MP Rainy Season Road Travel: बारिश में कार या बाइक से निकलने से पहले जांचें ये जरूरी बातें
मध्य प्रदेश में बारिश के दौरान सड़क से सफर करते समय मौसम, ट्रैफिक और रास्ते की स्थिति की जानकारी लेना जरूरी है। तेज बारिश में जलभराव, फिसलन, गड्ढे, कम दृश्यता और रास्ता बंद होने जैसी परेशानी सामने आ सकती है। कार या बाइक से यात्रा पर निकलने से पहले थोड़ी तैयारी आपको रास्ते में होने वाली मुश्किलों से बचा सकती है।
रवाना होने से पहले मौसम और रास्ते की जानकारी लें
यात्रा शुरू करने से पहले भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) की वेबसाइट या मौसम ऐप पर अपने जिले और रास्ते के मौसम का पूर्वानुमान देखें। भारी बारिश की चेतावनी हो तो गैर-जरूरी यात्रा टालना बेहतर है। IMD की सलाह में भारी बारिश के दौरान संभव हो तो यात्रा से बचने की बात कही गई है।
Google Maps से मार्ग, ट्रैफिक और अनुमानित यात्रा समय देख सकते हैं, लेकिन ऐप को अंतिम सूचना न मानें। रास्ता बंद होने, पुल पर पानी आने या सड़क पर जलभराव की जानकारी स्थानीय पुलिस, प्रशासन और राजमार्ग प्राधिकरण के अपडेट से भी जांचें। किसी रास्ते पर बैरिकेडिंग या “रास्ता बंद” का संकेत हो तो उसे पार करने की कोशिश न करें।
वाहन की जांच करके ही निकलें
बारिश में वाहन के टायर और ब्रेक अच्छी स्थिति में होना जरूरी है। कार के वाइपर, हेडलाइट, टेललाइट, इंडिकेटर और ब्रेक लाइट जांच लें। टायर घिसे हों या उनमें हवा कम-ज्यादा हो तो यात्रा से पहले ठीक करवाएं। बाइक से निकलने वालों को ब्रेक, टायर, हेडलाइट और इंडिकेटर की जांच करनी चाहिए। हेलमेट पहनें और उसकी पट्टी ठीक से बांधें।
कार में रेनकोट, छाता, पानी, फोन चार्जर और जरूरी दवाइयां रख सकते हैं। मोबाइल फोन पूरा चार्ज रखें, लेकिन ड्राइविंग के दौरान उसका इस्तेमाल न करें। रास्ता देखने या कॉल करने के लिए वाहन को सुरक्षित जगह रोकें।
फिसलन भरी सड़क पर धीमी गति रखें
बारिश के पानी और सड़क पर मौजूद तेल के कारण सतह फिसलन भरी हो सकती है। ऐसे में अचानक ब्रेक लगाने या तेज मोड़ काटने से वाहन फिसल सकता है। गति कम रखें और आगे चल रहे वाहन से पर्याप्त दूरी बनाए रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर सुरक्षित रूप से रुक सकें। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय की सड़क सुरक्षा सामग्री भी बारिश में धीमी गति, अतिरिक्त दूरी और अनावश्यक ओवरटेकिंग से बचने की सलाह देती है।
तेज बारिश में दृश्यता कम हो जाए तो हेडलाइट चालू रखें। बार-बार लेन बदलने, तेज रफ्तार से पानी के बीच से गुजरने और अचानक ब्रेक लगाने से बचें। सड़क पर बने गड्ढे पानी में दिखाई नहीं देते, इसलिए जलभराव वाले हिस्से में वाहन सावधानी से चलाएं। पानी के छींटे पैदल यात्रियों और दूसरे वाहन चालकों पर न पड़ें, इसका भी ध्यान रखें।
बाइक चालकों के लिए अतिरिक्त सावधानी
दुपहिया वाहन बारिश में ज्यादा जोखिम में रहते हैं। गीली सड़क, कीचड़, ढीली मिट्टी और पानी से ढके गड्ढों पर बाइक फिसल सकती है। मोड़ पर गति कम रखें और ब्रेक धीरे लगाएं। सड़क की सफेद पट्टियों, लोहे के ढक्कनों और चिकनी सतह पर बाइक चलाते समय विशेष सावधानी बरतें। तेज हवा या बहुत कम दृश्यता में सुरक्षित जगह पर रुककर मौसम सामान्य होने की प्रतीक्षा करें।
पानी भरी सड़क को पार करने का जोखिम न लें
जलभराव की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो सकता है। पानी का बहाव तेज हो या सड़क दिखाई न दे रही हो तो उसे पार करने की कोशिश न करें। आगे बढ़ने से पहले स्थानीय प्रशासन या पुलिस से मार्ग की स्थिति जानें। पुल, अंडरपास और निचले इलाकों में पानी भरने की आशंका अधिक रहती है। ऐसी जगह पर बैरिकेडिंग हो तो उसे हटाकर आगे न जाएं। सड़क पर बारिश या बाढ़ से नुकसान होने पर यातायात बंद या डायवर्ट किया जा सकता है
जरूरत पड़ने पर यात्रा रोक दें
यदि तेज बारिश, जलभराव या खराब दृश्यता के कारण वाहन चलाना मुश्किल लगे तो सुरक्षित स्थान पर रुकें। सड़क के बीच या पुल पर वाहन खड़ा न करें। यात्रा से पहले परिवार को अपना मार्ग और अनुमानित पहुंचने का समय बता दें। मौसम, ट्रैफिक और स्थानीय प्रशासन के अपडेट देखते रहें। सावधानी से की गई तैयारी बारिश के सफर को अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बना सकती है।
