कुक्षी पुलिस को अपहरण मामले में बड़ी सफलता: महाराष्ट्र से आरोपी गिरफ्तार, पीड़िता सुरक्षित बरामद
तकनीकी साक्ष्यों और लगातार प्रयासों से नंदुरबार तक पहुंची पुलिस टीम, पॉक्सो सहित गंभीर धाराओं में कार्रवाई
कुक्षी (धार) | रिपोर्ट: नरेंद्र सिरवी
धार जिले के कुक्षी थाना पुलिस ने अपहरण के एक गंभीर मामले का सफलतापूर्वक खुलासा करते हुए महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले से आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से पीड़िता को भी सुरक्षित बरामद कर उसे परिजनों के सुपुर्द करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामले की जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की गंभीर धाराओं के साथ-साथ पॉक्सो अधिनियम के तहत भी कार्रवाई की गई है।
इस कार्रवाई को कुक्षी पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है, क्योंकि आरोपी राज्य की सीमा पार कर महाराष्ट्र में छिपा हुआ था। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और लगातार की गई जांच के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे विधिवत गिरफ्तार किया।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में चला विशेष अभियान
कुक्षी थाना पुलिस की इस कार्रवाई को जिला पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में अंजाम दिया गया। पुलिस अधीक्षक धार श्री सचिन शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री विजय डावर तथा एसडीओपी कुक्षी श्री सुनील गुप्ता के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी श्री दीपक सिंह चौहान के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया गया।
टीम को अपहरण के आरोपी की तलाश और पीड़िता की सुरक्षित बरामदगी की जिम्मेदारी सौंपी गई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए लगातार विभिन्न संभावित स्थानों पर जांच की और तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए आरोपी के ठिकाने तक पहुंच बनाई।
क्या है पूरा मामला?
कुक्षी थाना में अपराध क्रमांक 130/2025 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 137(2) के अंतर्गत अपहरण का मामला दर्ज किया गया था। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तत्काल प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
प्रारंभिक जांच में यह स्पष्ट हुआ कि पीड़िता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाया गया है। इसके बाद पुलिस ने आरोपी की तलाश के लिए विशेष रणनीति तैयार की और विभिन्न राज्यों में संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई।
तकनीकी साक्ष्यों ने दिलाई बड़ी सफलता
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने आधुनिक तकनीकी संसाधनों का व्यापक उपयोग किया। मोबाइल फोन की लोकेशन, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य तकनीकी इनपुट के आधार पर पुलिस को आरोपी की मौजूदगी महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में होने की जानकारी मिली।
इसके बाद कुक्षी पुलिस की विशेष टीम महाराष्ट्र रवाना हुई। स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी की घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार किया गया।
पुलिस ने विधिवत कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए आरोपी को अपनी अभिरक्षा में लिया और पीड़िता को भी सुरक्षित दस्तयाब कर कुक्षी थाना लाया गया।
पीड़िता सुरक्षित बरामद
पुलिस के अनुसार सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि यह रही कि पीड़िता को सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस टीम ने उसकी सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया।
थाना पहुंचने के बाद पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। उसके कथनों तथा विवेचना के दौरान प्राप्त साक्ष्यों के आधार पर मामले में कई नई धाराएं जोड़ी गईं।
पुलिस का कहना है कि पीड़िता को आवश्यक कानूनी सहायता एवं संरक्षण उपलब्ध कराया जा रहा है और नियमानुसार आगे की कार्रवाई जारी है।
आरोपी पर लगीं गंभीर धाराएं
जांच के दौरान सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपी सूरज पिता लक्ष्मण सितोले, उम्र लगभग 25 वर्ष, निवासी ग्राम सारसुत, जिला हरदा (मध्य प्रदेश) के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की कई गंभीर धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।
आरोपी के खिलाफ निम्न धाराओं में कार्रवाई की गई है—
- धारा 137(2) बीएनएस
- धारा 87 बीएनएस
- धारा 64(1) बीएनएस
- धारा 74(2)(m) बीएनएस
- पॉक्सो अधिनियम की धारा 3/4
- पॉक्सो अधिनियम की धारा 5(L)/6
इन धाराओं के अंतर्गत आरोपी के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई जारी है।
सीमा पार कार्रवाई बनी चुनौती
पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी मध्य प्रदेश छोड़कर महाराष्ट्र के नंदुरबार जिले में जाकर छिप गया था। ऐसे मामलों में राज्य की सीमाएं पार होने के कारण जांच और गिरफ्तारी की प्रक्रिया चुनौतीपूर्ण हो जाती है।
इसके बावजूद पुलिस टीम ने लगातार प्रयास जारी रखे। विभिन्न एजेंसियों के सहयोग और तकनीकी विश्लेषण के आधार पर आरोपी की सही लोकेशन का पता लगाया गया और उसे गिरफ्तार करने में सफलता मिली।
यह कार्रवाई पुलिस की समन्वित कार्यप्रणाली और आधुनिक तकनीकी जांच प्रणाली का उदाहरण मानी जा रही है।
थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने निभाई अहम भूमिका
पूरे अभियान का नेतृत्व थाना प्रभारी दीपक सिंह चौहान ने किया। उनके निर्देशन में गठित पुलिस टीम ने लगातार मेहनत करते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई।
इस कार्रवाई में विशेष रूप से—
- उपनिरीक्षक प्रकाश अलावा
- उपनिरीक्षक बाल सिंह ठकराव
- थाना कुक्षी की समस्त पुलिस टीम
की सराहनीय भूमिका रही। वरिष्ठ अधिकारियों ने टीम के प्रयासों की प्रशंसा करते हुए इसे पुलिस की प्रभावी कार्यप्रणाली का परिणाम बताया।
महिलाओं एवं बालिकाओं की सुरक्षा के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता
धार पुलिस का कहना है कि महिलाओं एवं बालिकाओं से जुड़े अपराधों को सर्वोच्च प्राथमिकता के साथ लिया जा रहा है। ऐसे मामलों में त्वरित एफआईआर दर्ज कर शीघ्र जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।
विशेष रूप से यदि पीड़ित नाबालिग हो तो पॉक्सो अधिनियम के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की जाती है। पुलिस का उद्देश्य पीड़ित को शीघ्र न्याय दिलाना और समाज में कानून के प्रति विश्वास बनाए रखना है।
जांच अभी जारी
पुलिस के अनुसार मामले की विवेचना अभी जारी है। जांच के दौरान यदि अन्य तथ्य या साक्ष्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। आरोपी से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटाई जा रही है ताकि मामले के सभी पहलुओं की निष्पक्ष जांच हो सके।
पुलिस की अपील
धार पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि यदि किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि, महिला या बालिका से संबंधित अपराध अथवा किसी व्यक्ति के लापता होने की जानकारी मिले तो तत्काल निकटतम पुलिस थाना या डायल-112 पर सूचना दें। समय पर मिली सूचना अपराधों की रोकथाम और पीड़ितों की शीघ्र सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
