लोकार्पण के बाद आरोग्य केंद्र की छत में दिखीं दरारें, निर्माण गुणवत्ता पर उठे सवाल
Damoh /बटियागढ़। बटियागढ़ ब्लॉक के ग्राम आंजनी में नवनिर्मित आरोग्य केंद्र के लोकार्पण के बाद भवन की निर्माण गुणवत्ता को लेकर सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों के अनुसार, लोकार्पण के अगले ही दिन आरोग्य केंद्र की छत पर जगह-जगह दरारें और क्षतिग्रस्त सतह दिखाई दी। नए भवन में इस तरह की स्थिति सामने आने से स्थानीय लोगों में नाराजगी और चिंता का माहौल है।
जानकारी के अनुसार, ग्राम आंजनी में नवनिर्मित आरोग्य केंद्र का लोकार्पण हाल ही में आनंद विभाग के मंत्री लखन पटेल द्वारा किया गया। लोकार्पण के बाद जब ग्रामीणों ने भवन का निरीक्षण किया, तो उन्हें छत के कुछ हिस्सों में दरारें दिखाई दीं। इसके बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता को लेकर चर्चा शुरू हो गई।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोग्य केंद्र का भवन अभी नया है और उसका लोकार्पण हाल ही में हुआ है। ऐसे में छत पर दरारें दिखाई देना गंभीर विषय है। लोगों का मानना है कि भवन का उपयोग ग्रामीणों और मरीजों के उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं के लिए किया जाना है, इसलिए इसकी मजबूती और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
निर्माण एजेंसी की भूमिका पर भी उठे सवाल
प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम आंजनी स्थित आरोग्य केंद्र का निर्माण नन्ना पेरवारा मेसर्स कंस्ट्रक्शन द्वारा कराया गया है। भवन के लोकार्पण के तुरंत बाद छत में दरारें दिखाई देने से निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और कार्य की गुणवत्ता को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
हालांकि, दरारें किस कारण से आईं और क्या वास्तव में निर्माण कार्य में किसी प्रकार की तकनीकी कमी रही है, इसका स्पष्ट निष्कर्ष विशेषज्ञों की जांच के बाद ही सामने आ सकता है। फिलहाल स्थानीय स्तर पर ग्रामीणों द्वारा भवन की तकनीकी जांच कराने की मांग की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि केवल भवन का निर्माण और लोकार्पण पर्याप्त नहीं है, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी जरूरी है कि भवन निर्धारित गुणवत्ता मानकों के अनुरूप बनाया गया हो। स्वास्थ्य केंद्र जैसे सार्वजनिक भवन में बड़ी संख्या में लोग पहुंचेंगे, इसलिए निर्माण की मजबूती और सुरक्षा की नियमित जांच जरूरी है।
ग्रामीणों ने तकनीकी जांच की मांग की
स्थानीय लोगों ने संबंधित विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों के मुताबिक भवन की छत और अन्य हिस्सों का विशेषज्ञों से निरीक्षण कराया जाना चाहिए, ताकि यह पता लगाया जा सके कि दरारें सामान्य कारणों से आई हैं या निर्माण के दौरान किसी स्तर पर तकनीकी कमी रह गई।
इसके साथ ही निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री की गुणवत्ता की भी जांच कराने की मांग की गई है। यदि जांच में किसी प्रकार की लापरवाही या निर्धारित मानकों से कम गुणवत्ता का निर्माण सामने आता है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों और एजेंसी के विरुद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।
ग्रामीणों का कहना है कि सरकारी राशि से निर्मित भवन लंबे समय तक सुरक्षित और उपयोगी रहना चाहिए। यदि निर्माण के शुरुआती दौर में ही कोई समस्या सामने आती है, तो समय रहते उसका समाधान करना आवश्यक है।

मरीजों की सुरक्षा को लेकर चिंता
आरोग्य केंद्र ग्रामीण क्षेत्र में स्वास्थ्य सुविधाओं का महत्वपूर्ण माध्यम होता है। यहां प्रतिदिन मरीजों, उनके परिजनों और स्वास्थ्यकर्मियों की आवाजाही होती है। ऐसे में भवन की छत अथवा अन्य संरचनात्मक हिस्से में दरारें दिखाई देना स्वाभाविक रूप से चिंता का विषय बन गया है।
स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जांच पूरी होने तक भवन की संबंधित संरचना का विशेषज्ञों द्वारा परीक्षण कराया जाए। यदि किसी हिस्से में मरम्मत की आवश्यकता है तो उसे उचित तकनीकी प्रक्रिया के तहत दुरुस्त किया जाए।
ग्रामीणों का यह भी कहना है कि सार्वजनिक उपयोग के भवनों के निर्माण में गुणवत्ता से किसी भी स्तर पर समझौता नहीं होना चाहिए। विशेष रूप से स्वास्थ्य केंद्र में आने वाले मरीजों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए भवन की मजबूती सुनिश्चित करना जरूरी है।
जांच के बाद सामने आएगी वास्तविक स्थिति
लोकार्पण के महज एक दिन बाद छत पर दरारें दिखाई देने की बात सामने आने के बाद अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि इन दरारों का वास्तविक कारण क्या है। क्या यह निर्माण सामग्री से जुड़ी समस्या है, निर्माण प्रक्रिया में कोई तकनीकी कमी है, या फिर दरारें किसी अन्य वजह से आई हैं—इसका जवाब विशेषज्ञ तकनीकी जांच के बाद ही मिल सकेगा।
फिलहाल ग्रामीणों ने संबंधित अधिकारियों से जल्द से जल्द मौके पर पहुंचकर भवन का निरीक्षण कराने और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग की है। यदि जांच में निर्माण संबंधी खामी सामने आती है तो जिम्मेदारी तय कर आवश्यक कार्रवाई किए जाने की अपेक्षा की जा रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि आरोग्य केंद्र उनके क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण स्वास्थ्य सुविधा है और वे चाहते हैं कि यह भवन मजबूत, सुरक्षित और लंबे समय तक उपयोगी रहे। इसलिए सामने आई शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन और संबंधित विभाग को आवश्यक जांच कर स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
नोट: छत में दरारों और निर्माण गुणवत्ता से संबंधित आरोपों की वास्तविक पुष्टि तकनीकी जांच के बाद ही हो सकेगी। संबंधित विभाग या निर्माण एजेंसी का पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी समाचार में शामिल किया जाना उचित होगा।

