मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव 21 मार्च को जयपुर में निवेशकों से मिलेंगे। टेक्सटाइल, ऑटोमोबाइल और EV सेक्टर में निवेश को लेकर बातचीत होगी। जानिए MP में उद्योगों को लेकर बड़ी योजनाएं।
जयपुर में निवेश सम्मेलन: क्यों है खास?
राजस्थान की राजधानी जयपुर के आईटीसी राजपूताना में आयोजित होने वाले इस कार्यक्रम का नाम ‘इंटरेक्टिव सेशन ऑन इन्वेस्टमेंट अपॉर्च्युनिटीज इन मध्यप्रदेश’ रखा गया है। इस दौरान मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव उद्योगपतियों के साथ वन-टू-वन संवाद करेंगे।यह आयोजन इसलिए भी खास है क्योंकि कुछ दिन पहले भीलवाड़ा में टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर इसी प्रकार का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हो चुका है। अब जयपुर में यह दूसरा बड़ा आयोजन है, जहां राजस्थान और आसपास के क्षेत्रों के निवेशकों को मध्यप्रदेश में निवेश के लिए आकर्षित करने का प्रयास किया जाएगा।
किन सेक्टरों पर होगी मुख्य चर्चा?
टेक्सटाइल सेक्टर में नई संभावनाएं
मध्यप्रदेश सरकार टेक्सटाइल सेक्टर को विशेष प्राथमिकता दे रही है। धार जिले में पीएम मित्रा (PM Mega Integrated Textile Regions and Apparel) पार्क स्थापित किया जा रहा है, जो देश के सबसे बड़े टेक्सटाइल पार्कों में से एक होगा। मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव इस सेक्टर में निवेश के लिए राजस्थानी उद्योगपतियों को आमंत्रित करेंगे, क्योंकि राजस्थान पहले से ही टेक्सटाइल हब के रूप में जाना जाता है।
इलेक्ट्रिक व्हीकल (EV) और ऑटोमोबाइल हब
EV सेक्टर में मध्यप्रदेश तेजी से उभरता हुआ राज्य बन रहा है। सरकार ने इलेक्ट्रिक व्हीकल नीति लागू कर चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स को बढ़ावा देने का निर्णय लिया है। जयपुर में सीएम मोहन यादव EV मैन्युफैक्चरिंग और ऑटोमोबाइल कंपोनेंट्स में निवेश को लेकर बातचीत करेंगे।
फूड प्रोसेसिंग और पर्यटन पर फोकस
वर्ष 2026 को ‘कृषि वर्ष’ घोषित किए जाने के बाद, फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में निवेश को विशेष प्रोत्साहन दिया जा रहा है। इसके अलावा, मध्यप्रदेश में पर्यटन के असीमित अवसर हैं। मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव का लक्ष्य इन दोनों क्षेत्रों में निजी भागीदारी बढ़ाना है।
एमपी में निवेश के लिए बड़ी योजनाएं
नई औद्योगिक नीति और सिंगल विंडो सिस्टम
मोहन सरकार ने हाल ही में नई औद्योगिक नीति बनाकर निवेश की प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन और पारदर्शी बनाया है। सिंगल विंडो सिस्टम के माध्यम से उद्योगपतियों को लाइसेंस और अनुमति में किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया है।
प्रमुख इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स
मध्यप्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए कई जिलों में मेगा प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है:
- उज्जैन: मेडिकल डिवाइस पार्क
- ग्वालियर: फुटवियर पार्क
- जबलपुर: डिफेंस हब
- धार: पीएम मित्रा पार्क (टेक्सटाइल)
- भोपाल/इंदौर: आईटी पार्क और स्किल डेवलपमेंट सेंटर
मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश
मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव का स्पष्ट संदेश है कि मध्यप्रदेश अब केवल संभावनाओं तक सीमित राज्य नहीं रहा, बल्कि नीतिगत स्पष्टता, त्वरित निर्णय क्षमता और मजबूत औद्योगिक आधार के साथ निवेश को धरातल पर उतारने वाला अग्रणी राज्य बन चुका है।
“निवेश केवल पूंजी का प्रवाह नहीं है, बल्कि यह रोजगार सृजन, कौशल विकास, प्रौद्योगिकी हस्तांतरण और समग्र क्षेत्रीय विकास का माध्यम है। हमने प्रक्रियाओं को सरल बनाकर यह सुनिश्चित किया है कि निवेशकों को कागजी कार्रवाई में कोई परेशानी न हो।” – डॉ. मोहन यादव, मुख्यमंत्री, मध्यप्रदेश
उद्योगपतियों को आकर्षित करने के लिए सरकार ने राजस्थान में लगातार दो बड़े आयोजन किए हैं। पहले भीलवाड़ा और अब जयपुर में यह रोड शो इस बात का प्रमाण है कि मध्यप्रदेश सरकार निवेश को लेकर पूरी तरह सक्रिय है।
निष्कर्ष: एमपी बना निवेश की पहली पसंद
जयपुर में होने वाला यह बड़ा आयोजन न केवल मध्यप्रदेश के सीएम मोहन यादव की सक्रिय नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है, बल्कि यह भी साबित करता है कि मध्यप्रदेश अब निवेश के लिहाज से एक प्रीफर्ड डेस्टिनेशन बन चुका है। टेक्सटाइल, EV, ऑटोमोबाइल और फूड प्रोसेसिंग जैसे प्रमुख सेक्टरों में हो रहे इस निवेश से प्रदेश में हजारों युवाओं को रोजगार मिलेगा।यदि आप एक निवेशक हैं और मध्यप्रदेश में अपना उद्योग स्थापित करना चाहते हैं, तो यह सही समय है। सरकार की नई औद्योगिक नीति और मुख्यमंत्री की सकारात्मक पहल इसे सुनहरा अवसर बनाती है।
