MP सिंधिया राजघराने की 40 हजार करोड़ की संपत्ति का विवाद: कोर्ट में पेश हुआ 1000 पन्नों का रिकॉर्ड, अब 10 अक्टूबर को होगी सुनवाई
MP के ग्वालियर स्थित सिंधिया राजघराने की हजारों करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़ा विवाद एक बार फिर चर्चा में है। करीब 40 हजार करोड़ रुपये की संपत्तियों से जुड़े इस बहुचर्चित मामले में मंगलवार को जिला न्यायालय में महत्वपूर्ण सुनवाई हुई। इस दौरान अदालत के सामने लगभग 1000 पन्नों का रिकॉर्ड पेश किया गया, जिसमें पुराने दस्तावेज, न्यायालयीन कार्यवाही, दावे-आपत्तियां और फैमिली सेटलमेंट से जुड़े रिकॉर्ड शामिल हैं।
मामले की गंभीरता और दस्तावेजों की अधिक संख्या को देखते हुए न्यायालय ने तत्काल कोई फैसला नहीं सुनाया। अब इस मामले में अगली सुनवाई 10 अक्टूबर 2026 को होगी।
पद्माराजे सिंधिया की बेटी की कैविएट पर हुई सुनवाई
इस संपत्ति विवाद में मंगलवार की सुनवाई का मुख्य केंद्र स्वर्गीय पद्माराजे सिंधिया की बेटी प्रतिमा देवी की ओर से दायर की गई कैविएट रही। उनकी ओर से उनके दामाद न्यायालय में उपस्थित हुए और कैविएट के समर्थन में अपना पक्ष रखा।
कैविएट का उद्देश्य यह होता है कि यदि किसी मामले में अदालत कोई आदेश पारित करने वाली हो तो संबंधित पक्ष को पहले सुना जाए। प्रतिमा देवी की ओर से दाखिल कैविएट में मांग की गई है कि मामले में कोई भी आदेश जारी करने से पहले उनका पक्ष भी सुना जाए।
वहीं, अन्य पक्षकारों की ओर से कैविएट को निरस्त करने की मांग की गई। उनका तर्क था कि कैविएट के साथ केवल आवेदन प्रस्तुत किया गया है, लेकिन उसके समर्थन में जरूरी दस्तावेज संलग्न नहीं किए गए हैं। इसलिए इसे स्वीकार करने का कोई पर्याप्त आधार नहीं है।
दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद टली सुनवाई
सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों ने अपने-अपने तर्क न्यायालय के सामने रखे। एक पक्ष ने कैविएट को बनाए रखने की मांग की, जबकि दूसरे पक्ष ने इसे खारिज करने की अपील की।
अदालत के सामने यह भी तथ्य रखा गया कि कैविएट दाखिल करने वाले पक्ष ने अभी तक अपने दावे के समर्थन में विस्तृत दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए हैं। न्यायालय ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुना और मामले से जुड़े रिकॉर्ड का अवलोकन किया।
कोर्ट में पेश हुआ 1000 पन्नों का रिकॉर्ड
संपत्ति विवाद से जुड़े मामले में करीब 1000 पन्नों का रिकॉर्ड न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया गया। इन दस्तावेजों में पहले हुई न्यायिक कार्यवाही, विभिन्न पक्षों द्वारा लगाए गए दावे और आपत्तियां, परिवार के बीच हुए समझौते (फैमिली सेटलमेंट) से जुड़े दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण अभिलेख शामिल हैं।
इतने बड़े रिकॉर्ड को देखते हुए अदालत ने माना कि सभी दस्तावेजों का विस्तृत अध्ययन जरूरी है। न्यायालय ने कहा कि बिना सभी रिकॉर्ड का अध्ययन किए किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
इसी कारण अदालत ने मामले की सुनवाई आगे बढ़ाते हुए अगली तारीख 10 अक्टूबर 2026 निर्धारित कर दी।
क्या है सिंधिया संपत्ति विवाद?
सिंधिया राजघराने की संपत्तियों को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। ग्वालियर के पूर्व राजपरिवार की कई संपत्तियां, जमीनें, भवन और अन्य परिसंपत्तियां इस विवाद का हिस्सा हैं। इन संपत्तियों का मूल्य हजारों करोड़ रुपये बताया जाता है।
मामला परिवार के विभिन्न पक्षों के बीच अधिकार और हिस्सेदारी से जुड़ा हुआ है। संपत्ति के बंटवारे, पुराने समझौतों और कानूनी दावों को लेकर अलग-अलग पक्ष अदालत का रुख कर चुके हैं।
फैमिली सेटलमेंट और पुराने दस्तावेज बने अहम आधार
इस मामले में फैमिली सेटलमेंट से जुड़े दस्तावेजों की भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। अदालत में पेश किए गए रिकॉर्ड में ऐसे कई दस्तावेज शामिल हैं, जिनके आधार पर संपत्ति के अधिकार और दावों की स्थिति स्पष्ट हो सकती है।
न्यायालय अब इन दस्तावेजों का अध्ययन करेगा और इसके बाद आगे की कानूनी प्रक्रिया तय होगी।
मामले पर बनी हुई है लोगों की नजर
सिंधिया राजघराना मध्यप्रदेश के इतिहास और राजनीति में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। यही वजह है कि इस संपत्ति विवाद पर राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्रों में भी लगातार चर्चा होती रही है।
40 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति से जुड़े इस मामले में अब अगली सुनवाई 10 अक्टूबर को होगी। उस दिन अदालत दस्तावेजों के अध्ययन और दोनों पक्षों की दलीलों के आधार पर आगे की कार्रवाई तय कर सकती है।
फिलहाल अदालत ने सभी पक्षों को रिकॉर्ड और दस्तावेजों के आधार पर आगे की प्रक्रिया के लिए इंतजार करने के निर्देश दिए हैं।
