मनावर में जिला स्तरीय मां नर्मदा रेवा सेवा समागम कार्यशाला आयोजित
नर्मदा संरक्षण, स्वच्छता और पर्यावरण संवर्धन पर हुई चर्चा, जनभागीदारी से नदी संरक्षण को जनअभियान बनाने पर जोर
Manawar , जिला धार। मां नर्मदा के संरक्षण, संवर्धन एवं स्वच्छता के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला स्तरीय मां नर्मदा रेवा सेवा समागम कार्यशाला का आयोजन 16 अगस्त को जनपद पंचायत सभा कक्ष मनावर में किया गया। कार्यशाला में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों एवं कार्यकर्ताओं ने सहभागिता की।
कार्यशाला का शुभारंभ अतिथियों द्वारा मां नर्मदा के छायाचित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। इसके बाद अतिथियों का स्वागत किया गया। मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद, जिला धार के जिला समन्वयक श्री सौरभ शुक्ला ने स्वागत भाषण देते हुए कार्यशाला की रूपरेखा, उद्देश्य एवं नर्मदा संरक्षण से जुड़े विषयों की जानकारी दी।
नर्मदा संरक्षण में जनभागीदारी जरूरी
कार्यशाला के दौरान मां नर्मदा के संरक्षण, नदी की स्वच्छता, पर्यावरण संवर्धन तथा जनभागीदारी से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि नर्मदा केवल एक नदी नहीं, बल्कि प्रदेश की सांस्कृतिक, धार्मिक और पर्यावरणीय पहचान से जुड़ी महत्वपूर्ण धरोहर है। इसके संरक्षण के लिए समाज के प्रत्येक वर्ग को अपनी जिम्मेदारी निभानी होगी।
जिला पंचायत सदस्य श्री गणेश जर्मन ने अपने उद्बोधन में नर्मदा एवं पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि नदी को स्वच्छ एवं सुरक्षित रखने के लिए केवल प्रशासनिक प्रयास पर्याप्त नहीं हैं, बल्कि आम नागरिकों की सक्रिय भागीदारी भी जरूरी है।
उन्होंने कहा कि नर्मदा के तटवर्ती क्षेत्रों में स्वच्छता, पौधारोपण और जल संरक्षण जैसे कार्यों को निरंतर आगे बढ़ाने की आवश्यकता है। जनभागीदारी के माध्यम से इन गतिविधियों को व्यापक जनअभियान का स्वरूप दिया जा सकता है।
विशेषज्ञों ने विभिन्न विषयों पर दी जानकारी
कार्यशाला में मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद भोपाल के उपनिदेशक श्री वीरेंद्र व्यास ने नर्मदा एवं उसकी सहायक नदियों के संरक्षण से संबंधित विषयों पर विचार रखे। उन्होंने नदी तंत्र को सुरक्षित रखने और जल स्रोतों के संरक्षण की आवश्यकता पर प्रकाश डाला।
वहीं नर्मदा समग्र के श्री अनुराग शर्मा ने घाट संस्कृति एवं संरक्षण के विषय पर जानकारी दी। उन्होंने नर्मदा के घाटों की धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता के साथ उनके संरक्षण की आवश्यकता पर चर्चा की।
श्री शैलेश पंवार ने नर्मदा पथ एवं नर्मदा परिक्रमा मार्ग से जुड़े विषय पर पावर पॉइंट प्रस्तुति के माध्यम से जानकारी दी। प्रस्तुति के दौरान नर्मदा से जुड़े विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक एवं पर्यावरणीय पहलुओं को प्रतिभागियों के सामने रखा गया।

प्रतिभागियों ने साझा किए अनुभव
कार्यशाला में मौजूद प्रतिभागियों ने नर्मदा संरक्षण से जुड़े अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने कहा कि नदी संरक्षण के प्रयासों को केवल कुछ संगठनों या संस्थाओं तक सीमित न रखते हुए गांव-गांव तक पहुंचाने की आवश्यकता है।
प्रतिभागियों ने अधिक से अधिक लोगों को नर्मदा संरक्षण अभियान से जोड़ने, नदी एवं घाटों की स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण की गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दिया।
इस दौरान नर्मदा संरक्षण एवं सेवा गतिविधियों को प्रभावी ढंग से संचालित करने के लिए आगामी कार्ययोजना पर भी चर्चा की गई। विभिन्न विकासखंडों में जनजागरूकता गतिविधियों को गति देने और स्थानीय स्तर पर लोगों की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया।
कई क्षेत्रों के प्रतिनिधियों ने की सहभागिता
कार्यशाला में मां नर्मदा सेवा कार्य मालवा प्रांत से महेशजी काग, सुशीलजी सोनी एवं नरेंद्रजी अत्रै सहित विभिन्न पदाधिकारी मौजूद रहे।
इसके अलावा विकासखंड मनावर, उमरबन, निसरपुर, धरमपुरी एवं डही से विकासखंड समन्वयक भुवान सिंह गेहलोत, मनीष शर्मा, रेल सिंह रावत, उद्देसिंह आइडिया एवं कविता सोलंकी सहित नवांकुर संस्था प्रतिनिधि, मेंटर, नर्मदा समग्र एवं जन अभियान परिषद के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में प्रतिभागियों ने कार्यशाला में हिस्सा लिया।
कार्यशाला में उपस्थित लोगों ने नर्मदा संरक्षण को लेकर अपने स्तर पर लगातार प्रयास करने और समाज के अधिक से अधिक लोगों को इस अभियान से जोड़ने की प्रतिबद्धता व्यक्त की।

पौधारोपण कर दिया पर्यावरण संरक्षण का संदेश
कार्यशाला के समापन के बाद ग्राम ढोंचा में पांच फलदार पौधों का रोपण किया गया। पौधारोपण के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और अधिक से अधिक पौधे लगाने का संदेश दिया गया।
आयोजकों ने कहा कि नर्मदा संरक्षण के साथ-साथ आसपास के पर्यावरण को बेहतर बनाना भी आवश्यक है। पौधारोपण से न केवल हरियाली बढ़ेगी, बल्कि जल, मिट्टी और पर्यावरण संरक्षण में भी मदद मिलेगी।
ग्राम ढोंचा में पौधारोपण कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने पौधों की देखभाल और संरक्षण का संकल्प भी लिया। पर्यावरण संरक्षण को जनभागीदारी से जोड़ने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम बताया गया।
सफल संचालन और आभार
कार्यक्रम का सफल संचालन कुक्षी विकासखंड समन्वयक श्री मनीष शर्मा द्वारा किया गया। उन्होंने पूरे कार्यक्रम को व्यवस्थित रूप से संचालित करते हुए विभिन्न सत्रों में वक्ताओं एवं प्रतिभागियों को जोड़ा।
कार्यक्रम के अंत में जिला समन्वयक श्री सौरभ शुक्ला ने सभी अतिथियों, अधिकारियों, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने नर्मदा संरक्षण के लिए सभी से निरंतर सहयोग एवं सहभागिता की अपील की।
कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य मां नर्मदा के प्रति जनजागरूकता बढ़ाने के साथ समाज की सक्रिय भागीदारी से नदी, जल स्रोतों और पर्यावरण संरक्षण के प्रयासों को और मजबूत करना रहा। कार्यक्रम में यह संदेश प्रमुखता से सामने आया कि नर्मदा संरक्षण केवल किसी एक संस्था या विभाग की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि पूरे समाज का सामूहिक दायित्व है।
कौशिक पण्डित, कुशाग्र समाचार सेवा, मनावर, जिला धार, मध्य प्रदेश।

