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ग्वालियर, भोपाल और दिल्ली रूट के यात्रियों को झटका, 15 अक्टूबर तक कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

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Published On: 4 September 2026
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ग्वालियर, भोपाल और दिल्ली रूट के यात्रियों को झटका, 15 अक्टूबर तक कई ट्रेनें रहेंगी प्रभावित

बीना-आगासौद के बीच तीसरी रेल लाइन जोड़ने के लिए यार्ड री-मॉडलिंग, कई ट्रेनें रद्द, डायवर्ट और शॉर्ट टर्मिनेट करने का निर्णय

ग्वालियर। भोपाल-दिल्ली और कटनी रेल मार्ग पर यात्रा करने वाले यात्रियों की परेशानी बढ़ने वाली है। बीना और आगासौद रेलवे स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन को मौजूदा नेटवर्क से जोड़ने के लिए यार्ड री-मॉडलिंग का काम किया जा रहा है। इस दौरान प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य होने के कारण 15 अक्टूबर 2026 तक रेल यातायात प्रभावित रहेगा।

रेलवे ने निर्माण कार्य को देखते हुए कई यात्री ट्रेनों को अलग-अलग तारीखों में रद्द करने का निर्णय लिया है। इसके अलावा कुछ ट्रेनों को परिवर्तित मार्ग से चलाया जाएगा, जबकि कुछ सेवाओं को निर्धारित गंतव्य से पहले समाप्त और प्रारंभ किया जा सकता है। इस बदलाव का सीधा असर ग्वालियर, भोपाल, दिल्ली और कटनी की ओर यात्रा करने वाले यात्रियों पर पड़ने की आशंका है।

तीसरी रेल लाइन जोड़ने का काम जारी

बीना और आगासौद रेलवे स्टेशन के बीच तीसरी रेल लाइन को जोड़ने का काम रेलवे की महत्वपूर्ण आधारभूत परियोजना का हिस्सा है। लाइन को रेलवे यार्ड और मौजूदा ट्रैक से जोड़ने के लिए सिग्नल, पॉइंट, ट्रैक तथा अन्य तकनीकी व्यवस्थाओं में बदलाव किया जाना है।

यार्ड री-मॉडलिंग के दौरान रेलवे को कुछ समय के लिए ट्रेनों का नियमित संचालन रोकना या सीमित करना पड़ता है। सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए प्री-नॉन इंटरलॉकिंग और नॉन इंटरलॉकिंग कार्य चरणबद्ध तरीके से पूरा किया जाएगा। इसी वजह से संबंधित रेलखंड से गुजरने वाली ट्रेनों के परिचालन में बदलाव किया गया है।

15 अक्टूबर तक प्रभावित रहेगा यातायात

रेलवे के अनुसार निर्माण और तकनीकी कार्य के कारण 15 अक्टूबर तक अलग-अलग दिनों में रेल सेवाएं प्रभावित रहेंगी। सभी ट्रेनें पूरे समय रद्द नहीं रहेंगी, बल्कि उनके संचालन में निर्धारित तारीखों के अनुसार परिवर्तन किया जा सकता है।

कुछ ट्रेनें पूर्ण रूप से रद्द रहेंगी, जबकि कुछ को प्रारंभिक स्टेशन अथवा अंतिम स्टेशन से पहले ही समाप्त किया जाएगा। कई ट्रेनों को वैकल्पिक रेल मार्ग से चलाने की योजना भी बनाई गई है। इससे यात्रा का समय बढ़ सकता है और ट्रेनें अपने निर्धारित समय से देरी से गंतव्य तक पहुंच सकती हैं।

ग्वालियर के यात्रियों पर पड़ेगा सीधा असर

ग्वालियर से भोपाल, बीना, दिल्ली और कटनी की दिशा में बड़ी संख्या में यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं। इनमें नौकरीपेशा कर्मचारी, विद्यार्थी, व्यापारी, मरीज और अन्य नियमित यात्री शामिल हैं। ट्रेनों के रद्द या डायवर्ट होने से इन यात्रियों को वैकल्पिक व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

त्योहारी सीजन नजदीक होने के कारण ट्रेनों में पहले से ही यात्रियों का दबाव बढ़ने लगता है। ऐसे समय में कुछ रेल सेवाएं प्रभावित होने से उपलब्ध ट्रेनों में प्रतीक्षा सूची बढ़ सकती है। यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में परेशानी होने के साथ बस या निजी वाहनों से यात्रा करनी पड़ सकती है।

रद्द और डायवर्ट ट्रेनों की जानकारी लेना जरूरी

रेलवे ने यात्रियों को सलाह दी है कि वे स्टेशन जाने से पहले अपनी ट्रेन की वर्तमान स्थिति की जांच जरूर करें। ट्रेन का स्टेटस नेशनल ट्रेन इंक्वायरी सिस्टम, रेलवे की आधिकारिक वेबसाइट, संबंधित मोबाइल एप या रेलवे पूछताछ नंबर 139 के माध्यम से पता किया जा सकता है।

जिन यात्रियों ने प्रभावित अवधि के लिए पहले से टिकट आरक्षित कराए हैं, उन्हें यात्रा की तारीख नजदीक आने पर ट्रेन के संचालन की दोबारा पुष्टि करनी चाहिए। ट्रेन रद्द होने की स्थिति में रेलवे के लागू नियमों के अनुसार टिकट का रिफंड दिया जाएगा। ऑनलाइन टिकट धारकों के खाते में नियमानुसार राशि वापस भेजी जाती है, जबकि काउंटर टिकट वाले यात्रियों को निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा।

शॉर्ट टर्मिनेशन से भी बढ़ेगी परेशानी

कुछ ट्रेनें अपने निर्धारित अंतिम स्टेशन तक नहीं जाएंगी और उन्हें बीच के किसी स्टेशन पर शॉर्ट टर्मिनेट किया जा सकता है। इसी तरह कुछ सेवाएं मूल स्टेशन के बजाय दूसरे स्टेशन से शुरू की जा सकती हैं। ऐसी स्थिति में यात्रियों को शेष दूरी तय करने के लिए दूसरी ट्रेन, बस या निजी वाहन की व्यवस्था करनी पड़ सकती है।

डायवर्ट की गई ट्रेनों के कुछ निर्धारित स्टेशनों पर नहीं पहुंचने की संभावना भी रहती है। इसलिए यात्रियों को केवल ट्रेन नंबर देखकर यात्रा शुरू करने के बजाय उसके परिवर्तित मार्ग और ठहराव की जानकारी भी लेनी चाहिए।

काम पूरा होने से भविष्य में बढ़ेगी रेल क्षमता

तीसरी रेल लाइन जुड़ने के बाद इस रेलखंड की परिचालन क्षमता बढ़ने की उम्मीद है। अतिरिक्त लाइन उपलब्ध होने से ट्रेनों की आवाजाही अधिक व्यवस्थित हो सकेगी और एक ही ट्रैक पर यात्री तथा मालगाड़ियों का दबाव कम किया जा सकेगा।

फिलहाल निर्माण कार्य के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ेगा। रेलवे ने यात्रियों से यात्रा से पहले ट्रेन की आधिकारिक और ताजा जानकारी प्राप्त करने की अपील की है। प्रभावित ट्रेनों की तारीखवार सूची रेलवे द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार देखी जानी चाहिए।

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