मध्य प्रदेश में बदला मौसम: रीवा, सतना और सीधी में भारी बारिश का अलर्ट, तेज आंधी-बिजली की भी चेतावनी
भोपाल, इंदौर, उज्जैन, विदिशा और ग्वालियर समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश के आसार; 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
भोपाल। मध्य प्रदेश में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने वाला है। मौसम विभाग ने गुरुवार, 11 सितंबर को प्रदेश के कई जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश होने की संभावना जताई है। पूर्वी मध्य प्रदेश के रीवा, सतना और सीधी जिलों में भारी बारिश के साथ तेज आंधी और आकाशीय बिजली गिरने की चेतावनी जारी की गई है। इन जिलों में कुछ स्थानों पर 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं भी चल सकती हैं।
राजधानी भोपाल सहित विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, नर्मदापुरम, बैतूल, हरदा, इंदौर, उज्जैन और ग्वालियर समेत प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए रहने तथा हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं। कहीं-कहीं तेज बौछारों के साथ बिजली चमकने और बादलों की गड़गड़ाहट सुनाई दे सकती है।
रीवा, सतना और सीधी में भारी बारिश की आशंका
मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार विंध्य क्षेत्र के रीवा, सतना और सीधी जिलों में बारिश की गतिविधियां अन्य क्षेत्रों की तुलना में अधिक प्रभावी रह सकती हैं। इन जिलों में कुछ स्थानों पर भारी बारिश होने की संभावना है। तेज बारिश के कारण निचले इलाकों में जलभराव, ग्रामीण सड़कों पर आवागमन प्रभावित होने तथा नदी-नालों के जलस्तर में वृद्धि जैसी स्थिति बन सकती है।
बारिश के दौरान तेज हवा चलने से कमजोर पेड़ों और कच्चे निर्माणों को नुकसान पहुंचने की आशंका भी बनी रहेगी। स्थानीय प्रशासन और नागरिकों को मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखने तथा आवश्यक सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।
भोपाल समेत इन जिलों में भी बारिश के आसार
प्रदेश के मध्य और पश्चिमी क्षेत्रों में भी बारिश का दौर देखने को मिल सकता है। भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़ जिलों में कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ वर्षा होने का अनुमान है। नर्मदापुरम संभाग के नर्मदापुरम, बैतूल और हरदा जिलों में भी बादल छाने तथा रुक-रुककर बारिश होने की संभावना जताई गई है।
मालवा क्षेत्र के इंदौर और उज्जैन सहित आसपास के जिलों में भी मौसम बदला हुआ रह सकता है। इन क्षेत्रों में कहीं हल्की बारिश तो कहीं तेज बौछारें पड़ सकती हैं। ग्वालियर और आसपास के इलाकों में भी गरज-चमक के साथ वर्षा होने के आसार बने हुए हैं।
30 से 40 किलोमीटर की रफ्तार से चल सकती हैं हवाएं
बारिश के साथ कुछ जिलों में तेज हवाएं परेशानी बढ़ा सकती हैं। मौसम विभाग के अनुसार आंधी के दौरान हवा की गति 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। इससे पेड़ों की कमजोर शाखाएं टूटने, अस्थायी शेड उड़ने और बिजली आपूर्ति प्रभावित होने की आशंका रहती है।
खुले क्षेत्रों, खेतों और सड़कों पर मौजूद लोगों को तेज हवा और बिजली चमकने की स्थिति में सुरक्षित स्थान पर पहुंचने की सलाह दी गई है। वाहन चालकों को बारिश के दौरान दृश्यता कम होने की स्थिति में धीमी गति से वाहन चलाना चाहिए।
अगले तीन दिनों तक बदला रह सकता है मौसम
प्रदेश में अगले तीन दिनों के दौरान मौसम में बदलाव जारी रहने की संभावना है। इस अवधि में अलग-अलग हिस्सों में बारिश की गतिविधियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि सभी जिलों में एक समान बारिश होने की संभावना नहीं है। कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम वर्षा होगी, जबकि पूर्वी मध्य प्रदेश के कुछ जिलों में तेज बारिश का दौर बन सकता है।
मौसम प्रणालियों की स्थिति के अनुसार जिलावार चेतावनी में बदलाव भी हो सकता है। इसलिए नागरिकों और किसानों को मौसम विभाग तथा स्थानीय प्रशासन द्वारा जारी किए जाने वाले ताजा पूर्वानुमान पर नजर रखने की सलाह दी गई है।
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
बदलते मौसम को देखते हुए किसानों को खेतों में रखी उपज को सुरक्षित स्थान पर रखने की आवश्यकता है। तेज बारिश की संभावना वाले क्षेत्रों में खेतों से अतिरिक्त पानी निकालने की व्यवस्था करना भी जरूरी होगा। बिजली चमकने या बादलों की तेज गर्जना होने पर किसानों और कृषि श्रमिकों को खुले खेतों, पेड़ों के नीचे तथा बिजली के खंभों के पास नहीं रुकना चाहिए।
मवेशियों को भी खुले मैदान में छोड़ने के बजाय सुरक्षित स्थान पर बांधने की सलाह दी गई है। तेज हवा और बारिश के दौरान कृषि संबंधी गतिविधियों को कुछ समय के लिए रोकना सुरक्षा की दृष्टि से उचित रहेगा।
आकाशीय बिजली से बचने के लिए बरतें सावधानी
आकाशीय बिजली चमकने के दौरान पेड़ के नीचे खड़ा होना खतरनाक हो सकता है। नागरिकों को पक्के भवन में शरण लेनी चाहिए और खुले मैदान, तालाब, नदी, बिजली के खंभे तथा ऊंचे स्थानों से दूरी बनाए रखनी चाहिए। बारिश के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और जलभराव वाले मार्गों से वाहन निकालने का प्रयास न करें।
किसी नदी या नाले में अचानक पानी बढ़ने की स्थिति में उसे पार करने का जोखिम नहीं लेना चाहिए। मौसम खराब होने पर स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें। मौसम संबंधी जानकारी बदल सकती है, इसलिए यात्रा या कृषि कार्य शुरू करने से पहले नवीनतम आधिकारिक बुलेटिन अवश्य देखें। देश के कई हिस्सों के साथ मध्य प्रदेश में भी 11 सितंबर को बारिश और आंधी की संभावना बताई गई है।
