जंगल की झाड़ियों में मिली नवजात बच्ची, माता-पिता और परिजनों की भूमिका की जांच
सुबह पशु चराने गए व्यक्ति ने देखा, आशा कार्यकर्ता की सूचना पर अस्पताल पहुंची बच्ची
बम्हौरी। बम्हौरी थाना क्षेत्र के ग्राम डुंगरिया खुर्द के जंगल में मंगलवार सुबह झाड़ियों के बीच एक नवजात बच्ची मिलने से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। सुबह करीब 7 बजे पशु चराने गए एक व्यक्ति की नजर झाड़ियों में पड़ी बच्ची पर गई। उसने तत्काल इसकी सूचना आशा कार्यकर्ता को दी, जिसके बाद स्वास्थ्य विभाग और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची।
पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हौरी पहुंचाया। यहां बच्ची का प्राथमिक परीक्षण और उपचार किया गया। प्रारंभिक जांच में बच्ची की हालत ठीक बताई गई, जिसके बाद उसे बेहतर उपचार के लिए जिला अस्पताल रायसेन रेफर कर दिया गया।
पशु चराने गए व्यक्ति की पड़ी नजर
जानकारी के अनुसार मंगलवार सुबह करीब 7 बजे एक व्यक्ति जंगल में पशु चराने गया था। इसी दौरान उसने झाड़ियों के बीच नवजात बच्ची को देखा। बच्ची के मिलने की जानकारी तत्काल रमपुरा की आशा कार्यकर्ता नीरू कुशवाह को फोन के माध्यम से दी गई।
सूचना मिलते ही आशा कार्यकर्ता मौके पर पहुंचीं और स्वास्थ्य विभाग को पूरे मामले की जानकारी दी। इसके बाद बीएमओ डॉ. आरएस पटेल को घटना की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों को मौके पर भेजा गया।
पुलिस और स्वास्थ्य टीम ने बच्ची को सुरक्षित निकाला
मौके पर पहुंची टीम ने झाड़ियों के बीच से नवजात बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद उसे प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बम्हौरी ले जाया गया।
बताया गया कि जंगल का रास्ता कीचड़ से भरा हुआ था, जिसके कारण बच्ची को अस्पताल तक पहुंचाने में कुछ समय लगा। अस्पताल पहुंचने के बाद चिकित्सकीय टीम ने बच्ची का प्राथमिक परीक्षण किया और आवश्यक उपचार दिया।
बीएमओ डॉ. आरएस पटेल के अनुसार प्रारंभिक जांच में बच्ची की हालत ठीक थी। हालांकि, बेहतर स्वास्थ्य सुविधाओं और निगरानी के लिए उसे जिला अस्पताल रायसेन रेफर किया गया।

सोमवार रात जन्म होने की प्रारंभिक जानकारी
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक जानकारी से अनुमान है कि बच्ची का जन्म सोमवार रात हुआ होगा। हालांकि, जन्म का सही समय और परिस्थितियां जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेंगी।
स्वास्थ्य विभाग अब क्षेत्र में हाल के दिनों में हुए प्रसव की जानकारी जुटा रहा है। इसका उद्देश्य बच्ची की मां और परिवार की पहचान करना है, ताकि घटना की पूरी परिस्थितियों का पता लगाया जा सके।
बच्ची जंगल तक कैसे पहुंची, पुलिस कर रही जांच
थाना प्रभारी प्रीतम सिंह राजपूत ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग से नवजात बच्ची के झाड़ियों में पड़े होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और बच्ची को सुरक्षित अस्पताल पहुंचाया गया।
पुलिस ने मामले को विवेचना में लेकर जांच शुरू कर दी है। जांच का मुख्य बिंदु यह है कि नवजात बच्ची जंगल की झाड़ियों तक कैसे पहुंची और उसे वहां छोड़ने की परिस्थितियां क्या थीं।
पुलिस आसपास के क्षेत्र में भी जानकारी जुटा रही है और संभावित लोगों से पूछताछ कर रही है।
माता-पिता और परिजनों की भूमिका की जांच
पुलिस अब बच्ची के माता-पिता, परिजनों और संभावित प्रसूता की पहचान करने में जुटी है। इसके लिए स्वास्थ्य विभाग से भी क्षेत्र में हाल में हुए प्रसव से संबंधित जानकारी ली जा रही है।
अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल किसी व्यक्ति के खिलाफ आरोप की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
घटना के पीछे बच्ची को जंगल में छोड़ने की वास्तविक वजह क्या थी, यह जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

स्वास्थ्य विभाग भी जुटा रहा जानकारी
बीएमओ डॉ. आरएस पटेल ने बताया कि बच्ची के जन्म और उसकी मां की पहचान से जुड़े तथ्यों को जुटाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम क्षेत्र में जानकारी एकत्र कर रही है।
स्थानीय स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं से भी हाल के दिनों में हुए प्रसव के संबंध में जानकारी ली जा रही है। प्रसूता की पहचान होने के बाद बच्ची के जंगल तक पहुंचने और उसे वहां छोड़ने की परिस्थितियों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
जांच के बाद स्पष्ट होगी पूरी तस्वीर
फिलहाल नवजात बच्ची को उपचार और निगरानी के लिए जिला अस्पताल रायसेन रेफर किया गया है। वहीं पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
जंगल की झाड़ियों में नवजात बच्ची मिलने की घटना से क्षेत्र में चिंता का माहौल है। पुलिस और स्वास्थ्य विभाग की जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि बच्ची को जंगल में किसने और किन परिस्थितियों में छोड़ा था।
फिलहाल पुलिस ने किसी व्यक्ति को आरोपी नहीं बनाया है और सभी संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

