40 वर्षों की शिक्षा सेवा का सम्मान, राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत को सेवानिवृत्ति समारोह में शामिल होने का आमंत्रण
पीपलरावां। शिक्षा का क्षेत्र केवल ज्ञान प्रदान करने का माध्यम नहीं, बल्कि समाज निर्माण की आधारशिला भी है। शिक्षक अपने जीवन के महत्वपूर्ण वर्षों को विद्यार्थियों के भविष्य को संवारने में समर्पित करते हैं। ऐसे ही समर्पण और सेवा भावना के सम्मान के लिए आयोजित होने वाले सेवानिवृत्ति सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए कर्नाटक के राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत को आमंत्रित किया गया है।
सोमवार शाम इंदौर एयरपोर्ट पर प्रधानाध्यापक करण सिंह सिंदल के नेतृत्व में एक प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने उन्हें सम्मान समारोह का आमंत्रण पत्र सौंपा और कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होने का आग्रह किया।
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को बताया कि यह सम्मान समारोह शिक्षा विभाग में 40 वर्षों की सेवाएं पूर्ण करने के उपलक्ष्य में आयोजित किया जा रहा है। चार दशक तक शिक्षा क्षेत्र में योगदान देना अपने आप में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। इस दौरान शिक्षक ने न केवल विद्यार्थियों को शिक्षा दी, बल्कि उनके व्यक्तित्व निर्माण और सामाजिक विकास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत की उपस्थिति से समारोह की गरिमा और बढ़ेगी तथा शिक्षा क्षेत्र से जुड़े लोगों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बताया कि राज्यपाल का मार्गदर्शन और आशीर्वाद शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के लिए उत्साह का स्रोत बनेगा।

राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत ने प्रतिनिधिमंडल का आमंत्रण स्वीकार करते हुए समारोह में शामिल होने का आश्वासन दिया। राज्यपाल के इस सकारात्मक उत्तर के बाद आयोजन समिति एवं क्षेत्रवासियों में उत्साह का वातावरण है।
इस अवसर पर प्रतिनिधिमंडल में राजेंद्र मालवीय, सज्जनसिंह मालवीय, अध्यापक प्रेमनारायण बामनिया, डॉ. सतीष सिंदल सहित अन्य गणमान्यजन उपस्थित रहे। सभी ने राज्यपाल से मुलाकात को यादगार अवसर बताया।
शिक्षा क्षेत्र में लंबे समय तक सेवाएं देने वाले शिक्षकों का सम्मान समाज में शिक्षा के महत्व को रेखांकित करता है। एक शिक्षक का योगदान केवल कक्षा तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वह कई पीढ़ियों के निर्माण में अपनी भूमिका निभाता है। शिक्षक अपने अनुभव, संस्कार और ज्ञान के माध्यम से विद्यार्थियों को जीवन में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।
सेवानिवृत्ति समारोह ऐसे अवसर होते हैं जहां सेवाकाल की उपलब्धियों को याद किया जाता है और समाज शिक्षक के योगदान के प्रति आभार व्यक्त करता है। चार दशक की सेवा पूरी करना निष्ठा, अनुशासन और समर्पण का प्रतीक है।
आयोजकों को उम्मीद है कि समारोह में राज्यपाल डॉ. थावरचंद गहलोत की उपस्थिति शिक्षा जगत से जुड़े लोगों के लिए प्रेरणादायक साबित होगी। कार्यक्रम के माध्यम से शिक्षकों के योगदान को सम्मान देने के साथ-साथ शिक्षा के क्षेत्र में बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी मिलेगी।
