मंडलेश्वर में निकली भव्य तिरंगा यात्रा, ‘वंदे मातरम’ के जयघोष से गूंजा नगर
संवाददाता : गौतम साल्वे
“वंदे मातरम एक शब्द नहीं, करोड़ों भारतवासियों की भावना और आराधना है” : मनोज परमार
Mandleshwar। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर मंडलेश्वर में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम से ओत-प्रोत भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा के शुभारंभ अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में महेश्वर विधानसभा क्षेत्र के समाजसेवी एवं बलाई महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष मनोज परमार ने तिरंगे के महत्व और राष्ट्रभक्ति की भावना पर विचार व्यक्त किए।
मनोज परमार ने कहा कि तिरंगा देश की पहचान और गौरव का प्रतीक है। देश की स्वतंत्रता के लिए असंख्य वीरों ने अपना बलिदान दिया है। आज देश का प्रत्येक नागरिक तिरंगे के मान-सम्मान और गौरव की रक्षा के लिए सदैव तत्पर है।
उन्होंने कहा कि राष्ट्रध्वज केवल कपड़े का एक टुकड़ा नहीं, बल्कि देश के करोड़ों नागरिकों की भावनाओं, त्याग और स्वाभिमान का प्रतीक है। तिरंगे के प्रति सम्मान प्रत्येक भारतीय के मन में होना चाहिए।
‘वंदे मातरम’ को बताया राष्ट्रीय भावना का प्रतीक
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज परमार ने ‘वंदे मातरम’ के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम केवल शब्दों की रचना नहीं, बल्कि भारत माता के प्रति श्रद्धा और करोड़ों भारतीयों की भावनाओं का प्रतीक है।
उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में वंदे मातरम की भूमिका का उल्लेख करते हुए कहा कि इस गीत ने स्वतंत्रता सेनानियों में राष्ट्र के लिए त्याग और बलिदान की भावना को मजबूत किया। उन्होंने कहा कि आजादी के आंदोलन के दौरान अनेक क्रांतिकारियों और राष्ट्रभक्तों ने देश के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
परमार ने कहा कि राष्ट्रभक्ति की भावना को मजबूत करना प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। देश के महापुरुषों और स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग से युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।
तिरंगा थामने वाले हाथों में देश का स्वाभिमान : रोहित जोशी
कार्यक्रम में पंडित रोहित जोशी ने कहा कि तिरंगा थामने वाले हाथों में करोड़ों भारतवासियों का स्वाभिमान है। राष्ट्रीय ध्वज देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने सभी नागरिकों से राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और कर्तव्य की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि देश की स्वतंत्रता को सुरक्षित रखने और राष्ट्र की प्रगति में योगदान देने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए।

प्रमुख मार्गों से निकली तिरंगा यात्रा
कार्यक्रम की अध्यक्षता राजेश पवार ने की। यात्रा संयोजक रविन्द्र खांडेकर और महादेव खेड़े ने अतिथियों का स्वागत किया। शुभारंभ कार्यक्रम के बाद तिरंगा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली।
यात्रा में बड़ी संख्या में नागरिकों और युवाओं ने सहभागिता की। हाथों में तिरंगा लेकर लोग देशभक्ति के नारों के साथ आगे बढ़े। पूरे मार्ग में राष्ट्रप्रेम और उत्साह का वातावरण दिखाई दिया।
तिरंगा यात्रा के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम के जयघोष से वातावरण गूंजता रहा। लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति अपने समर्पण का संदेश दिया।
अंबेडकर प्रतिमा पर किया पुष्पांजलि अर्पित
तिरंगा यात्रा नगर के प्रमुख मार्गों से होते हुए अंबेडकर प्रतिमा स्थल पहुंची। यहां उपस्थित अतिथियों एवं यात्रा में शामिल लोगों ने भारत रत्न डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया।
इसके बाद तिरंगा यात्रा को डॉ. भीमराव अंबेडकर की जन्मभूमि महू के लिए रवाना किया गया। यात्रा के माध्यम से राष्ट्रप्रेम, सामाजिक एकता और महापुरुषों के प्रति सम्मान का संदेश दिया गया।
महेश्वर नगर परिषद अध्यक्ष प्रतिनिधि गजराज यादव ने मनोज परमार की सक्रियता की सराहना करते हुए कहा कि आने वाले समय में इस यात्रा को और अधिक भव्य स्वरूप दिया जाएगा।
बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक रहे मौजूद
कार्यक्रम में चंचल अग्रवाल, बजरंग दल के बलराम खटीक, एबीवीपी के रौनक सोनी, कमलेश चौहान सहित बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिक एवं सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कार्यक्रम का संचालन श्याम मेवाड़े ने किया। आयोजन के दौरान उपस्थित लोगों में विशेष उत्साह देखने को मिला। तिरंगा यात्रा ने नगर में देशभक्ति और राष्ट्रप्रेम का वातावरण निर्मित किया।
मंडलेश्वर से शुरू हुई इस तिरंगा यात्रा ने नागरिकों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, देश की एकता और अखंडता के प्रति जागरूक करने के साथ स्वतंत्रता सेनानियों के त्याग और बलिदान को याद करने का अवसर दिया। यात्रा के माध्यम से युवाओं और आम नागरिकों में राष्ट्रप्रेम की भावना को और मजबूत करने का संदेश दिया गया।

