महाकाल मंदिर हुआ हाई-टेक: अब दान और प्रसाद के लिए बस स्कैन करें क्यूआर कोड, आरती के समय में भी बदलाव
उज्जैन, अक्टूबर 2025 —
विश्वप्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर, उज्जैन में अब भक्तों को एक और नई सुविधा मिलने जा रही है। मंदिर प्रबंध समिति ने श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए दान और लड्डू प्रसाद वितरण के लिए डिजिटल पेमेंट सिस्टम शुरू किया है। इसके तहत अब भक्त अपने मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे गूगल पे, फोनपे या पेटीएम जैसे किसी भी यूपीआई ऐप से भुगतान कर सकेंगे।
मंदिर परिसर के विभिन्न स्थलों—जैसे दान पेटियों, लड्डू प्रसाद केंद्रों और अन्य प्रमुख स्थानों पर विशेष क्यूआर कोड लगाए गए हैं। इससे श्रद्धालुओं को नकद राशि रखने की परेशानी से मुक्ति मिलेगी और दान राशि सीधे मंदिर समिति के आधिकारिक खाते में जाएगी।
मंदिर प्रशासक प्रथम कौशिक ने बताया, “यह व्यवस्था भक्तों की सुविधा और पारदर्शिता दोनों को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लागू की गई है। नकदी प्रबंधन की जटिलता कम होगी और लेन-देन पूरी तरह डिजिटल और सुरक्षित रहेगा।”
लड्डू प्रसाद की कीमत 400 रुपये प्रति किलोग्राम निर्धारित की गई है। आने वाले त्योहारी मौसम को देखते हुए विशेष काउंटर भी लगाए जाएंगे, ताकि भक्तों को लंबे समय तक इंतजार न करना पड़े।
🔱 एक ही दिन दो बार नगर भ्रमण करेंगे बाबा महाकाल
भक्तों के लिए इस कार्तिक मास में एक अद्भुत अवसर बन रहा है। 3 नवंबर को बाबा महाकाल दो सवारियों के रूप में एक ही दिन नगर भ्रमण करेंगे।
पहली सवारी पारंपरिक मार्ग से शाम 4 बजे निकलेगी, जो कार्तिक मास की पारंपरिक शोभायात्रा होगी। इसके बाद रात्रि 11 बजे बाबा की हरिहर भेंट सवारी निकलेगी, जो गोपाल मंदिर तक जाएगी।
मंदिर समिति ने बताया कि “वर्षों बाद यह दिव्य संयोग बन रहा है, जब बाबा महाकाल एक ही दिन दो बार नगर भ्रमण करेंगे।” उज्जैनवासी और श्रद्धालु इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बनने को लेकर उत्साहित हैं।
🕉️ बदलेंगे महाकाल मंदिर की आरतियों के समय
शरद ऋतु की शुरुआत के साथ ही मंदिर की आरती के समय में भी परिवर्तन किया गया है। यह बदलाव 8 अक्टूबर (कार्तिक कृष्ण प्रतिपदा) से लागू होगा।
पुजारी प्रदीप गुरु के अनुसार, “हर छह माह में मौसम के अनुसार आरतियों के समय में परिवर्तन किया जाता है ताकि पूजा का क्रम संतुलित बना रहे।”
नए समय इस प्रकार होंगे —
- दद्योदक आरती: अब सुबह 7:30 से 8:15 बजे तक (पहले 7:00 बजे)
- भोग आरती: सुबह 10:30 से 11:15 बजे तक (पहले 10:00 बजे)
- संध्या आरती: शाम 6:30 से 7:15 बजे तक (पहले 7:00 बजे)
वहीं, भस्म आरती, सांध्य पूजन और शयन आरती के समय में कोई बदलाव नहीं किया गया है। ये आरतियां पूर्ववत रात 10:30 से 11:00 बजे के बीच संपन्न होंगी।
🌸 आस्था और तकनीक का संगम
महाकाल मंदिर की यह पहल परंपरा और आधुनिकता का अद्भुत संगम है। जहां एक ओर भक्ति और श्रद्धा की भावना बनी रहेगी, वहीं दूसरी ओर डिजिटल सुविधा से भक्तों को सुविधा और पारदर्शिता का अनुभव मिलेगा।
कार्तिक मास के दौरान लाखों भक्तों के आगमन को देखते हुए यह तकनीकी कदम मंदिर प्रशासन के लिए एक बड़ा और सकारात्मक परिवर्तन साबित होगा।
महाकाल की नगरी उज्जैन एक बार फिर यह संदेश दे रही है कि जब आस्था तकनीक से जुड़ती है, तो संस्कृति और आधुनिकता दोनों ही और अधिक सशक्त बन जाते हैं।


