बंकनाथ से बद्रीनाथ-केदारनाथ तीर्थयात्रियों का जत्था रवाना
बंकनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना कर लिया आशीर्वाद, हर-हर महादेव के जयकारों से गूंजा परिसर
संवाददाता: कौशिक पंडित
मनावर, जिला धार। भगवान बद्रीनाथ और बाबा केदारनाथ के दर्शन की अभिलाषा लेकर क्षेत्र के विभिन्न गांवों के श्रद्धालुओं का जत्था सोमवार को मनावर स्थित प्रसिद्ध बंकनाथ मंदिर से धार्मिक श्रद्धा, उत्साह और उल्लास के साथ रवाना हुआ। यात्रा प्रारंभ करने से पहले सभी तीर्थयात्रियों ने बंकनाथ मंदिर पहुंचकर विधि-विधान से भगवान शिव की पूजा-अर्चना की। श्रद्धालुओं ने यात्रा के सफल और मंगलमय होने की कामना करते हुए बंकनाथ महादेव का आशीर्वाद लिया।
तीर्थयात्रियों के साथ उन्हें विदा करने के लिए बड़ी संख्या में परिजन, मित्र और ग्रामीण भी मंदिर परिसर पहुंचे। सभी ने यात्रियों को पुष्पमालाएं पहनाकर स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाओं के साथ रवाना किया। इस दौरान मंदिर परिसर में उत्सव जैसा माहौल दिखाई दिया। यात्रियों के चेहरों पर भगवान बद्रीनाथ और बाबा केदारनाथ के दर्शन को लेकर विशेष उत्साह नजर आया।
विभिन्न गांवों के श्रद्धालु यात्रा में शामिल
बद्रीनाथ-केदारनाथ धाम की इस धार्मिक यात्रा में ग्राम वायल, अजंदा, आजंदीकोट, डोंगरगांव, गुलाटी, मनावर और नानपुर सहित आसपास के क्षेत्रों के श्रद्धालु शामिल हैं। यात्रा में अलग-अलग आयु वर्ग के धर्मप्रेमी भाग ले रहे हैं। सभी श्रद्धालुओं में हिमालय स्थित पवित्र धामों के दर्शन को लेकर धार्मिक उमंग और उत्साह देखने को मिला।
क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने बताया कि इस प्रकार की सामूहिक धार्मिक यात्राएं समाज में आपसी सहयोग, एकता और सद्भाव की भावना को मजबूत करती हैं। यात्रा के दौरान सभी यात्री एक-दूसरे का सहयोग करते हुए धार्मिक स्थलों के दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे।
जयकारों से भक्तिमय हुआ मंदिर परिसर
यात्रा प्रारंभ होने से पहले बंकनाथ मंदिर परिसर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। तीर्थयात्रियों ने भगवान भोलेनाथ के समक्ष शीश नवाकर यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी नहीं आने और सभी यात्रियों के स्वस्थ रहने की प्रार्थना की।
पूजा के दौरान ‘हर-हर महादेव’, ‘जय बद्रीनाथ’ और ‘जय बाबा केदारनाथ’ के जयकारों से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। श्रद्धालुओं ने भगवान शिव से प्रार्थना की कि सभी यात्री पवित्र धामों के दर्शन कर सकुशल अपने घर वापस लौटें। भक्ति गीतों और जयकारों के बीच यात्रियों को विदाई दी गई।
लंबे समय से था दर्शन का संकल्प
तीर्थयात्रियों ने बताया कि भगवान बद्रीनाथ और बाबा केदारनाथ के दर्शन करने का संकल्प उनके मन में लंबे समय से था। अब यह धार्मिक संकल्प पूरा होने जा रहा है, इसलिए सभी यात्रियों में विशेष उत्साह है। श्रद्धालुओं के अनुसार बद्रीनाथ और केदारनाथ की यात्रा उनके लिए केवल एक स्थान से दूसरे स्थान तक जाने का माध्यम नहीं, बल्कि आस्था, विश्वास, आत्मिक शांति और आध्यात्मिक अनुभूति का महत्वपूर्ण अवसर है।
यात्रियों ने कहा कि हिमालय के दुर्गम क्षेत्र में स्थित इन पवित्र धामों की यात्रा कठिन अवश्य है, लेकिन भगवान के प्रति आस्था और भक्ति यात्रियों को आगे बढ़ने की शक्ति प्रदान करती है। श्रद्धालु इस यात्रा के माध्यम से भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने के साथ अपने परिवार, समाज और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना भी करेंगे।
बद्रीनाथ और केदारनाथ का विशेष धार्मिक महत्व
उत्तराखंड के हिमालयी क्षेत्र में स्थित बद्रीनाथ धाम भगवान विष्णु को समर्पित प्रमुख तीर्थस्थल है। यह सनातन धर्म के चार प्रमुख धामों में शामिल है। वहीं केदारनाथ धाम भगवान शिव के 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक माना जाता है। दोनों तीर्थस्थलों के दर्शन के लिए हर वर्ष देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के दर्शन से श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति और पुण्य की प्राप्ति होती है। इसी आस्था के साथ मनावर क्षेत्र के श्रद्धालुओं ने भी सामूहिक रूप से यह यात्रा प्रारंभ की है।
मार्ग में अन्य धार्मिक स्थलों के भी करेंगे दर्शन
तीर्थयात्रियों ने बताया कि यात्रा के दौरान बद्रीनाथ और केदारनाथ धाम के साथ मार्ग में आने वाले अन्य प्रमुख धार्मिक और पौराणिक स्थलों के दर्शन भी किए जाएंगे। इन स्थानों पर श्रद्धालु पूजा-अर्चना कर परिवार और क्षेत्र की खुशहाली की प्रार्थना करेंगे।
यात्रा के लिए श्रद्धालुओं ने आवश्यक तैयारियां पहले ही पूरी कर ली थीं। हिमालयी क्षेत्र की भौगोलिक परिस्थितियों और मौसम को ध्यान में रखते हुए यात्रियों ने जरूरी सामग्री साथ रखी है। सभी तीर्थयात्रियों को यात्रा के दौरान स्वास्थ्य और सुरक्षा का विशेष ध्यान रखने की सलाह भी दी गई।
भावुक नजर आए परिजन और ग्रामीण
तीर्थयात्रियों को विदा करने पहुंचे परिजनों और ग्रामीणों में उत्साह के साथ भावुकता भी दिखाई दी। परिजनों ने यात्रियों का तिलक कर, पुष्पमालाएं पहनाकर और मिठाई खिलाकर विदा किया। बुजुर्गों ने यात्रियों को आशीर्वाद दिया, जबकि बच्चों और युवाओं ने उत्साहपूर्वक जयकारे लगाए।
श्रद्धालुओं का जत्था रवाना होने तक बंकनाथ मंदिर परिसर में भक्ति और उल्लास का वातावरण बना रहा। यात्रियों के वाहनों के रवाना होते समय उपस्थित लोगों ने हाथ जोड़कर उनकी सुखद, सुरक्षित और सफल यात्रा की कामना की। भगवान बद्रीनाथ और बाबा केदारनाथ के जयकारों के बीच तीर्थयात्रियों ने अपने पवित्र धार्मिक सफर की शुरुआत की।
