रिश्वतखोरी पर Lokayukta का शिकंजा
2 हजार रुपए की रिश्वत लेते रंगे हाथों दबोचा गया पटवारी
फार्मर आईडी में सर्वे नंबर दर्ज करने के बदले मांगी थी घूस, लोकायुक्त इंदौर की कार्रवाई से राजस्व विभाग में मचा हड़कंप
सारंगी (मनीष कुमट) – भ्रष्टाचार के खिलाफ लोकायुक्त पुलिस इंदौर ने एक और बड़ी कार्रवाई करते हुए पेटलावद तहसील अंतर्गत उप तहसील सारंगी के ग्राम मोहनपुरा के पटवारी संजय अमलियार को 2 हजार रूपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। कार्रवाई गुरुवार को उप तहसील कार्यालय सारंगी के मीटिंग हॉल में की गई। जैसे ही आरोपी ने शिकायतकर्ता से रिश्वत की राशि ली, पहले से मौजूद लोकायुक्त टीम ने उसे तत्काल पकड़ लिया। इस कार्रवाई के बाद पूरे राजस्व विभाग में हड़कंप मच गया।
किसान से मांगी थी रिश्वत
जानकारी के अनुसार ग्राम मोहनपुरा निवासी किसान पुनिया भूरिया ने 24 जुलाई 2026 को लोकायुक्त पुलिस इंदौर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि उसकी कृषि भूमि के छह सर्वे नंबरों में से एक सर्वे नंबर को फार्मर आईडी में दर्ज करने के एवज में पटवारी संजय अमलियार द्वारा 2 हजार रूपए की रिश्वत मांगी जा रही थी। किसान ने रिश्वत देने के बजाय कानून का सहारा लिया और लोकायुक्त से शिकायत कर दी।
सत्यापन के बाद बिछाया जाल
लोकायुक्त पुलिस ने शिकायत का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद पुलिस अधीक्षक राजेश सहाय के निर्देशन एवं निरीक्षक सचिन पटेरिया के नेतृत्व में ट्रैप टीम गठित की गई। गुरुवार 30 जुलाई को योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई करते हुए आरोपी पटवारी को रिश्वत लेते ही रंगे हाथों पकड़ लिया गया।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज
आरोपी के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण (संशोधन) अधिनियम, 2018 की धारा-7 के तहत अपराध दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त टीम में निरीक्षक सचिन पटेरिया के साथ प्रधान आरक्षक विजय कुमार, आरक्षक आशीष नायडू,चन्द्रमोहन बिष्ट, शैलेन्द्र सिंह बघेल सहित अन्य अधिकारी-कर्मचारी शामिल रहे।
भ्रष्टाचारियों के लिए कड़ा संदेश
जनता से अपील
लोकायुक्त संगठन ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई शासकीय अधिकारी या कर्मचारी किसी भी कार्य के बदले रिश्वत की मांग करता है, तो उसकी सूचना तत्काल लोकायुक्त पुलिस को दें। शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और कानूनी प्रक्रिया के तहत भ्रष्टाचारियों पर प्रभावी कार्रवाई की जाती है। भ्रष्टाचार के खिलाफ यह कार्रवाई एक संदेश है कि सरकारी सेवा जनता का अधिकार है, रिश्वत किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं।
