नवकिरण सामाजिक संस्था इस वर्ष भी बनाएगी मिट्टी के गणेश, पर्यावरण संरक्षण का देगी संदेश
आठ वर्षों से लगातार चल रहा अभियान, 9 सितंबर को विश्वकर्मा मंदिर में होगा आयोजन
Nagda । पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के उद्देश्य से नवकिरण सामाजिक संस्था द्वारा इस वर्ष भी मिट्टी के गणेश बनाने का आयोजन किया जा रहा है। संस्था पिछले आठ वर्षों से लगातार अपने ग्रुप सदस्यों के सहयोग से मिट्टी से गणेश प्रतिमाएं बनाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश देती आ रही है।
इसी अभियान को आगे बढ़ाते हुए इस वर्ष भी 9 सितंबर, बुधवार को श्रीराम कॉलोनी स्थित विश्वकर्मा मंदिर में मिट्टी के गणेश बनाने का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम दोपहर 3 बजे से शुरू होगा। संस्था द्वारा ऐसे लोगों को भी कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है, जो मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाना सीखना चाहते हैं।
संस्था का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण के अनुकूल गणेश प्रतिमाओं के प्रति जागरूक करना है। गणेश उत्सव के दौरान प्लास्टर ऑफ पेरिस और रासायनिक रंगों से बनी प्रतिमाओं के कारण जल स्रोतों पर पड़ने वाले प्रतिकूल प्रभाव को देखते हुए मिट्टी की प्रतिमाओं को प्रोत्साहित किया जा रहा है।
आठ वर्षों से जारी है अभियान
नवकिरण सामाजिक संस्था पिछले आठ वर्षों से लगातार मिट्टी के गणेश बनाने की पहल कर रही है। संस्था के सदस्य स्वयं मिट्टी की प्रतिमाएं तैयार करने के साथ-साथ अन्य लोगों को भी इसका प्रशिक्षण और प्रेरणा देने का प्रयास करते हैं।
संस्था का मानना है कि धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण संरक्षण की जिम्मेदारी भी निभाई जा सकती है। मिट्टी से निर्मित गणेश प्रतिमाएं प्राकृतिक होने के कारण विसर्जन के बाद पर्यावरण पर अपेक्षाकृत कम प्रभाव डालती हैं। इसी संदेश को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने के लिए संस्था द्वारा हर वर्ष यह आयोजन किया जाता है।
सभी के लिए खुला आयोजन
संस्था की ओर से बताया गया कि मिट्टी के गणेश बनाना सीखने के इच्छुक लोग निर्धारित समय पर विश्वकर्मा मंदिर पहुंचकर कार्यक्रम में शामिल हो सकते हैं। आयोजन में संस्था के सदस्य प्रतिभागियों को मिट्टी से गणेश प्रतिमा बनाने की प्रक्रिया समझाएंगे और उन्हें स्वयं प्रतिमा तैयार करने का अवसर भी दिया जाएगा।
संस्था अध्यक्ष मीना अग्रवाल ने शहरवासियों से कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आग्रह किया है। उन्होंने कहा कि पर्यावरण को स्वच्छ और सुरक्षित रखना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। धार्मिक पर्वों को पर्यावरण हितैषी तरीके से मनाकर हम प्रकृति संरक्षण में अपना योगदान दे सकते हैं।
नवकिरण सामाजिक संस्था की यह पहल धार्मिक आस्था के साथ पर्यावरण जागरूकता को जोड़ने का प्रयास है। संस्था ने नागरिकों से अपील की है कि वे मिट्टी के गणेश बनाएं और पर्यावरण संरक्षण के इस अभियान का हिस्सा बनें।
रिपोर्ट: जीवनलाल जैन, नागदा
