इंदौर, 06 अप्रैल 2026:
सेंट्रल इंडिया में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, कासलीवाल स्टार्टअप इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (KSIF) ने ‘Sakshmi’ प्रोग्राम की शुरुआत की। इस प्रोग्राम के तहत IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के 60 से अधिक मेंटर्स के साथ एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए।
‘सक्षमी’ एक संरचित और कोहोर्ट-आधारित इन्क्यूबेशन प्रोग्राम है, जो शुरुआती स्टार्टअप्स को उनके आइडिया स्टेज से लेकर निवेश और मार्केट में प्रवेश तक सहयोग प्रदान करता है। इस प्रोग्राम का मुख्य फोकस उन क्षेत्रों पर है जिनमें अनंत संभावनाएँ हैं, जैसे एग्री टेक, फूड टेक और हेल्थ टेक।
Sakshmi स्टार्टअप्स के लिए अवसर
KSIF का उद्देश्य शुरुआती चरण के स्टार्टअप्स को एक व्यवस्थित ढांचे में विकसित करना और उन्हें स्केल करने के लिए तैयार करना है। इस पहल के तहत स्टार्टअप्स को मेंटर्स के मार्गदर्शन में बिजनेस मॉडल डेवलपमेंट, फंडिंग स्ट्रेटेजी, टेक्नोलॉजी इंटीग्रेशन, मार्केटिंग और लॉजिस्टिक सपोर्ट जैसी सेवाएँ उपलब्ध कराई जाएँगी।
सक्षमी प्रोग्राम के जरिए स्टार्टअप्स को आईडिया से निवेश तक का पूरा रास्ता मिलेगा। इसमें स्टार्टअप्स की क्षमता का मूल्यांकन, MVP (Minimum Viable Product) डेवलपमेंट और निवेशकों के लिए पिच तैयार करना शामिल होगा।
विशेषज्ञों और मेंटर्स की भागीदारी
शुभारंभ समारोह में कई विशेषज्ञ और मेंटर्स ने हिस्सा लिया। जिनमें प्रमुख थे:
- श्री एस.एन. मंडलोई
- श्री गौरव गोयल
- श्री विजय चौरें
- श्री नवीन खंडेलवाल
- श्री अशोक सुयाल
- डॉ. राजबीर सिंह
- डॉ. अनीता क्षेत्री
- श्रीमती अंकिता नेमा
- श्री विवेक अस्थाना
- श्री अतुल जैन
- सीए मंगेश काकरे
- श्री आयुष सोनी
- श्री ऋषभ पाटीदार
इनमेंटर्स ने उद्यमिता, नवाचार और स्टार्टअप्स के लिए मेंटरशिप के महत्व पर अपने विचार साझा किए। उनका मानना है कि संरचित मार्गदर्शन और विशेषज्ञ सहयोग के बिना शुरुआती स्टार्टअप्स अपने आइडिया को सफल व्यवसाय में बदलने में कठिनाइयों का सामना करते हैं।
समारोह और सम्मान
मेंटर्स और विशेषज्ञों का सम्मान अरिहंत कॉलेज के चेयरमैन श्री जयंन्त कासलीवाल, सेक्रेटरी श्री कुणाल कासलीवाल, सीईओ डॉ. कविता कासलीवाल कोठारी और प्राचार्य डॉ. विवेक कापरे द्वारा मोमेंटो और सैपलिंग के माध्यम से किया गया। इस अवसर पर स्टार्टअप्स और मेंटर्स के बीच नेटवर्किंग सेशन भी आयोजित किया गया, जिससे उनकी समझ और मार्गदर्शन और अधिक प्रभावी बन सके।
KSIF की दृष्टि और महत्व
कासलीवाल स्टार्टअप इन्क्यूबेशन फाउंडेशन (KSIF) का मुख्य उद्देश्य मध्य भारत को एक सशक्त स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करना है। यह पहल युवाओं में नवाचार, उद्यमिता और आत्मनिर्भरता की भावना को बढ़ावा देती है।
KSIF का मानना है कि सक्षम स्टार्टअप्स ही स्थानीय और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था को मजबूत कर सकते हैं। इस प्रोग्राम के जरिए स्टार्टअप्स को केवल निवेश नहीं मिलेगा, बल्कि उन्हें व्यवसायिक रणनीति, मार्केटिंग, टेक्नोलॉजी और लॉजिस्टिक्स में भी मार्गदर्शन मिलेगा।
Sakshmi प्रोग्राम के फायदे
- स्टार्टअप्स को मेंटरशिप का लाभ: IIT और IIM जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों के विशेषज्ञों से मार्गदर्शन।
- वित्तीय सहयोग: शुरुआती निवेश और फंडिंग स्ट्रेटेजी तैयार करने में मदद।
- स्ट्रक्चर्ड इन्क्यूबेशन: आइडिया से MVP और निवेश तक की पूरी प्रक्रिया।
- नेटवर्किंग अवसर: स्टार्टअप्स और मेंटर्स के बीच मजबूत संपर्क।
- विशेषज्ञ सलाह: टेक्नोलॉजी, मार्केटिंग, लॉजिस्टिक्स और व्यवसायिक मॉडल की बेहतर समझ।
आगे की योजना
KSIF का लक्ष्य सेंट्रल इंडिया के स्टार्टअप्स को एक सस्टेनेबल और स्केलेबल बिजनेस मॉडल देने का है। प्रोग्राम के अगले चरण में स्टार्टअप्स को निवेशकों और उद्योग विशेषज्ञों के साथ पिचिंग और इनक्यूबेशन वर्कशॉप्स में भाग लेने का मौका मिलेगा।
श्री जयंन्त कासलीवाल ने कहा,
“हमारा उद्देश्य केवल स्टार्टअप्स को फंडिंग देना नहीं है, बल्कि उन्हें एक पूरी तरह से तैयार व्यवसाय बनाने में सहयोग करना है। सक्षमी प्रोग्राम इसके लिए एक आदर्श प्लेटफॉर्म है।”
सीईओ डॉ. कविता कासलीवाल कोठारी ने जोड़ा,
“इस पहल के माध्यम से हम मध्य भारत में नवाचार और उद्यमिता की संस्कृति को मजबूत करेंगे। युवाओं को एक संरचित मार्गदर्शन मिलेगा जिससे उनकी सफलता की संभावना बढ़ेगी।”
निष्कर्ष:
कासलीवाल स्टार्टअप इन्क्यूबेशन फाउंडेशन का ‘सक्षमी’ प्रोग्राम मध्य भारत में स्टार्टअप्स के लिए एक नई दिशा और अवसर प्रदान करता है। यह पहल न केवल नवाचार को बढ़ावा देगी, बल्कि युवाओं को अपने आइडिया को व्यवसाय में बदलने की क्षमता भी देगी। इस तरह से सेंट्रल इंडिया को धीरे-धीरे एक सशक्त स्टार्टअप हब के रूप में विकसित करने का प्रयास किया जा रहा है।
