सेवा संकल्प अभियान को लेकर संस्था प्रमुखों की बैठक, विद्यालयों में दीप प्रज्वलन से होगा शुभारंभ
जन शिक्षा केंद्र पड़ाना में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के कार्यों की समीक्षा, लंबित प्रकरण समय पर पूरे करने के निर्देश
पड़ाना। रिपोर्टर: मनोज कुमार पुष्पद। जन शिक्षा केंद्र पड़ाना में बुधवार को सेवा संकल्प अभियान को लेकर शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों के संस्था प्रमुखों की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक में उपस्थित संस्था प्रमुखों को अभियान की विस्तृत रूपरेखा, उद्देश्य और विद्यालय स्तर पर आयोजित की जाने वाली गतिविधियों के संबंध में जानकारी दी गई।
बैठक में बताया गया कि सेवा संकल्प अभियान 17 सितंबर से प्रारंभ होकर 17 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। इस एक माह की अवधि में विद्यालयों में सेवा, स्वच्छता, सामाजिक जिम्मेदारी और जनभागीदारी से जुड़ी विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। सभी संस्था प्रमुखों से अभियान को प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप से संचालित करने और विद्यार्थियों की सक्रिय सहभागिता सुनिश्चित करने का आह्वान किया गया।
इस दौरान शासकीय विद्यालयों में संचालित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक गतिविधियों की समीक्षा भी की गई। पुस्तक वितरण, अपार आईडी मैपिंग, प्रशस्त ऐप, एसएचवीआर, गणवेश, लंबित बैंक खाते, एसएमसी के नए खाते, छात्रवृत्ति और यू-डाइस प्लस सहित विभिन्न विषयों की प्रगति जानी गई।
दीप प्रज्वलन के साथ अभियान का शुभारंभ
बैठक में संस्था प्रमुखों को निर्देश दिया गया कि 17 सितंबर को शाम 7 बजे सभी विद्यालयों में दीप प्रज्वलित कर सेवा संकल्प अभियान की शुरुआत की जाए। विद्यालय परिसरों में दीपों की जगमग रोशनी के माध्यम से सेवा, समर्पण और राष्ट्र निर्माण का संदेश दिया जाएगा।
संस्था प्रमुखों से कहा गया कि दीप प्रज्वलन कार्यक्रम में शिक्षकों, विद्यार्थियों और विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों की सहभागिता सुनिश्चित की जाए। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को सेवा भावना, अनुशासन, स्वच्छता और सामाजिक दायित्व का महत्व बताया जाए। विद्यालयों को अभियान के दौरान निर्धारित कार्यक्रमों का समयबद्ध रूप से आयोजन करने के निर्देश भी दिए गए।
एक माह तक विद्यालयों में चलेंगी गतिविधियां
सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत 17 सितंबर से 17 अक्टूबर तक विद्यालय स्तर पर अलग-अलग गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। बैठक में सभी संस्था प्रमुखों को अभियान के कार्यक्रमों के बारे में जानकारी देते हुए कहा गया कि प्रत्येक गतिविधि का उद्देश्य विद्यार्थियों में सामाजिक उत्तरदायित्व और सेवा की भावना विकसित करना होना चाहिए।
अधिकारियों ने संस्था प्रमुखों से कहा कि अभियान को केवल औपचारिक कार्यक्रम तक सीमित न रखा जाए। विद्यालयों में होने वाली गतिविधियों में अधिक से अधिक विद्यार्थियों को जोड़कर उन्हें स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण, समाजसेवा और अनुशासन के प्रति जागरूक किया जाए। स्थानीय स्तर पर अभिभावकों और समुदाय के सदस्यों को भी अभियान से जोड़ने के प्रयास किए जाएं।
विद्यालयों में कार्यक्रमों के बेहतर संचालन के लिए संस्था प्रमुखों को पूर्व तैयारी करने और सभी आवश्यक व्यवस्थाएं समय पर सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। साथ ही आयोजित गतिविधियों की जानकारी और प्रगति का रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने के निर्देश दिए गए।
पुस्तक वितरण की स्थिति की समीक्षा
बैठक के दौरान शासकीय विद्यालयों में विद्यार्थियों को पुस्तकों के वितरण की स्थिति पर चर्चा की गई। संस्था प्रमुखों से जानकारी ली गई कि उनके विद्यालयों में सभी विद्यार्थियों को निर्धारित पाठ्यपुस्तकें प्राप्त हुई हैं या नहीं। जहां पुस्तक वितरण से संबंधित कार्य लंबित है, वहां शीघ्र कार्रवाई कर विद्यार्थियों को पुस्तकें उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
कहा गया कि किसी भी विद्यार्थी की पढ़ाई आवश्यक पाठ्यसामग्री के अभाव में प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसलिए संस्था प्रमुख पुस्तक वितरण से संबंधित रिकॉर्ड का मिलान कर लंबित मामलों को प्राथमिकता के साथ पूरा करें।
अपार आईडी मैपिंग और प्रशस्त ऐप की जानकारी
बैठक में विद्यार्थियों की अपार आईडी मैपिंग के कार्य की भी समीक्षा की गई। संस्था प्रमुखों को इस प्रक्रिया से संबंधित आवश्यक जानकारी देते हुए निर्देशित किया गया कि लंबित मैपिंग जल्द से जल्द पूरी की जाए। विद्यार्थियों का विवरण दर्ज करते समय नाम, जन्मतिथि एवं अन्य जानकारियों की सावधानीपूर्वक जांच करने के लिए कहा गया।
प्रशस्त ऐप पर किए जाने वाले कार्यों की स्थिति भी जानी गई। जिन विद्यालयों का काम अधूरा पाया गया, उनके संस्था प्रमुखों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जानकारी दर्ज करने और लंबित कार्यों को समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए गए।
गणवेश और छात्रवृत्ति संबंधी मामलों पर चर्चा
बैठक में विद्यार्थियों की गणवेश व्यवस्था और छात्रवृत्ति से जुड़े लंबित खातों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। संस्था प्रमुखों से कहा गया कि पात्र विद्यार्थियों को योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए बैंक खाते और आवश्यक अभिलेख समय पर पूरे कराए जाएं।
छात्रवृत्ति के लंबित मामलों की विद्यालयवार समीक्षा करते हुए संबंधित संस्था प्रमुखों को आवश्यक सुधार करने को कहा गया। यह भी निर्देश दिया गया कि किसी दस्तावेज की कमी या बैंक खाते से संबंधित समस्या के कारण विद्यार्थी योजना के लाभ से वंचित न रहें। ऐसी स्थिति में विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों को समय पर सूचना एवं आवश्यक मार्गदर्शन प्रदान किया जाए।
एसएमसी के नए बैंक खातों पर हुई चर्चा
विद्यालय प्रबंधन समितियों के नए बैंक खाते खोलने और लंबित खातों को सक्रिय कराने की स्थिति की भी समीक्षा की गई। संस्था प्रमुखों को एसएमसी खातों से जुड़े आवश्यक दस्तावेजों और प्रक्रिया के बारे में जानकारी दी गई।
बैठक में कहा गया कि विद्यालय के वित्तीय एवं विकास संबंधी कार्यों के सुचारू संचालन के लिए एसएमसी बैंक खाते का सक्रिय होना जरूरी है। जिन विद्यालयों में खाते खोलने अथवा उन्हें संचालित करने की प्रक्रिया लंबित है, वहां आवश्यक दस्तावेज पूरे कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए।
यू-डाइस प्लस का कार्य समय पर पूरा करने के निर्देश
बैठक में यू-डाइस प्लस पोर्टल पर विद्यालय, शिक्षक और विद्यार्थियों से संबंधित जानकारी दर्ज करने की प्रगति की समीक्षा की गई। संस्था प्रमुखों को पोर्टल पर दर्ज आंकड़ों की जांच करने और किसी प्रकार की त्रुटि होने पर उसे सुधारने की जानकारी दी गई।
अधिकारियों ने कहा कि यू-डाइस प्लस पर विद्यालय की सही एवं अद्यतन जानकारी दर्ज होना आवश्यक है। इसके माध्यम से शैक्षणिक योजनाओं और संसाधनों की आवश्यकता का आकलन किया जाता है। इसलिए सभी संस्था प्रमुख इस कार्य को गंभीरता से लेते हुए समयसीमा में पूरा करें।
संस्था प्रमुखों को दिया आवश्यक मार्गदर्शन
बैठक में संकुल प्राचार्य एसएन वर्मा, जन शिक्षक लालूराम मालवीय और महेश कुमार मंडलोई ने संस्था प्रमुखों को विभिन्न कार्यों के संबंध में आवश्यक जानकारी एवं मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सभी विद्यालय निर्धारित दिशा-निर्देशों के अनुसार सेवा संकल्प अभियान की गतिविधियां संचालित करें और लंबित शैक्षणिक एवं प्रशासनिक कार्यों को प्राथमिकता से पूरा करें।
बैठक में प्रधानाध्यापक शंकरलाल भिलाला, हिंदूसिंह परमार, रामसिंह चंदेल, आत्माराम भिलाला, बद्रीलाल मरमट, मदनलाल जायसवाल, मोहनलाल वर्मा और पर्वतसिंह लववंशी उपस्थित रहे।
अशासकीय शिक्षण संस्थाओं से राजेंद्र सिंह राठौड़, भोजराज सिंह परमार, राजेश कुमार परमार, सूरजसिंह तोमर, मानसिंह राजपूत, मुशरफ खान, नुरुल अमीन अंसारी और देवेंद्र जाटव सहित अन्य संस्था प्रमुखों ने बैठक में भाग लिया। सभी ने सेवा संकल्प अभियान के कार्यक्रमों को व्यवस्थित रूप से संचालित करने और विद्यालयों के लंबित कार्य समय पर पूरे करने का भरोसा दिलाया।
