वरिष्ठ समाजसेवी एवं पूर्व शक्कर डीलर हीरालाल पटेल के निधन से क्षेत्र में शोक की लहर
संवाददाता :कौशिक पण्डित
सरल स्वभाव, धार्मिक आस्था और समाजसेवा के लिए सदैव याद किए जाएंगे स्वर्गीय हीरालाल पटेल
Manawar , जिला धार। ग्राम वायल के प्रतिष्ठित पटेल (डीलर) परिवार के वरिष्ठ सदस्य, धार्मिक एवं सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय और सरल-मिलनसार व्यक्तित्व के धनी स्वर्गीय श्री हीरालाल पटेल के निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। उनके निधन से परिवार, समाज, परिचितों और क्षेत्रवासियों में शोक की लहर है। सामाजिक एवं धार्मिक क्षेत्र में उनके योगदान को लंबे समय तक स्मरण किया जाएगा।
स्वर्गीय हीरालाल पटेल अपने पीछे भरा-पूरा परिवार और सेवाभावी एवं आत्मीय व्यवहार की अनेक स्मृतियां छोड़ गए हैं। वे उन्नतिशील किसान देवाराम पाटीदार, सेवानिवृत्त शिक्षक शोभाराम पाटीदार, तुकाराम पाटीदार तथा वरिष्ठ पत्रकार एवं ग्राम पंचायत वायल के उपसरपंच दिनेश पटेल के पूज्यनीय पिताजी थे। परिवार की सामाजिक प्रतिष्ठा और समाजसेवा में सक्रिय भूमिका के कारण पटेल परिवार का क्षेत्र में विशेष सम्मान रहा है।
शक्कर डीलर के रूप में बनाई विशिष्ट पहचान
स्वर्गीय हीरालाल पटेल ने अपने जीवनकाल में मेहनत, ईमानदारी और व्यवहार-कुशलता के बल पर क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई। पुराने समय में जब शक्कर का व्यापार निजी डीलरों के माध्यम से संचालित होता था, उस दौर से ही वे क्षेत्र में ‘शक्कर डीलर’ के नाम से प्रतिष्ठित और प्रसिद्ध रहे।
वर्ष 1971-72 के दौरान ग्राम पंचायत पचखेड़ा में सात गांव—सिरसाला, बड़गांवखेड़ी, भोगदड़, जीलवान्या, बोरली, वायल एवं पचखेड़ा शामिल थे। उस समय शासन द्वारा राशन की दुकानें निजी डीलरों के माध्यम से संचालित की जाती थीं। ग्राम पंचायत पचखेड़ा की कार्यप्रणाली को सुचारू रूप से संचालित करने में उनके योगदान को देखते हुए तत्कालीन तहसीलदार द्वारा उन्हें डोंचा पंचायत का प्रभार भी सौंपा गया था।
स्वर्गीय हीरालाल जी ग्राम वायल से साइकिल द्वारा डोंचा पंचायत जाते थे। इस दौरान उन्हें नदी पार कर पंचायत का कार्य करना पड़ता था। कठिन परिस्थितियों के बावजूद उन्होंने अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन पूरी निष्ठा, ईमानदारी और लगन के साथ किया।
लंबे समय तक शक्कर के व्यापार से जुड़े रहने के कारण आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में भी उनकी पहचान इसी आत्मीय नाम से बनी रही। छोटे-बड़े सभी लोगों से समान भाव से मिलना और सहज व्यवहार करना उनकी विशेष पहचान थी।
धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में सक्रिय योगदान
स्वर्गीय हीरालाल पटेल धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे। उन्हें धार्मिक एवं आध्यात्मिक गतिविधियों में गहरी आस्था थी। वे धार्मिक आयोजनों में बढ़-चढ़कर भाग लेते थे और समाज में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण को मजबूत बनाने में अपना योगदान देते रहे।
मार्च 2026 में ग्राम वायल स्थित निजी निवास पर पटेल परिवार द्वारा संकल्पित पंचम श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया गया था। कथा का वाचन पंडित प्रवीण शर्मा, वराहनगर, बड़ा बड़दा द्वारा किया गया। इस आयोजन में परिवार की धार्मिक आस्था के साथ-साथ समाज को आध्यात्मिक वातावरण से जोड़ने की भावना भी दिखाई दी।
स्वर्गीय हीरालाल जी का मानना था कि धार्मिक आयोजन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं होते, बल्कि इनके माध्यम से समाज में एकता, सद्भाव, संस्कार और सेवा की भावना को भी मजबूती मिलती है। यही कारण था कि वे धार्मिक एवं सामाजिक आयोजनों में निरंतर सक्रिय रहते थे।
तीर्थ दर्शन और धार्मिक सेवा में भी रहे सक्रिय
स्वर्गीय हीरालाल पटेल परिवार के साथ तीर्थ दर्शन करते थे और अन्य श्रद्धालुओं को भी धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए प्रेरित एवं सहयोग प्रदान करते थे।
श्रावण मास के दौरान ओंकारेश्वर एवं हरिद्वार सिद्ध क्षेत्र में रामधुन तथा नेमीशरण, जगन्नाथजी, द्वारकाजी, वृंदावन सहित विभिन्न धार्मिक स्थलों से जुड़े आयोजनों में उन्होंने परिवार सहित सेवा और सहभागिता की।

निजी निवास पर आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में भी उन्होंने सक्रिय रूप से सहभागिता की। इसके अलावा मां नर्मदा घाट एवं सिंगाजी मंदिर के जीर्णोद्धार में भी उनके महत्वपूर्ण योगदान का उल्लेख किया जाता है।
धार्मिक आस्था के साथ समाजसेवा को उन्होंने अपने जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाया और अपनी सामर्थ्य के अनुसार जनहित के कार्यों में सहयोग करते रहे।
शिक्षा एवं समाजसेवा के लिए दिया सहयोग
स्वर्गीय हीरालाल पटेल ने शिक्षा और समाजसेवा के क्षेत्र में भी अपना योगदान दिया। उन्होंने पाटीदार समाज छात्रावास, बड़वानी में बच्चों के लिए एक कक्ष के निर्माण में सहयोग प्रदान किया।
इसी प्रकार नवीन मां रेवाघाट निर्माण के लिए 31 हजार रुपये तथा पूर्व शांतिधाम सेमल्दा के लिए 25 हजार रुपये की राशि दान स्वरूप प्रदान की।
उनके ये सेवा कार्य समाज के प्रति उनकी जिम्मेदारी और सेवाभाव को दर्शाते हैं। उन्होंने धार्मिक आस्था के साथ शिक्षा, सामाजिक विकास और जरूरतमंदों की सहायता को भी महत्व दिया।
जनसंघ के समय से सामाजिक एवं संगठनात्मक जुड़ाव
स्वर्गीय हीरालाल पटेल का सामाजिक और संगठनात्मक जुड़ाव भी लंबे समय से रहा। जनसंघ के समय से ही वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के कार्यकर्ता के रूप में कार्य करते रहे।
सामाजिक एवं राष्ट्रहित से जुड़े कार्यों में उनकी सक्रिय सहभागिता रही। उनके योगदान और सामाजिक सक्रियता को देखते हुए भाजपा मंडल सिंघाना द्वारा भी उनका सम्मान किया गया और उनके निधन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
उनका जीवन सामाजिक संबंधों, संगठनात्मक जुड़ाव और जनसेवा की भावना से जुड़ा रहा।
सरल एवं मिलनसार व्यक्तित्व सदैव रहेगा स्मरणीय
स्वर्गीय हीरालाल पटेल का व्यक्तित्व अत्यंत सरल, सहज और मिलनसार था। वे सभी से आत्मीयता के साथ मिलते थे। उनके व्यवहार में अपनापन और सहजता दिखाई देती थी।
ग्रामीण परिवेश में रहते हुए उन्होंने समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों से मजबूत संबंध बनाए। उनकी सहज मुस्कान, आत्मीय व्यवहार, धार्मिक आस्था और सेवा भावना को लोग लंबे समय तक याद रखेंगे।
उनके निधन से परिवार ने एक मजबूत मार्गदर्शक खो दिया है, वहीं समाज ने भी एक सरल, धार्मिक, सेवाभावी और मिलनसार व्यक्तित्व को खो दिया है।
पटेल परिवार की सामाजिक परंपरा रही अग्रणी
ग्राम वायल का पटेल परिवार लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों में सक्रिय और अग्रणी रहा है। परिवार के सदस्यों ने शिक्षा, कृषि, सामाजिक सेवा, धार्मिक गतिविधियों और जनहित के कार्यों में अपनी भूमिका निभाई है।
स्वर्गीय हीरालाल पटेल ने भी परिवार की इस सामाजिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए अपने जीवन में लोगों के साथ आत्मीय संबंध बनाए और धार्मिक-सामाजिक कार्यों में निरंतर योगदान दिया।
उनके निधन से परिवार और समाज में जो रिक्तता उत्पन्न हुई है, उसकी भरपाई कठिन है। उनके द्वारा दिए गए संस्कार, विचार और लोगों के साथ बनाए आत्मीय संबंध ही उनकी सबसे बड़ी विरासत हैं।
क्षेत्रवासियों ने व्यक्त की गहरी संवेदना
स्वर्गीय हीरालाल पटेल के निधन पर क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, पत्रकारों, किसानों, व्यापारियों, धार्मिकजनों, ग्रामवासियों और शुभचिंतकों ने गहरा दुःख व्यक्त किया।
सभी ने शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए दिवंगत आत्मा की शांति के लिए ईश्वर से प्रार्थना की। साथ ही परिवार को इस कठिन समय में धैर्य और संबल प्रदान करने की कामना की।
स्वर्गीय हीरालाल पटेल का जीवन सामाजिक संबंधों, धार्मिक आस्था, सरलता, सेवा भावना और आत्मीय व्यवहार का उदाहरण रहा। उनके द्वारा समाज और परिवार के लिए किए गए कार्य आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणादायी रहेंगे।
उनकी स्मृतियां परिवार, समाज और क्षेत्रवासियों के बीच सदैव जीवित रहेंगी। उन्होंने अपने जीवन में जिस सहजता और सेवाभाव के साथ लोगों से संबंध बनाए, वही उनकी सबसे बड़ी पहचान रही।
ईश्वर दिवंगत पुण्यात्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान प्रदान करें तथा शोकाकुल पटेल (डीलर) परिवार को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति एवं संबल प्रदान करें।
ॐ शांति।
