नाली निर्माण के दौरान नल-जल योजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त, घरों तक पहुंच रहा गंदा पानी
संवाददाता : मनोज कुमार पुष्पद
बारिश के पानी के पाइपलाइन में जाने से गंभीर बीमारियों का खतरा, 1600 से अधिक कनेक्शन प्रभावित होने की आशंका
पड़ाना। नगर में सड़क के दोनों ओर नाली निर्माण के दौरान प्रधानमंत्री जल जीवन मिशन के तहत कुंडलिया डेम हर घर नल-जल योजना की पाइपलाइन जगह-जगह क्षतिग्रस्त होने का मामला सामने आया है। स्थानीय स्तर पर आरोप है कि नाली की खुदाई के दौरान पाइपलाइन टूटने से बारिश का गंदा पानी पेयजल लाइन में प्रवेश कर रहा है, जिससे लोगों के घरों तक दूषित पानी पहुंचने की आशंका बनी हुई है।
नगर में गोडेक कंस्ट्रक्शन कंपनी द्वारा सड़क मार्ग के दोनों ओर नाली निर्माण का कार्य कराया जा रहा है। बताया जा रहा है कि जिन स्थानों पर नाली की खुदाई की जा रही है, उन्हीं स्थानों से जल जीवन मिशन के तहत डाली गई नल-जल पाइपलाइन गुजर रही है। खुदाई के दौरान पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होने से पेयजल आपूर्ति प्रभावित होने के साथ ही दूषित पानी के प्रवेश का खतरा बढ़ गया है।Pipeline Damaged During Drain Construction in Padana
बारिश के कारण बढ़ी परेशानी
गर्मी के मौसम में बारिश नहीं होने के कारण क्षतिग्रस्त पाइपलाइन से गंदा पानी अंदर जाने की समस्या अपेक्षाकृत कम थी। लेकिन वर्तमान में बारिश होने के कारण नालियों और आसपास के क्षेत्रों का गंदा पानी पाइपलाइन के टूटे हिस्सों से अंदर जाने की आशंका बढ़ गई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि दूषित पानी पेयजल लाइन के माध्यम से घरों तक पहुंचता है तो इससे लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता है। विशेष रूप से बारिश के मौसम में दूषित पानी से होने वाली बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
दो दिन पहले भी क्षतिग्रस्त हुई पाइपलाइन
बताया गया कि करीब दो दिन पहले मऊ पड़ाना रोड के समीप भी नल-जल योजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त होकर लीकेज हो गई थी। इसके बाद नल कनेक्शनों में बारिश का गंदा पानी मिश्रित होकर घरों तक पहुंचने की शिकायत सामने आई।
नगर में वर्तमान में नल-जल योजना के 1600 से अधिक कनेक्शन बताए जा रहे हैं। ऐसे में पाइपलाइन के बार-बार क्षतिग्रस्त होने से बड़ी संख्या में परिवारों के पेयजल की गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका जताई जा रही है।
नाली की खुदाई के दौरान टूट रही पाइपलाइन
स्थानीय लोगों के अनुसार, नाली निर्माण के लिए की जा रही खुदाई के दौरान कई स्थानों पर पहले से डाली गई नल-जल पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो रही है। लोगों का कहना है कि खुदाई शुरू करने से पहले पाइपलाइन की स्थिति और उसकी गहराई की जानकारी लेकर कार्य किया जाना चाहिए, ताकि पेयजल व्यवस्था को नुकसान न पहुंचे।

बार-बार पाइपलाइन टूटने से एक ओर जहां पेयजल आपूर्ति प्रभावित होती है, वहीं दूसरी ओर उसकी मरम्मत होने तक लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ता है।
मरम्मत की जिम्मेदारी जल जीवन मिशन के ठेकेदार की
जानकारी के अनुसार जल जीवन मिशन योजना का काम अभी ग्राम पंचायत को हस्तांतरित नहीं हुआ है। इसलिए नाली निर्माण के दौरान पाइपलाइन टूटने पर उसकी मरम्मत की जिम्मेदारी योजना के ठेकेदार एलएनटी कंपनी के कर्मचारियों की बताई जा रही है।
स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि पाइपलाइन टूटने की सूचना संबंधित कर्मचारियों को देने के बाद कई बार एक-दो दिन में मरम्मत की जाती है। हालांकि, लोगों का सवाल है कि जब तक पाइपलाइन की मरम्मत नहीं होती, तब तक पेयजल में गंदे पानी के प्रवेश की आशंका बनी रहती है।
लोगों ने उठाई स्थायी समाधान की मांग
नगरवासियों का कहना है कि पाइपलाइन को बार-बार क्षतिग्रस्त होने से बचाने के लिए नाली निर्माण कार्य के दौरान विशेष सावधानी बरती जानी चाहिए। जहां पाइपलाइन सड़क या नाली की खुदाई वाले हिस्से से गुजर रही है, वहां पहले उसकी पहचान कर सुरक्षित तरीके से निर्माण कार्य किया जाए।
लोगों ने मांग की है कि क्षतिग्रस्त पाइपलाइन की तत्काल मरम्मत के साथ-साथ पूरे प्रभावित क्षेत्र की पेयजल लाइन की जांच कराई जाए, ताकि कहीं से भी दूषित पानी पेयजल नेटवर्क में प्रवेश न कर सके।
स्वास्थ्य को लेकर चिंता
बारिश के मौसम में पेयजल पाइपलाइन में गंदे पानी के प्रवेश की संभावना को लेकर लोगों में चिंता है। दूषित पानी का सेवन विभिन्न जलजनित बीमारियों का कारण बन सकता है। इसलिए स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
नगर में बड़ी संख्या में परिवार नल-जल योजना पर निर्भर हैं। ऐसे में पेयजल लाइन की सुरक्षा और नियमित निगरानी बेहद जरूरी हो गई है।
अधिकारी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन
मामले को लेकर जल निगम राजगढ़ के महाप्रबंधक यूके चौधरी ने कहा कि यदि नाली निर्माण के दौरान गोडेक कंस्ट्रक्शन कंपनी के ठेकेदार के कर्मचारियों द्वारा नल-जल योजना की पाइपलाइन क्षतिग्रस्त की गई है तो मामले में कार्रवाई की जाएगी।
अब देखना होगा कि संबंधित विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों की मरम्मत और पेयजल व्यवस्था को सुरक्षित रखने के लिए क्या कदम उठाए जाते हैं। बारिश के मौसम में पेयजल लाइन में गंदे पानी के प्रवेश की आशंका को देखते हुए मामले में त्वरित कार्रवाई की जरूरत है।
