Gold-Silver की कीमतों में गिरावट: ईरान युद्ध और वैश्विक आर्थिक हालात का असर
इंदौर: अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच जारी तनाव और युद्ध की खबरों का असर अब Gold -Silver की कीमतों पर दिखाई दे रहा है। तीन दिनों से सोना-चांदी के भाव में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। 2 मार्च को इंदौर में सोना (24 कैरेट) 1,68,500 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 2,87,000 रुपये प्रति किलो थी। वहीं, 6 मार्च तक सोना 1,61,000 रुपये प्रति दस ग्राम और चांदी 2,65,000 रुपये प्रति किलो रह गई।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह गिरावट आश्चर्यजनक है, क्योंकि आमतौर पर युद्ध और वैश्विक तनाव के समय सोना और चांदी की कीमतें बढ़ती हैं, इसे निवेशक सुरक्षित निवेश या सेफ-हेवन मानते हैं।
चार दिन में Gold-Silver के दामों में गिरावट
सोना और चांदी के दाम लगातार चार दिनों में इस प्रकार बदले:
| तारीख | सोना (₹/10 ग्राम) | चांदी (₹/किलो) |
|---|---|---|
| 2 मार्च | 1,68,500 | 2,87,000 |
| 3 मार्च | 1,67,000 | 2,76,000 |
| 5 मार्च | 1,63,000 | 2,67,000 |
| 6 मार्च | 1,61,000 | 2,65,000 |
इस अवधि में सोना 7,500 रुपये सस्ता हुआ, जबकि चांदी 22,000 रुपये प्रति किलो कम हुई। इस गिरावट से गहनों के बाजार और वैवाहिक आयोजनों की तैयारी कर रहे लोगों को राहत मिली है।
विशेषज्ञों के अनुसार, तीन मार्च को चांदी 11,000 रुपये घटी और सोना 1,500 रुपये कम हुआ। इसके अगले दिन चांदी 9,000 रुपये और सोना 4,000 रुपये घटा। छह मार्च को सोना 2,000 रुपये और चांदी 2,000 रुपये घट गई।
Gold-Silver की गिरावट के तकनीकी कारण
आर्थिक और कमोडिटी बाजार के विशेषज्ञ बताते हैं कि सोना और चांदी में गिरावट के पीछे कई तकनीकी कारण हैं।
1. तेल और महंगाई का असर
विश्लेषक वीरेंद्र व्यास का कहना है कि हालिया ईरान युद्ध के कारण कच्चे तेल की कीमतें बढ़ी हैं, जिससे वैश्विक महंगाई बढ़ने की संभावना है। इसके परिणामस्वरूप अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं ब्याज दरें कम नहीं कर पा रही हैं, जिससे सोना और चांदी की कीमतों में गिरावट आई।
2. सट्टेबाजी का प्रभाव
कंपनी सेक्रेटरी और वित्त विश्लेषक महेश नटानी के अनुसार, सोने-चांदी की गिरावट को केवल तकनीकी तर्कों से समझाना पर्याप्त नहीं है। बीते समय में इनकी कीमतें अप्रत्याशित रूप से बढ़ी थीं, जिससे सट्टेबाजों ने हवाई सौदेबाजी के माध्यम से दाम और ऊँचे कर दिए।
असल खरीदार इतने ऊँचे दामों पर खरीद नहीं कर सकते। सट्टेबाज अपने छोटे-छोटे निवेश को कई जगह लगाते हैं। जब युद्ध और तेल संकट की खबरों के बीच वैश्विक शेयर बाजार गिरते हैं, तो सट्टेबाज मार्जिन काल यानी घाटे की भरपाई के लिए सोना-चांदी जैसी मुनाफे वाली कमोडिटी बेचने पर मजबूर हो जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और सेफ-हेवन डिमांड
सोने और चांदी को हमेशा वैश्विक संकट के समय सेफ-हेवन या सुरक्षित निवेश माना जाता है। युद्ध, आर्थिक मंदी या अंतरराष्ट्रीय तनाव में निवेशक इन धातुओं में पैसा लगाते हैं।
हाल ही में रूस-यूक्रेन संघर्ष और इजरायल-फिलिस्तीन संकट के दौरान भी सोना और चांदी की कीमतों में उछाल देखा गया था। इस दृष्टि से ताजा ईरान युद्ध में भी दाम बढ़ने की संभावना थी।
लेकिन इस बार कीमतों में गिरावट ने निवेशकों को आश्चर्यचकित कर दिया। इसका मुख्य कारण सट्टेबाजी और वैश्विक आर्थिक नीतियों में बदलाव है।
आम लोगों और गहने बाजार पर असर
सोना और चांदी के दामों में गिरावट का सीधा फायदा आम उपभोक्ताओं और वैवाहिक आयोजनों की तैयारी कर रहे परिवारों को मिला है। गहने खरीदने वालों को अब अपेक्षाकृत सस्ते दाम पर सोना और चांदी मिल सकती है।
विशेष रूप से शादी, सगाई और अन्य धार्मिक आयोजनों में गहनों की खरीदारी पर यह गिरावट सकारात्मक प्रभाव डालती है।
भविष्य का अनुमान
विश्लेषकों का मानना है कि दोनों कीमती धातुओं में आगे भी गिरावट जारी रह सकती है। इसके कई कारण हैं:
- वैश्विक तेल कीमतों में लगातार बढ़ोतरी और उससे जुड़ी महंगाई।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व और अन्य अर्थव्यवस्थाओं की नीतियाँ।
- सट्टेबाजी और बाजार में तकनीकी उतार-चढ़ाव।
- अंतरराष्ट्रीय संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता।
यदि यह गिरावट जारी रहती है, तो निवेशकों और खरीदारों दोनों के लिए सोना-चांदी को सस्ता खरीदने का अवसर बन सकता है।
विशेषज्ञों की राय
- वीरेंद्र व्यास (कमोडिटी विश्लेषक): “सोना-चांदी की गिरावट निश्चित रूप से हैरान करने वाली है। ताजा युद्ध के कारण कच्चे तेल के दाम बढ़े हैं, जिससे महंगाई बढ़ेगी और ब्याज दरें उच्च रहेंगी।”
- महेश नटानी (वित्त विश्लेषक): “सोने-चांदी की कीमतों में गिरावट का कारण केवल आर्थिक या तकनीकी नहीं है। सट्टेबाजों ने हवाई सौदेबाजी के माध्यम से दाम बढ़ाए थे। अब बाजार में दबाव आने से उनका व्यापार प्रभावित हो रहा है।”
विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले दिनों में बाजार की स्थिति और तेल संकट की खबरें दामों पर असर डालेंगी।
निष्कर्ष
सोना और चांदी की कीमतों में चार दिन में हुई गिरावट ने निवेशकों और आम उपभोक्ताओं दोनों को प्रभावित किया है। जबकि तकनीकी और सट्टेबाजी के कारण दाम घटे हैं, युद्ध और तेल संकट जैसी वैश्विक परिस्थितियों से कीमतों में अस्थिरता बनी हुई है।
- सोना: 1,68,500 → 1,61,000 रुपये/10 ग्राम
- चांदी: 2,87,000 → 2,65,000 रुपये/किलो
इस गिरावट से गहनों के बाजार में राहत मिली है और विवाह-उत्सव की तैयारियों में सहूलियत हुई है।
आम उपभोक्ताओं के लिए यह समय सोना-चांदी खरीदने का अनुकूल अवसर हो सकता है। वहीं, निवेशकों के लिए आवश्यक है कि वे वैश्विक आर्थिक और राजनीतिक हालात पर नजर रखें।
