इंदौर में रील के लिए जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटी युवती, ट्रैफिक हुआ बाधित; वायरल वीडियो की जांच में जुटी पुलिस
विजय नगर क्षेत्र के ट्रैफिक सिग्नल पर वीडियो शूट करने का मामला, युवती को देखने के लिए रुके वाहन चालक; यातायात पुलिस ने वीडियो क्राइम ब्रांच को सौंपा
इंदौर। सोशल मीडिया पर रील और वीडियो बनाने का जुनून कई बार लोगों को नियमों की अनदेखी करने तक ले जाता है। ऐसा ही एक मामला मध्य प्रदेश के इंदौर से सामने आया है। शहर के विजय नगर क्षेत्र में एक युवती द्वारा ट्रैफिक सिग्नल की जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर फोटो और वीडियो शूट करने का मामला सामने आया है। इस दौरान सड़क पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई और कुछ समय के लिए वाहनों की कतार लग गई।
घटना से जुड़ा वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद यातायात पुलिस और क्राइम ब्रांच ने मामले का संज्ञान लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो की जांच की जा रही है और यातायात नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
जेब्रा क्रॉसिंग पर लेटकर शूट किया वीडियो
वायरल वीडियो में युवती शहर के एक व्यस्त ट्रैफिक सिग्नल पर दिखाई दे रही है। सिग्नल पर वाहन रुकने के दौरान वह जेब्रा क्रॉसिंग के पास पहुंचती है और सड़क पर लेटकर फोटो तथा वीडियो शूट करवाती नजर आती है।
सिग्नल पर पहले से कई वाहन खड़े थे। इस तरह अचानक सड़क पर वीडियो शूट किए जाने से वाहन चालकों का ध्यान भी युवती की ओर चला गया। कई लोग वहां रुककर पूरा घटनाक्रम देखते रहे, जिससे ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होने की बात सामने आई है।
वाहन चालकों की लगी कतार, यातायात हुआ प्रभावित
व्यस्त चौराहे पर रील शूट किए जाने के कारण यातायात सामान्य रूप से संचालित नहीं हो पाया। बताया जा रहा है कि युवती को वीडियो बनाते देखने के लिए कुछ वाहन चालक भी काफी देर तक चौराहे पर खड़े रहे।
इसके चलते पीछे आने वाले वाहनों की लाइन लग गई। ट्रैफिक सिग्नल जैसे संवेदनशील स्थान पर इस प्रकार फोटो या वीडियो शूट करना न केवल यातायात को बाधित कर सकता है, बल्कि संबंधित व्यक्ति और अन्य वाहन चालकों के लिए दुर्घटना का खतरा भी पैदा कर सकता है।
सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वीडियो
घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद तेजी से प्रसारित होने लगा। वीडियो वायरल होते ही पुलिस अधिकारियों तक भी मामला पहुंच गया। पुलिस अब वीडियो के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है।
रिपोर्ट में वीडियो में दिखाई दे रही युवती की पहचान सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर प्रकृति गौर के रूप में बताई गई है। हालांकि पुलिस की जांच और आधिकारिक कार्रवाई पूरी होने तक मामले से जुड़े तथ्यों की पुष्टि जांच के आधार पर ही होगी।
बताया गया है कि युवती सोशल मीडिया पर सक्रिय है और उसके करीब आठ हजार फॉलोअर्स हैं।
क्राइम ब्रांच ने लिया मामले का संज्ञान
वायरल वीडियो को लेकर क्राइम ब्रांच के अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त राजेश दंडोतिया ने संज्ञान लिया है। उन्होंने इस तरह सार्वजनिक सड़क पर वीडियो बनाने को गलत बताते हुए मामले की जांच की बात कही है।
पुलिस का कहना है कि ट्रैफिक सिग्नल और जेब्रा क्रॉसिंग यातायात व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा होते हैं। यहां किसी भी तरह की ऐसी गतिविधि करना, जिससे वाहन चालकों को परेशानी हो या यातायात प्रभावित हो, नियमों का उल्लंघन माना जा सकता है।
अब जांच में यह देखा जाएगा कि वीडियो कब और किस समय बनाया गया, इससे यातायात कितनी देर प्रभावित हुआ और किन नियमों का उल्लंघन हुआ।
यातायात पुलिस ने क्राइम ब्रांच को दिया वीडियो
इंदौर यातायात विभाग के पास भी वायरल वीडियो पहुंच चुका है। अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त यातायात विक्रम रघुवंशी के अनुसार वीडियो को क्राइम ब्रांच को दिया गया है और मामले की जांच की जा रही है।
पुलिस वीडियो में मौजूद दृश्यों के आधार पर युवती और घटनास्थल से संबंधित जानकारी जुटा रही है। जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी।
युवती की पहचान और वीडियो की जांच जारी
वीडियो और तस्वीरों में युवती का चेहरा स्पष्ट दिखाई देने की बात कही गई है। पुलिस इसी आधार पर संबंधित युवती की पहचान और अन्य आवश्यक जानकारियों की पुष्टि कर रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार चौराहे पर स्थित जेब्रा क्रॉसिंग का उपयोग पैदल यात्रियों को सुरक्षित तरीके से सड़क पार कराने के लिए किया जाता है। वहां लेटकर या सड़क पर रुककर वीडियो शूट करने से यातायात बाधित होने के साथ दुर्घटना का खतरा भी बढ़ सकता है।
जांच के बाद यदि नियमों का उल्लंघन पाया जाता है तो संबंधित प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
रील बनाने के दौरान सुरक्षा की अनदेखी बनी चिंता
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर अधिक व्यूज और फॉलोअर्स हासिल करने के लिए अलग-अलग तरह के वीडियो और रील बनाने का चलन तेजी से बढ़ा है। कई बार लोग सार्वजनिक स्थानों, सड़कों और ट्रैफिक सिग्नल पर भी वीडियो शूट करते दिखाई देते हैं।
लेकिन व्यस्त सड़क पर इस प्रकार का वीडियो बनाना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। अचानक कोई वाहन आगे बढ़ने या चालक का ध्यान भटकने की स्थिति में दुर्घटना हो सकती है। साथ ही सड़क पर मौजूद दूसरे लोगों की सुरक्षा भी प्रभावित होती है।
इंदौर में सामने आया यह मामला भी सोशल मीडिया कंटेंट बनाते समय सार्वजनिक सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन करने की जरूरत को रेखांकित करता है।
जेब्रा क्रॉसिंग पर रील बनाना क्यों खतरनाक?
जेब्रा क्रॉसिंग सड़क पार करने वाले पैदल यात्रियों की सुरक्षा के लिए बनाई जाती है। ट्रैफिक सिग्नल पर वाहन इसके पहले रुकते हैं ताकि पैदल यात्री सुरक्षित तरीके से सड़क पार कर सकें।
ऐसे स्थान पर फोटो शूट, स्टंट या रील बनाने के लिए रुकने से पैदल यात्रियों का रास्ता बाधित हो सकता है। इसके अलावा सिग्नल बदलते ही वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाती है, जिससे सड़क पर मौजूद व्यक्ति के लिए गंभीर खतरा पैदा हो सकता है।
इसलिए सोशल मीडिया के लिए कंटेंट तैयार करते समय ऐसी जगह का चयन किया जाना जरूरी है, जहां यातायात या आम लोगों की सुरक्षा प्रभावित न हो।
जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई
फिलहाल इंदौर पुलिस और यातायात विभाग वायरल वीडियो की जांच कर रहे हैं। वीडियो में दिखाई दे रही युवती से संबंधित जानकारी जुटाई जा रही है। जांच में यातायात नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर नियमानुसार कार्रवाई की बात कही गई है।
मामले ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा किया है कि सोशल मीडिया पर वायरल होने की होड़ में सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी कहां तक उचित है। रील या वीडियो बनाना व्यक्तिगत पसंद हो सकती है, लेकिन सार्वजनिक सड़क पर ऐसा करते समय यातायात नियमों और दूसरे लोगों की सुरक्षा का ध्यान रखना भी उतना ही जरूरी है।
