LPG सिलेंडर महंगा: मिडिल ईस्ट संकट का असर, भारत में घरेलू गैस के दाम ₹60 बढ़े
पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का असर अब भारत में भी देखने को मिल रहा है। हाल ही में घरेलू एलपीजी गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की गई है, जिससे आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ने वाला है। नई कीमतों के अनुसार, 14.2 किलोग्राम के घरेलू LPG सिलेंडर की कीमत में ₹60 की वृद्धि की गई है। यह बढ़ी हुई दरें 7 मार्च से लागू हो गई हैं।
भारत के कई राज्यों में उपभोक्ताओं को अब गैस सिलेंडर के लिए पहले की तुलना में अधिक कीमत चुकानी पड़ेगी। पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे परिवारों के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का विषय बन गई है। सरकार की ओर से कीमतों में बढ़ोतरी का मुख्य कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार में आई अस्थिरता और मिडिल ईस्ट में जारी तनाव को बताया जा रहा है।
मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव और उसका असर
मिडिल ईस्ट में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजार को प्रभावित किया है। इस तनाव के चलते रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग Strait of Hormuz को बंद कर दिया गया है।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और गैस परिवहन मार्गों में से एक माना जाता है। खाड़ी देशों से निकलने वाला अधिकांश तेल और तरल प्राकृतिक गैस (LNG) इसी मार्ग से होकर दुनिया के विभिन्न देशों तक पहुंचता है।
विशेषज्ञों के अनुसार, दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा और तरल प्राकृतिक गैस का एक बड़ा भाग इसी जलमार्ग से होकर गुजरता है। ऐसे में इस मार्ग के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति में बाधा आना स्वाभाविक है।
एलएनजी आपूर्ति पर असर
रिपोर्ट्स के अनुसार, 28 फरवरी से ही इस मार्ग से एलएनजी की आपूर्ति प्रभावित हो गई है। इससे एशियाई देशों में ऊर्जा संकट को लेकर चिंता बढ़ गई है।
भारत भी उन देशों में शामिल है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए बड़ी मात्रा में आयात पर निर्भर हैं। भारत को एलएनजी की आपूर्ति मुख्य रूप से खाड़ी क्षेत्र के देशों से होती है। इसमें विशेष रूप से Qatar और United Arab Emirates प्रमुख हैं।
इन देशों से आने वाली एलएनजी आमतौर पर होर्मुज जलडमरूमध्य के रास्ते ही भारत तक पहुंचती है। इसलिए इस समुद्री मार्ग के बंद होने से भारत की ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ गया है और कीमतों में बढ़ोतरी की स्थिति बन गई है।
भारत में LPG गैस सिलेंडर के दाम क्यों बढ़े
ऊर्जा बाजार के विशेषज्ञों का कहना है कि जब वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की आपूर्ति प्रभावित होती है तो उसका सीधा असर आयात करने वाले देशों पर पड़ता है।
भारत अपनी गैस जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है। इसलिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत बढ़ने या आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में घरेलू बाजार में भी कीमतों में बदलाव करना पड़ता है।
इसी वजह से एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹60 की वृद्धि की गई है। हालांकि अलग-अलग राज्यों में टैक्स और ट्रांसपोर्टेशन के कारण अंतिम कीमतों में थोड़ा अंतर हो सकता है।
विपक्ष ने सरकार को घेरा
एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने के बाद विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार पर निशाना साधना शुरू कर दिया है। मध्य प्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष Umang Singhar ने इस मुद्दे पर सरकार की आलोचना की है।
उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर पोस्ट करते हुए कहा कि घरेलू एलपीजी सिलेंडर के दाम में ₹60 की बढ़ोतरी पहले से ही बढ़ती महंगाई से जूझ रहे परिवारों के लिए बेहद चिंताजनक है।
उन्होंने यह भी कहा कि कांग्रेस नेता Rahul Gandhi लगातार देश में गहराते ऊर्जा संकट को लेकर सरकार को चेतावनी देते रहे हैं, लेकिन केंद्र सरकार ने इन चेतावनियों को गंभीरता से नहीं लिया।
जनता पर बढ़ता आर्थिक दबाव
उमंग सिंघार ने अपने बयान में कहा कि आज सरकार की नीतिगत विफलताओं का खामियाजा देश की आम जनता को भुगतना पड़ रहा है।
उनका कहना है कि गैस सिलेंडर की कीमत में लगातार हो रही बढ़ोतरी से मध्यम वर्ग और गरीब परिवारों के लिए घरेलू खर्च संभालना मुश्किल होता जा रहा है।
उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर कब तक आम जनता सरकार की नीतिगत विफलताओं का बोझ उठाती रहेगी।
महंगाई पर पड़ सकता है असर
आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़ने का असर केवल घरेलू बजट तक सीमित नहीं रहेगा।
गैस सिलेंडर का उपयोग घरों के अलावा होटल, रेस्टोरेंट और छोटे उद्योगों में भी किया जाता है। ऐसे में कीमत बढ़ने से खाद्य पदार्थों और अन्य सेवाओं की कीमतों पर भी असर पड़ सकता है।
यदि ऊर्जा की कीमतें लंबे समय तक ऊंची बनी रहती हैं तो इसका असर समग्र महंगाई दर पर भी दिखाई दे सकता है।
भविष्य की स्थिति
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मिडिल ईस्ट में तनाव जल्दी कम हो जाता है और होर्मुज जलडमरूमध्य फिर से खुल जाता है, तो ऊर्जा आपूर्ति सामान्य हो सकती है।
लेकिन अगर यह स्थिति लंबे समय तक बनी रहती है, तो वैश्विक बाजार में तेल और गैस की कीमतों में और उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। इसका असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर ज्यादा पड़ता है।
भारत सरकार फिलहाल ऊर्जा आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए वैकल्पिक स्रोतों और रणनीतियों पर भी विचार कर रही है, ताकि घरेलू बाजार पर पड़ने वाले दबाव को कम किया जा सके।
निष्कर्ष
घरेलू एलपीजी सिलेंडर की कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी ने एक बार फिर महंगाई के मुद्दे को चर्चा में ला दिया है। मिडिल ईस्ट में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव और Strait of Hormuz के बंद होने से वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति प्रभावित हुई है, जिसका असर भारत सहित कई देशों में दिखाई दे रहा है।
ऐसे में आने वाले समय में वैश्विक हालात किस दिशा में जाते हैं, इस पर काफी कुछ निर्भर करेगा। फिलहाल गैस सिलेंडर की कीमत में बढ़ोतरी से आम उपभोक्ताओं की जेब पर अतिरिक्त बोझ पड़ना तय है और महंगाई को लेकर राजनीतिक बहस भी तेज हो गई है।

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