Indore Lodhiya Kund: डूबती बहन को बचाने कुंड में कूदा भाई, दोनों की मौत; परिवार में मचा कोहराम
पिकनिक मनाने लोधिया कुंड पहुंचा था इंदौर का चौहान परिवार, पैर फिसलने से गहरे पानी में गिरी 23 वर्षीय अंजलि; बचाने पहुंचे चचेरे भाई अजीत की भी डूबने से गई जान
इंदौर। जिले के सिमरोल थाना क्षेत्र स्थित लोधिया कुंड में सोमवार को एक दर्दनाक हादसे ने परिवार की खुशियों को मातम में बदल दिया। परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंची 23 वर्षीय युवती का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में गिर गई। बहन को डूबता देखकर उसका 25 वर्षीय चचेरा भाई बिना समय गंवाए उसे बचाने के लिए कुंड में कूद गया। पानी की अधिक गहराई और तेज बहाव के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सके और डूबने से उनकी मौत हो गई।
हादसे के दौरान परिवार के सदस्य मदद के लिए आवाज लगाते रहे। उनकी पुकार सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंचे और युवक-युवती को पानी से बाहर निकालने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद दोनों को बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उनकी जान जा चुकी थी।
परिवार के साथ पिकनिक मनाने पहुंचे थे लोधिया कुंड
जानकारी के अनुसार, इंदौर का चौहान परिवार सोमवार को घूमने और पिकनिक मनाने के लिए लोधिया कुंड पहुंचा था। परिवार के सदस्य प्राकृतिक वातावरण के बीच समय बिता रहे थे। इसी दौरान अंजलि चौहान का पैर अचानक फिसल गया और वह पानी में जा गिरी।
बताया गया है कि जिस स्थान पर अंजलि गिरी, वहां पानी काफी गहरा था। वह पानी से बाहर निकलने का प्रयास करने लगी, लेकिन सफल नहीं हो सकी। अंजलि को डूबता देखकर आसपास मौजूद परिजनों ने शोर मचाकर मदद मांगी।
बहन को बचाने के लिए तुरंत पानी में कूद गया अजीत
बहन को डूबते देखकर उसका चचेरा भाई अजीत सिंह चौहान उसे बचाने के लिए तुरंत कुंड में कूद गया। अजीत ने अंजलि तक पहुंचने और उसे बाहर निकालने का प्रयास किया, लेकिन गहरे पानी में वह भी अपना संतुलन नहीं संभाल पाया।
कुछ ही समय में दोनों गहरे पानी में समा गए। परिवार के सदस्य बेबस होकर मदद के लिए पुकारते रहे। परिजनों की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों ने कुंड में उतरकर दोनों की तलाश शुरू की और काफी प्रयासों के बाद उन्हें पानी से बाहर निकाला।
दोनों को बाहर निकालने तक काफी देर हो चुकी थी। हादसे के बाद घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया।
मृतकों की हुई पहचान
मृत युवक की पहचान 25 वर्षीय अजीत सिंह चौहान, पिता भूपेंद्र चौहान, निवासी गोरी नगर, इंदौर के रूप में हुई है। वहीं, युवती की पहचान 23 वर्षीय अंजलि चौहान, पिता देवीसिंह चौहान, निवासी एमबी-59, वीणा नगर, सुखलिया के रूप में की गई।
अजीत और अंजलि आपस में चचेरे भाई-बहन थे। परिवार के साथ खुशी-खुशी घूमने निकले दोनों युवाओं के लिए यह यात्रा उनके जीवन की अंतिम यात्रा साबित हुई। कुछ ही पलों में एक ही परिवार के दो युवाओं की मौत से परिवार और परिचितों में शोक का माहौल है।
ग्रामीणों ने दोनों को पानी से निकाला
हादसे के बाद आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत मदद करने का प्रयास किया। ग्रामीणों ने कुंड में उतरकर दोनों की तलाश की और उन्हें बाहर निकाला। हालांकि पानी की गहराई और घटना के बाद बीत चुके समय के कारण दोनों को बचाया नहीं जा सका।
लोधिया कुंड प्राकृतिक पिकनिक स्थल होने के कारण बड़ी संख्या में लोग यहां घूमने पहुंचते हैं। बारिश के मौसम में कुंड का जलस्तर बढ़ने के साथ पत्थरों पर फिसलन भी अधिक हो जाती है। ऐसे में थोड़ी-सी असावधानी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है।
सिमरोल पुलिस ने शुरू की जांच
घटना की सूचना मिलते ही सिमरोल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए महू स्थित मध्यभारत अस्पताल भेजा। मामले में मर्ग कायम कर हादसे की जांच शुरू की गई है।
सिमरोल थाना प्रभारी कुलदीप खत्री के अनुसार, पुलिस ने घटनाक्रम की जानकारी जुटाकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। सोमवार शाम पोस्टमार्टम के बाद दोनों शव परिजनों को सौंप दिए गए। इसके बाद परिजन शव लेकर इंदौर के लिए रवाना हो गए।
पहले भी सामने आ चुके हैं डूबने के हादसे
लोधिया कुंड और आसपास के प्राकृतिक पर्यटन स्थलों पर इससे पहले भी डूबने की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कुंड के कुछ हिस्सों में अचानक गहराई बढ़ जाती है, जिसका बाहर से अनुमान लगाना मुश्किल हो सकता है। बरसात के दौरान पत्थरों पर काई और पानी के कारण फिसलन भी बढ़ जाती है।
इन हादसों के बाद पर्यटन स्थलों पर चेतावनी बोर्ड, सुरक्षा रेलिंग, प्रशिक्षित गोताखोर और नियमित निगरानी की जरूरत महसूस की जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि खतरनाक स्थानों को चिह्नित करते हुए पर्यटकों को पानी के नजदीक जाने से रोका जाना चाहिए।
हादसा दिखे तो स्वयं पानी में न कूदें
किसी व्यक्ति को डूबता देखकर उसे बचाने की कोशिश स्वाभाविक है, लेकिन तैराकी का प्रशिक्षण और सुरक्षा उपकरण नहीं होने पर बचाने वाला व्यक्ति भी खतरे में पड़ सकता है। ऐसी स्थिति में आसपास उपलब्ध रस्सी, लंबी लकड़ी, लाइफ जैकेट या तैरने वाली वस्तु की सहायता से व्यक्ति तक पहुंचने का प्रयास करना चाहिए।
तुरंत पुलिस, स्थानीय प्रशासन या प्रशिक्षित बचाव दल को सूचना देना भी आवश्यक है। बच्चों और तैरना न जानने वाले लोगों को कुंड, झरने तथा नदी के गहरे हिस्सों के पास अकेला नहीं जाना चाहिए।
सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की जरूरत
अजीत और अंजलि की मौत ने प्राकृतिक पर्यटन स्थलों की सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर ध्यान खींचा है। प्रशासन को बारिश के दौरान खतरनाक क्षेत्रों की पहचान करके प्रवेश नियंत्रित करने, स्पष्ट चेतावनी बोर्ड लगाने और बचाव के आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने की जरूरत है।
एक-दूसरे को बचाने की कोशिश में दो जिंदगियां चले जाने से पूरा चौहान परिवार सदमे में है। जिस पिकनिक के लिए परिवार घर से खुशियों के साथ निकला था, वह कुछ ही समय में गहरे दुख में बदल गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है, जबकि इस घटना ने लोगों को प्राकृतिक जलस्रोतों के पास अतिरिक्त सावधानी बरतने का गंभीर संदेश दिया है।
