MP Five Days Working Attendance Rule के तहत मुख्यमंत्री मोहन यादव ने मंत्रालय में सख्त अटेंडेंस लागू की। कर्मचारी अधिकारी संघ ने Five Days Working पर पुनर्विचार की मांग उठाई।
MP Five Days Working Attendance Rule क्या है?
सरकार का सख्त अटेंडेंस आदेश
MP Five Days Working Attendance Rule के तहत सामान्य प्रशासन विभाग ने मंत्रालय परिसर में अचानक निगरानी शुरू कर दी।
सूत्रों के अनुसार:
- देर से आने वाले कर्मचारियों की सूची तैयार की गई
- कई विभागों में उपस्थिति रजिस्टर की जांच की गई
- डिजिटल अटेंडेंस सिस्टम की भी समीक्षा की गई
सरकार इसे “कार्यसंस्कृति सुधार अभियान” बता रही है।
कर्मचारी अधिकारी संघ की प्रतिक्रिया
मध्य प्रदेश कर्मचारी अधिकारी संघ के प्रदेश अध्यक्ष जितेंद्र सिंह ने MP Five Days Working Attendance Rule पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा:
“समय पर उपस्थिति जरूरी है, लेकिन नियम केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं रहना चाहिए।”
उन्होंने आरोप लगाया कि:
- कई अधिकारी समय पर कार्यालय नहीं पहुंचते
- जनता से मिलने का समय तय होने के बावजूद अधिकारी उपलब्ध नहीं रहते
- जवाबदेही केवल निचले कर्मचारियों तक सीमित है
संघ ने मांग की कि अधिकारियों की उपस्थिति भी सार्वजनिक की जाए।
Five Days Working पर पुनर्विचार की मांग
MP Five Days Working Attendance Rule के संदर्भ में कर्मचारी नेता ने साफ कहा कि यदि समान नियम लागू नहीं हुए तो “Five Days Working” व्यवस्था पर पुनर्विचार होना चाहिए।
उन्होंने दो विकल्प सुझाए:
- सभी स्तरों पर समान उपस्थिति नियम लागू हों
- या फिर छह दिन कार्य प्रणाली पुनः लागू की जाए
यह मांग प्रशासनिक हलकों में चर्चा का विषय बन गई है।
प्रशासनिक अनुशासन बनाम पारदर्शिता
MP Five Days Working Attendance Rule को लेकर दो धाराएं स्पष्ट दिखाई दे रही हैं।
सरकार का पक्ष:
- अनुशासन मजबूत करना
- समयबद्ध कार्य संस्कृति
- जनता को बेहतर सेवा
कर्मचारी संगठनों का पक्ष:
- समान नियम
- अधिकारियों की जवाबदेही
- पारदर्शी मॉनिटरिंग सिस्टम
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि MP Five Days Working Attendance Rule केवल कर्मचारियों तक सीमित रहा, तो असंतोष बढ़ सकता है।
मंत्रालय में औचक निरीक्षण से हड़कंप
सूत्रों के अनुसार:
- कई विभागों में अनुपस्थित कर्मचारियों की पहचान हुई
- वरिष्ठ अधिकारियों की उपस्थिति पर भी सवाल उठे
- मंत्रालय में कर्मचारियों के बीच चिंता का माहौल बना
MP Five Days Working Attendance Rule ने मंत्रालय की कार्यप्रणाली को सीधे प्रभावित किया है।
आगे क्या होगा?
आने वाले दिनों में सरकार और कर्मचारी संगठनों के बीच बैठक की संभावना जताई जा रही है।
संभावित कदम:
- बायोमेट्रिक अटेंडेंस अनिवार्य
- अधिकारियों की भी डिजिटल मॉनिटरिंग
- जनता के लिए शिकायत पोर्टल मजबूत करना
यदि MP Five Days Working Attendance Rule संतुलित तरीके से लागू किया गया, तो यह प्रशासनिक सुधार का बड़ा कदम साबित हो सकता है।
निष्कर्ष
MP Five Days Working Attendance Rule ने मध्य प्रदेश की प्रशासनिक व्यवस्था में नई बहस छेड़ दी है।एक ओर सरकार अनुशासन और समयपालन की बात कर रही है, तो दूसरी ओर कर्मचारी संगठन समानता और पारदर्शिता की मांग उठा रहे हैं।यदि यह नियम सभी स्तरों पर समान रूप से लागू हुआ, तो यह प्रशासनिक सुधार की दिशा में मजबूत कदम होगा।लेकिन यदि असमानता रही, तो Five Days Working व्यवस्था पर बड़ा निर्णय सामने आ सकता है।

