इंदौर के निलंबित प्रधान आरक्षक फिरोज खान के परिजनों के नाम देवास में करोड़ की संपत्ति
लोकायुक्त की जांच में सामने आई जानकारी; चोला मंडलम की नीलामी में पत्नी, मां और बेटी ने खरीदे दो प्लॉट
इंदौर। निलंबित प्रधान आरक्षक चालक फिरोज खान की संपत्ति से जुड़ी जांच में देवास में खरीदी गई संपत्ति की जानकारी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, फिरोज खान की पत्नी हीना, मां वहीदा और बेटी जैफी ने चोला मंडलम की नीलामी में बोली लगाई थी। इस नीलामी में दो प्लॉट 92 लाख रुपये में खरीदे गए। मकान निर्माण सहित इन संपत्तियों पर करीब एक करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान जताया जा रहा है। लोकायुक्त इन संपत्तियों से जुड़े तथ्यों की जांच कर रहा है।
जांच के दौरान सामने आई जानकारी के मुताबिक, देवास में खरीदे गए प्लॉट फिरोज खान के परिजनों के नाम पर हैं। नीलामी में उनकी पत्नी, मां और बेटी की ओर से बोली लगाई गई थी। दो प्लॉट खरीदने के लिए 92 लाख रुपये दिए जाने की बात सामने आई है। इन पर मकान निर्माण सहित कुल खर्च करीब एक करोड़ रुपये होने का अनुमान है। यह अनुमानित राशि है; जांच में संपत्ति के दस्तावेजों और खर्च से संबंधित जानकारी का मिलान किया जा रहा है।
नीलामी और संपत्ति के दस्तावेजों की पड़ताल
लोकायुक्त की जांच में यह देखा जा रहा है कि नीलामी में प्लॉट खरीदने की प्रक्रिया किस तरह पूरी हुई और भुगतान से जुड़े दस्तावेज क्या बताते हैं। संपत्ति किसके नाम दर्ज है, खरीद के लिए राशि कहां से आई और निर्माण पर कितना खर्च हुआ—इन पहलुओं की जानकारी जांच का हिस्सा हो सकती है। अभी उपलब्ध जानकारी में इन सवालों के अंतिम जवाब सामने नहीं आए हैं। इसलिए संपत्ति को लेकर जांच के निष्कर्ष आने तक किसी तरह का अंतिम दावा नहीं किया जा सकता।
देवास की संपत्ति का मामला सामने आने के साथ फिरोज खान की संपत्ति से जुड़ी जांच का दायरा बढ़ा है। रिपोर्ट के अनुसार, लोकायुक्त को इस संपत्ति की खरीद की जानकारी मिली है और वह मामले की पड़ताल कर रहा है। जांच का उद्देश्य दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े तथ्यों को देखना है। संपत्ति के मूल्य, भुगतान और निर्माण पर हुए खर्च की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
उज्जैन रोड के जमीन सौदे में गवाह होने की जानकारी
फिरोज खान की भूमिका उज्जैन रोड पर हुए एक जमीन सौदे में भी सामने आई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, करीब 150 करोड़ रुपये मूल्य की बताई गई जमीन का सौदा नौ करोड़ रुपये में हुआ था और इस सौदे में फिरोज खान साक्षी के रूप में शामिल थे। इस लेन-देन से जुड़े पहलुओं की भी लोकायुक्त जांच कर रहा है।
जमीन के बताए गए मूल्य और सौदे की रकम के बीच अंतर को लेकर जांच में दस्तावेजों का मिलान किया जा सकता है। सौदे के समय की परिस्थितियां, संबंधित कागजात और फिरोज खान की साक्षी के रूप में भूमिका को समझने के लिए जानकारी जुटाई जा रही है। हालांकि, उपलब्ध विवरण में यह नहीं बताया गया है कि सौदे से फिरोज खान को कोई आर्थिक लाभ हुआ या नहीं। इस संबंध में कोई निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आ सकेगा।
जांच के नतीजों का इंतजार
फिलहाल लोकायुक्त देवास में परिजनों के नाम पर खरीदे गए दो प्लॉट और उज्जैन रोड के जमीन सौदे से जुड़े मामलों की पड़ताल कर रहा है। देवास के प्लॉट 92 लाख रुपये में खरीदे जाने और निर्माण सहित कुल खर्च करीब एक करोड़ रुपये होने का अनुमान है। वहीं, जमीन के सौदे में फिरोज खान के गवाह होने की जानकारी सामने आई है। इन दोनों मामलों में दस्तावेजों और लेन-देन की जांच जारी है।
जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि संपत्तियों की खरीद और जमीन सौदे से जुड़े सभी तथ्य क्या हैं। अभी सामने आई जानकारी को जांच के दायरे में आए तथ्यों के रूप में देखा जा रहा है। लोकायुक्त की जांच के निष्कर्ष आने तक संपत्ति के स्रोत या किसी व्यक्ति की भूमिका को लेकर अंतिम निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा।
