताओं की जांच के बीच मंदिर प्रशासन ने दान व्यवस्था में बड़े बदलाव किए हैं। अब रामलला के चरणों में आने वाले चढ़ावे की गिनती रोजाना की जाएगी और पूरी राशि सीधे बैंक में जमा कराई जाएगी।

सूत्रों के अनुसार, यह कदम दान प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी बनाने और किसी भी प्रकार की वित्तीय गड़बड़ी को रोकने के उद्देश्य से उठाया गया है।

रोजाना 18 से 20 लाख रुपये का चढ़ावा

मंदिर में श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने के साथ दान राशि में भी लगातार वृद्धि देखी जा रही है। वर्तमान में प्रतिदिन लगभग 18 से 20 लाख रुपये का चढ़ावा प्राप्त हो रहा है।

इस राशि की गिनती मंदिर परिसर में निर्धारित प्रक्रिया के तहत की जाती है, जिसके बाद इसे भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की निर्धारित शाखा में जमा कराया जाता है।

पिछले 10 दिनों में लगभग 2 करोड़ रुपये बैंक खातों में जमा किए जा चुके हैं।

श्रद्धालुओं की संख्या बढ़ने से बढ़ा चढ़ावा

रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या में श्रद्धालुओं की संख्या में अभूतपूर्व वृद्धि हुई है। इसके चलते मंदिर में आने वाला दान भी कई गुना बढ़ गया है।

शुरुआत में चढ़ावे की गिनती साप्ताहिक आधार पर होती थी, लेकिन पारदर्शिता और व्यवस्था सुधार के लिए इसे बाद में दैनिक प्रक्रिया में बदल दिया गया।

CBI छापेमारी से बढ़ी हलचल

अयोध्या में बुधवार सुबह केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने छापेमारी की कार्रवाई की, जिससे प्रशासनिक और स्थानीय स्तर पर हलचल बढ़ गई।

यह कार्रवाई अमेठी के वित्त एवं लेखा विभाग में कथित करोड़ों रुपये के घोटाले की जांच के सिलसिले में की गई बताई जा रही है।

CBI टीम ने देवकाली पुलिस चौकी के पास रहने वाले पवन कुमार मालवीय के आवास पर दस्तावेजों की जांच की। यह कार्रवाई करीब एक घंटे तक चली।

कई जिलों में एक साथ जांच

सूत्रों के अनुसार, कोर्ट के आदेश पर CBI ने लखनऊ, अमेठी, प्रतापगढ़, कुशीनगर और अयोध्या सहित कई जिलों में एक साथ छापेमारी की।

यह जांच वित्तीय अनियमितताओं और कथित घोटाले से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर केंद्रित है।

हालांकि, CBI की ओर से इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।

चढ़ावा गिनती व्यवस्था पर भी जांच एजेंसियों की नजर

सूत्रों के मुताबिक, मंदिर में चढ़ावे की गिनती प्रक्रिया में बैंक कर्मचारियों के साथ-साथ एक बाहरी एजेंसी के कर्मचारी भी शामिल थे।

इसी व्यवस्था से जुड़े कुछ लोगों के नाम कथित अनियमितता के मामलों में सामने आने की चर्चा है।

फिलहाल बैंक के लगभग 14 कर्मचारी नियमित रूप से दान राशि की गिनती और रिकॉर्डिंग का कार्य संभाल रहे हैं। अब SIT इस पूरी प्रक्रिया की बारीकी से जांच कर रही है।

मुख्यमंत्री योगी का संभावित अयोध्या दौरा

जानकारी के अनुसार, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 19 जून को अयोध्या दौरे पर आ सकते हैं। वे श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्यगोपाल दास के जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं।

इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री विकास कार्यों, सुरक्षा व्यवस्था और मंदिर प्रबंधन की समीक्षा भी कर सकते हैं।

प्रशासन पहले से ही सुरक्षा और व्यवस्थाओं को लेकर अलर्ट मोड पर है।


राम मंदिर आंदोलन पर राजनीतिक बयानबाजी

इसी बीच भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने राम मंदिर आंदोलन से जुड़े वरिष्ठ नेता विनय कटियार के बयान का समर्थन किया है।

उन्होंने कहा कि आंदोलन में शामिल कई नेताओं को वह सम्मान नहीं मिला, जिसके वे हकदार थे। बृजभूषण ने विनय कटियार की भूमिका को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि उन्होंने आंदोलन में अहम योगदान दिया था।

SIT जांच 2024 से अब तक के रिकॉर्ड पर केंद्रित

राम मंदिर दान प्रकरण की जांच कर रही SIT अब वर्ष 2024 से लेकर वर्तमान तक के रिकॉर्ड खंगाल रही है।

जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मंदिर प्रबंधन में किन लोगों को जिम्मेदारियां दी गई थीं और उनकी निगरानी कैसे की जाती थी।

करीब 150 लोगों को अलग-अलग कार्यों के लिए जिम्मेदारी दी गई थी, जिनमें सुरक्षा, दर्शन व्यवस्था, अतिथि प्रबंधन और प्रशासनिक समन्वय शामिल हैं।

आरोपी पक्ष का बयान

इस मामले में आरोपी टिन्नू यादव की पत्नी पूनम यादव ने सभी आरोपों को साजिश करार दिया है। उनका कहना है कि उनके परिवार को गलत तरीके से बदनाम किया जा रहा है।

उन्होंने दावा किया कि उनके पास मौजूद संपत्ति वैध है और उसका निर्माण राम मंदिर फैसले से पहले ही हो चुका था।

निष्कर्ष

राम मंदिर दान विवाद अब केवल वित्तीय अनियमितताओं तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि यह मंदिर प्रबंधन की पारदर्शिता और प्रशासनिक व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर रहा है।

SIT की जांच और प्रशासनिक सख्ती के बीच अब सभी की नजरें आने वाले दिनों की रिपोर्ट और मुख्यमंत्री के संभावित दौरे पर टिकी हुई हैं।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp