नवागढ़ में राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन का सफल आयोजन, ऐतिहासिक धरोहर को राष्ट्रीय पहचान दिलाने पर जोर
पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने की अध्यक्षता, देशभर से जुटे पत्रकार
मुरैना/नवागढ़ (मनोज जैन नायक)। ऐतिहासिक एवं अतिशय क्षेत्र नवागढ़ में आचार्यश्री विद्यासागर महाराज के शिष्य मुनिश्री मंगलानंद सागर एवं मुनिश्री मंगल सागर महाराज के चातुर्मास के मंगल सानिध्य में राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन का आयोजन किया गया। क्षेत्र निर्देशक ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया के निर्देशन में आयोजित सम्मेलन का शुभारंभ चित्र अनावरण, दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ हुआ।
कार्यक्रम की अध्यक्षता पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने की। मुख्य अतिथि दैनिक विश्व परिवार के प्रदीप जैन रायपुर रहे। विशिष्ट अतिथियों में पूर्व विधायक सुनील जैन सागर, श्रीमती अर्चना सुनील जैन खुरई तथा नीति आयोग के सदस्य एवं टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह शामिल रहे। कार्यक्रम का संचालन क्षेत्र के महामंत्री वीरचंद्र नेकौरा ने किया।
देशभर से पत्रकारों ने की सहभागिता
राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन में झांसी के कमल जैन ‘लोकपथ’, छतरपुर के नवनीत ‘बंटी’ एवं नवनीत जैन, सिरोंज के राजीव जैन, ‘सत्ता सरकार’ के संजय ताम्रकार, मड़ावरा के इमरान खान, जगदीश सिंह, टीकमगढ़ के नरेंद्र जैन, बड़ागांव के राजेश फणींद्र एवं प्रभात जैन तथा टीकमगढ़ के के.के. भट्ट सहित देशभर से आए पत्रकारों और स्थानीय पत्रकारों ने सहभागिता की।
नवागढ़ के विकास और राष्ट्रीय पहचान पर मंथन
टीकमगढ़ विधायक यादवेंद्र सिंह ने कहा कि उनका नवागढ़ से वर्ष 1985 से संबंध रहा है। उन्होंने कहा कि मीडिया, प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आपसी सद्भाव के साथ नवागढ़ के विकास की संभावनाओं पर विचार करना चाहिए।
उन्होंने नवागढ़ की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक महत्ता को राष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने तथा विकास की योजनाओं को धरातल पर उतारने के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता बताई।
निष्पक्ष और निर्भीक पत्रकारिता का आह्वान
कार्यक्रम अध्यक्ष एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रदीप जैन आदित्य ने पत्रकारों से निष्ठा, सजगता और निर्भीकता के साथ कार्य करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारों को शासन-प्रशासन से भयभीत हुए बिना निष्पक्ष पत्रकारिता करनी चाहिए।
उन्होंने कहा कि पत्रकार भारतीय संस्कृति, इतिहास और सामाजिक परिवेश के उन्नयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। पत्रकारिता के माध्यम से समाज के महत्वपूर्ण मुद्दों और ऐतिहासिक धरोहरों को देश-दुनिया के सामने लाने का प्रयास होना चाहिए।

अहिंसा और शाकाहार का संदेश
श्रीमती अर्चना जैन ने कहा कि शासन-प्रशासन के सहयोग से जैन धर्म के सिद्धांतों को समाज में स्थापित करते हुए क्षेत्र के विकास को गति दी जा सकती है। उन्होंने शाकाहार, अहिंसा तथा मूक पशुओं की चिकित्सा एवं भरण-पोषण के प्रति समाज को अपनी जिम्मेदारी निभाने का आह्वान किया।
उन्होंने नवागढ़ गुरुकुलम के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करने के लिए विशेष पुरस्कार दिए जाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।
भ्रामक सूचनाओं से समाज को बचाने की जरूरत
पूर्व विधायक सुनील जैन ने कहा कि वर्तमान दौर में मीडिया के सामने अनेक चुनौतियां हैं। पत्रकारों एवं समाज के प्रबुद्ध वर्ग को सजगता के साथ कार्य करते हुए भ्रामक सूचनाओं से समाज को बचाने का प्रयास करना चाहिए।
उन्होंने पत्रकारों से निर्भीकता और जिम्मेदारी के साथ अपनी लेखनी का उपयोग करने का आह्वान किया।
पत्रकार और पुलिस मिलकर स्थापित करें सद्भाव
पुलिस अधिकारी सुधाकर पांडे ने कहा कि जैन धर्म अनेकांत सिद्धांत पर आधारित है। यदि जीवन में जैन दर्शन के सिद्धांतों को अपनाया जाए तो सामाजिक विवाद, आपसी झगड़े और वैमनस्य को दूर करने में मदद मिल सकती है।
उन्होंने कहा कि पत्रकार और पुलिस दोनों का दायित्व है कि समाज में व्याप्त विकृतियों को दूर कर सामाजिक सद्भाव स्थापित करने में योगदान दें।
नवागढ़ में छिपा है गौरवशाली इतिहास
ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया ने नवागढ़ के ऐतिहासिक एवं पुरातात्विक महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में हजारों वर्ष पुराने शैलाश्रय, जैन दर्शन से जुड़े शैलचित्र तथा गुप्त, प्रतिहार और चंदेल काल से संबंधित अनेक ऐतिहासिक साक्ष्य मौजूद हैं।
उन्होंने नवागढ़ को प्राचीन नंदपुर से जोड़ते हुए विभिन्न प्राचीन ग्रंथों एवं पुरातात्विक साक्ष्यों में इसके उल्लेख की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि चंदेल शासकों द्वारा भी इस क्षेत्र में मंदिरों का निर्माण कराए जाने के प्रमाण मिलते हैं।
उन्होंने नवागढ़ के इतिहास के संरक्षण और प्रचार-प्रसार की आवश्यकता पर जोर देते हुए पत्रकारों से इस धरोहर को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में सहयोग का आह्वान किया।

सातवीं सदी का भौंयरा बना आस्था का केंद्र
सम्मेलन में नवागढ़ के प्राचीन भौंयरे का भी उल्लेख किया गया। जानकारी के अनुसार सातवीं सदी के इस भौंयरे की खोज पंडित गुलाबचंद पुष्प ने वर्ष 1959 में की थी।
यहां जैन धर्म के 18वें तीर्थंकर भगवान अरनाथ स्वामी की अतिशयकारी एवं मनोकामना पूर्ण करने वाली मुद्रा में प्रतिमा प्राप्त होने की जानकारी दी गई। आज भी जैन और अजैन श्रद्धालुओं की इस स्थल के प्रति गहरी आस्था है। बड़ी संख्या में ग्रामीण श्रद्धालु यहां मनोकामना लेकर पहुंचते हैं।
गुरुकुलम में शिक्षा के साथ संस्कार
वक्ताओं ने बताया कि पंडित गुलाबचंद पुष्प की स्मृति में संचालित नवागढ़ गुरुकुलम में आर्थिक रूप से कमजोर प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को अंग्रेजी माध्यम से नि:शुल्क शिक्षा प्रदान की जा रही है।
गुरुकुलम में विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा के साथ भारतीय संस्कृति, इतिहास, ज्योतिष एवं वास्तु आदि विषयों का ज्ञान भी दिया जाता है। वक्ताओं ने समाज के लोगों से गुरुकुलम के इस अनुकरणीय कार्य में सहयोग करने का आग्रह किया।
संतों ने धरोहर संरक्षण की अपील की
मुनिश्री मंगल सागर महाराज ने कहा कि नवागढ़ के जैन इतिहास के अनेक आयाम अभी प्रकाश में आना बाकी हैं। उन्होंने नवागढ़ को प्राचीन नंदपुर बताते हुए कहा कि चंदेल काल में यह क्षेत्र साधना, शिक्षण-प्रशिक्षण एवं ज्ञान का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है।
उन्होंने पत्रकारों से नवागढ़ के इतिहास का पुनर्मूल्यांकन कर इसके संरक्षण और विकास में सक्रिय सहभागिता निभाने का आह्वान किया।
मुनिश्री मंगलानंद सागर महाराज ने कहा कि नवागढ़ भारतीय संस्कृति, जैन धर्म, इतिहास और पुरातत्व की दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण धरोहर है। यहां आज भी अनेक प्राचीन साक्ष्य मौजूद हैं। इन धरोहरों के संरक्षण और प्रचार-प्रसार से नवागढ़ के गौरव को बढ़ाया जा सकता है।
अतिथियों और पत्रकारों का किया सम्मान
कार्यक्रम के मुख्य संयोजक कमल जैन ‘लोकपथ’ झांसी एवं भारत सेठ घुवारा ने नवागढ़ समिति, नवागढ़ गुरुकुलम, चातुर्मास समिति तथा सभी अतिथियों और पत्रकारों का स्वागत एवं अभिनंदन किया।
समारोह में राजीव जैन सिरोंज ने आइजा के माध्यम से ब्रह्मचारी जयकुमार निशांत भैया, सुनील जैन, प्रदीप जैन आदित्य एवं भारत घुवारा को विशेष उपाधियों से अलंकृत कर उनका बहुमान किया।
कार्यक्रम के समापन पर समिति के मंत्री अशोक जी ने सभी अतिथियों, पत्रकारों एवं उपस्थितजनों के प्रति आभार व्यक्त किया तथा सभी को वात्सल्य भोज के लिए आमंत्रित किया।
राष्ट्रीय पत्रकार सम्मेलन के माध्यम से नवागढ़ की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं पुरातात्विक विरासत को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने, पत्रकारिता के माध्यम से धरोहर संरक्षण और क्षेत्र के विकास को गति देने का संकल्प सामने आया।
