मध्यप्रदेश में 85% ज्वेलर्स बिना हॉलमार्क सोना बेच रहे हैं। रिकॉर्ड गोल्ड प्राइस के बीच ग्राहकों को धोखाधड़ी का खतरा और 20% तक नुकसान।
MP News: बिना हॉलमार्क सोना बेच रहे 85% ज्वेलर्स, रिकॉर्ड कीमतों के बीच ग्राहकों के साथ बड़ा जोखिम
मध्यप्रदेश में इन दिनों सोने की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच चुकी हैं। लोग अपनी जीवन भर की कमाई से सोना खरीदते हैं क्योंकि इसे सुरक्षित निवेश माना जाता है। लेकिन इसी बीच सराफा बाजार से सामने आए आंकड़े बेहद चौंकाने वाले हैं। प्रदेश में हजारों ज्वेलर्स बिना हॉलमार्क सोना बेच रहे हैं, जिससे ग्राहकों के साथ धोखाधड़ी का खतरा बढ़ गया है।
हैरानी की बात यह है कि प्रदेश में काम कर रहे लगभग 45,000 ज्वेलर्स में से सिर्फ 6,627 ने ही हॉलमार्क लाइसेंस लिया है। इसका मतलब है कि करीब 85 प्रतिशत ज्वेलर्स बिना हॉलमार्क सोना बेच रहे हैं।
हॉलमार्किंग क्या है और क्यों जरूरी है
हॉलमार्किंग दरअसल सोने की शुद्धता का सरकारी प्रमाण होता है। यह प्रमाण भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) द्वारा दिया जाता है। जब किसी आभूषण पर हॉलमार्क होता है तो इसका मतलब है कि उस सोने की गुणवत्ता की जांच सरकारी लैब में की गई है।
16 जून 2021 से देश में सोने के आभूषणों पर हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई थी। इसके बावजूद मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में ज्वेलर्स अभी भी बिना हॉलमार्क सोना बेच रहे हैं।
मध्यप्रदेश के सराफा बाजार के चौंकाने वाले आंकड़े
प्रदेश के सराफा बाजार से मिले आंकड़े बताते हैं कि हजारों ज्वेलर्स नियमों का पालन नहीं कर रहे।
प्रदेश में ज्वेलर्स की कुल संख्या
45,000 से अधिक
हॉलमार्क लाइसेंस लेने वाले
6,627
बिना लाइसेंस के सोना बेचने वाले
38,000 से ज्यादा
यानी करीब 85 प्रतिशत ज्वेलर्स बिना हॉलमार्क सोना बेच रहे हैं।
बड़े शहरों में भी हालत खराब
यह समस्या सिर्फ छोटे शहरों तक सीमित नहीं है। मध्यप्रदेश के बड़े शहरों में भी स्थिति चिंताजनक है।
इंदौर
प्रदेश की व्यापारिक राजधानी इंदौर में लगभग 910 ज्वेलर्स ही रजिस्टर्ड हैं।
भोपाल
राजधानी भोपाल में सिर्फ 636 ज्वेलर्स के पास हॉलमार्क लाइसेंस है।
ग्वालियर
ग्वालियर में स्थिति और भी खराब है, यहां सिर्फ 349 ज्वेलर्स ने ही हॉलमार्क अपनाया है।
जबलपुर
जबलपुर में भी महज 484 ज्वेलर्स ही नियमों का पालन कर रहे हैं।
हॉलमार्क सेंटर होने के बावजूद समस्या क्यों
मध्यप्रदेश में हॉलमार्किंग की सुविधा की कमी नहीं है। प्रदेश में 43 हॉलमार्क सेंटर सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। इसके बावजूद बड़ी संख्या में ज्वेलर्स लाइसेंस लेने से बच रहे हैं।इसके पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं।
ज्वेलर्स हॉलमार्किंग से क्यों बचते हैं
विशेषज्ञों के अनुसार कई ज्वेलर्स जानबूझकर हॉलमार्किंग से बचते हैं क्योंकि इससे उनके अवैध मुनाफे पर रोक लग जाती है।
1. टैक्स चोरी रुक जाती है
हॉलमार्किंग होने पर हर गहने का रिकॉर्ड BIS पोर्टल पर दर्ज होता है। इससे कच्ची बिलिंग और टैक्स चोरी मुश्किल हो जाती है।
2. कम कैरेट का सोना नहीं बेच सकते
कई दुकानदार 22 कैरेट के नाम पर 20 या 18 कैरेट का सोना बेच देते हैं। हॉलमार्किंग में यह तुरंत पकड़ा जाता है।
3. पुराना स्टॉक निकालना आसान
कुछ ज्वेलर्स वर्षों से बिना मार्क वाले पुराने आभूषण ग्राहकों को बेचते आ रहे हैं।
बिना हॉलमार्क सोना खरीदने के बड़े नुकसान
ग्राहकों के लिए बिना हॉलमार्क सोना खरीदना काफी नुकसानदायक साबित हो सकता है।
1. पुनर्विक्रय में भारी कटौती
जब ग्राहक पुराने जेवर बेचने जाते हैं तो ज्वेलर्स अशुद्धता का हवाला देकर 20 प्रतिशत तक कीमत काट लेते हैं।
2. असली कैरेट का पता नहीं
ग्राहक को पता ही नहीं चलता कि वह 22 कैरेट का सोना खरीद रहा है या 18 कैरेट का।
3. लोन लेने में परेशानी
अगर ग्राहक सोने के आभूषण गिरवी रखकर बैंक से लोन लेना चाहता है तो बिना हॉलमार्क वाले जेवर की कीमत कम लगाई जाती है।
विशेषज्ञों की चेतावनी
इंडियन बुलियन ज्वेलर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश के बोर्ड ऑफ डायरेक्टर अभिषेक गोयल का कहना है कि हॉलमार्किंग को पूरी तरह लागू करना जरूरी है।उनके अनुसार 14 जिलों में सराफा कारोबारियों के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य हो चुकी है और धीरे-धीरे इसका दायरा बढ़ाया जा रहा है।
सोना खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
अगर आप सोना खरीदने जा रहे हैं तो कुछ जरूरी सावधानियां जरूर रखें।
हमेशा BIS हॉलमार्क वाला सोना ही खरीदें
ज्वेलर का BIS रजिस्ट्रेशन नंबर जरूर देखें
खरीदारी का पक्का बिल लें
सोने पर कैरेट और हॉलमार्क चिन्ह जांचें
BIS CARE ऐप से हॉलमार्क को वेरिफाई करें
निष्कर्ष
सोने की कीमतें जब रिकॉर्ड स्तर पर हैं, ऐसे समय में ग्राहकों के लिए सावधान रहना और भी जरूरी हो जाता है। मध्यप्रदेश में बड़ी संख्या में ज्वेलर्स अभी भी बिना हॉलमार्क सोना बेच रहे हैं, जिससे उपभोक्ताओं को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।इसलिए सोना खरीदते समय जल्दबाजी न करें और हमेशा हॉलमार्क की जांच जरूर करें। यही आपकी मेहनत की कमाई को सुरक्षित रखने का सबसे भरोसेमंद तरीका है।
