गोहद की विरासत और पहचान के लिए एकजुट होने की अपील
शरद पूर्णिमा पर 25 अक्टूबर को निकलेगी प्रथम गौ-हद धाम नगरकोट परिक्रमा यात्रा; हठीले हनुमान मंदिर से शुरू होकर किला परिसर में होगा समापन
भिंड से जिला ब्यूरो चीफ अभिषेक शर्मा की खबर
गोहद। गोहद की आस्था, इतिहास और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण को लेकर गौ-हद धाम जनअभियान ने ब्रजक्षेत्रवासियों से एकजुट होने की अपील की है। गौ-हद धाम नगरकोट परिक्रमा यात्रा समिति के तत्वावधान में रविवार, 25 अक्टूबर 2026 को शरद पूर्णिमा के अवसर पर प्रथम नगरकोट परिक्रमा यात्रा निकाली जाएगी। यात्रा सुबह 10 बजे श्री हठीले हनुमान मंदिर से शुरू होगी और किला परिसर मैदान में श्री भीमाशंकर महादेव के पास इसका समापन होगा।
समिति ने संत-महात्माओं, धर्माचार्यों, युवाओं, मातृशक्ति, व्यापारियों, सामाजिक संगठनों और प्रबुद्ध नागरिकों से यात्रा में शामिल होने का आग्रह किया है। समिति का कहना है कि यह पहल किसी एक व्यक्ति या संगठन तक सीमित नहीं है, बल्कि गोहद और पूरे ब्रजक्षेत्र की साझा आस्था तथा सांस्कृतिक पहचान से जुड़ी है।
विरासत के प्रति जागरूकता बढ़ाने का प्रयास
आयोजकों के अनुसार, परिक्रमा यात्रा का उद्देश्य धार्मिक आस्था व्यक्त करने के साथ गोहद की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जनचेतना बढ़ाना है। समिति इस आयोजन के माध्यम से स्थानीय विरासत के संरक्षण का भाव मजबूत करना और समाज के अलग-अलग वर्गों को साझा प्रयास से जोड़ना चाहती है।
समिति का मानना है कि किसी नगर की पहचान केवल उसके भवनों, सड़कों और बाजारों से नहीं बनती। वहां की परंपराएं, आस्थाएं, ऐतिहासिक स्मृतियां और सांस्कृतिक मूल्य भी उसकी पहचान का अहम हिस्सा होते हैं। इन्हें जानना और आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है।
नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने की अपील
जनअभियान ने लोगों के सामने यह सवाल रखा है कि क्या आने वाली पीढ़ियों को गोहद की विरासत और उससे जुड़ी स्मृतियों से परिचित कराया जा रहा है। आयोजकों के अनुसार, स्थानीय इतिहास और संस्कृति के प्रति जागरूकता तभी बढ़ेगी, जब नागरिक स्वयं अपनी विरासत को समझने और सहेजने के प्रयासों में भाग लेंगे।
समिति ने युवाओं से विशेष रूप से आग्रह किया है कि वे अपने क्षेत्र के इतिहास और सांस्कृतिक परंपराओं को जानें। परिवारों और मातृशक्ति से भी अपील की गई है कि वे बच्चों को अपनी जड़ों और स्थानीय विरासत से परिचित कराने के लिए ऐसे आयोजनों में सहभागी बनें। आयोजकों का कहना है कि हर व्यक्ति की उपस्थिति और सहयोग इस प्रयास को मजबूत कर सकता है।
सभी वर्गों से सहभागिता का आग्रह
गौ-हद धाम नगरकोट परिक्रमा यात्रा समिति ने ब्रजक्षेत्र के संतों, धर्माचार्यों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, व्यापारियों और नागरिकों से आयोजन में शामिल होने का आह्वान किया है। समिति के मुताबिक, यात्रा का उद्देश्य लोगों को एक सकारात्मक संकल्प के साथ जोड़ना और गोहद की सांस्कृतिक पहचान के प्रति साझा जिम्मेदारी का भाव विकसित करना है।
आयोजकों ने कहा कि विरासत को सहेजने का कार्य केवल स्मृतियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके लिए स्थानीय इतिहास को समझने, सांस्कृतिक धरोहर के प्रति जागरूकता बढ़ाने और समाज के सहयोग से संरक्षण की दिशा में प्रयास करने की जरूरत है। अभियान के माध्यम से लोगों को इसी भावना से जोड़ने की कोशिश की जा रही है।
समिति ने 25 अक्टूबर के आयोजन को गोहद की आस्था, विरासत और पहचान के प्रति सामूहिक सहभागिता का अवसर बताया है। यात्रा श्री हठीले हनुमान मंदिर से सुबह 10 बजे शुरू होगी और किला परिसर मैदान स्थित श्री भीमाशंकर महादेव के पास संपन्न होगी।
