इंदौर: रणजीत अष्टमी महोत्सव 2025 का भव्य शुभारंभ | कलेक्टर शिवम वर्मा ने किया ध्वज पूजन, 12 दिसंबर को निकलेगी स्वर्ण रथ प्रभात फेरी
इंदौर | मध्यप्रदेश के धार्मिक और सांस्कृतिक गौरव का प्रतीक रणजीत अष्टमी महोत्सव 2025 आज से भव्य रूप में प्रारंभ हो गया है। शहर के ऐतिहासिक और प्रसिद्ध रणजीत हनुमान मंदिर में आयोजित इस चार दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ जिला कलेक्टर शिवम वर्मा ने पारंपरिक विधि-विधान के साथ ध्वज पूजन कर किया। ध्वज की स्थापना होते ही पूरे परिसर में श्रद्धालुओं द्वारा किए गए “जय रणजीत” के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा।
धार्मिक आस्था, परंपरा और भव्यता का संगम — रणजीत अष्टमी महोत्सव 2025
हर वर्ष अत्यंत श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाने वाला रणजीत अष्टमी महोत्सव इंदौर की धार्मिक पहचान का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है। इस अवसर पर मंदिर परिसर में हजारों श्रद्धालु एकत्रित हुए। कार्यक्रम में मंदिर प्रबंधन समिति, जनप्रतिनिधि, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिकों ने भाग लिया।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने भगवान रणजीत के समक्ष पूजा-अर्चना कर महोत्सव की सफल और शांतिपूर्ण आयोजन की कामना की। इस दौरान उन्होंने कहा:
“रणजीत अष्टमी महोत्सव केवल धार्मिक उत्सव नहीं, बल्कि इंदौर की सांस्कृतिक आत्मा का उत्सव है। यह परंपरा हमारे समाज को जोड़ने और युवा पीढ़ी को अपनी विरासत से परिचित कराने का माध्यम है।”
12 दिसंबर को निकलेगी ऐतिहासिक स्वर्ण रथ प्रभात फेरी
रणजीत अष्टमी महोत्सव का सबसे महत्वपूर्ण और आकर्षक आयोजन है—
स्वर्ण रथ पर भगवान रणजीत की भव्य प्रभात फेरी,
जो 12 दिसंबर की सुबह अत्यंत धूमधाम से निकाली जाएगी।
इसे इंदौर की सबसे विशाल धार्मिक यात्रा माना जाता है। इसमें हर साल की तरह इस बार भी लाखों भक्तों के शामिल होने की संभावना है।
प्रभात फेरी की खासियत:
- भगवान रणजीत हनुमान स्वर्णमय रथ पर नगर भ्रमण करेंगे
- शहरभर में भक्ति गीत, ढोल-ढमाके, झांकियां और नृत्य दल शामिल होंगे
- प्रमुख चौराहों पर फूल वर्षा और मंचों से स्वागत
- हजारों स्वयंसेवक और प्रशासनिक टीमें सुरक्षा व व्यवस्था संभालेंगी
इस यात्रा को लेकर पूरे शहर में उत्साह का विशेष माहौल बना हुआ है और भक्त बड़ी संख्या में शामिल होने की तैयारी कर रहे हैं।
कलेक्टर शिवम वर्मा ने स्वयं किया मार्ग का निरीक्षण
प्रभात फेरी के सुचारू संचालन और सुरक्षा के लिए जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय है। कलेक्टर शिवम वर्मा ने यात्रा मार्ग का मुआयना करते हुए अधिकारियों को महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
उन्होंने विशेष रूप से कहा:
- स्वागत मंच छोटे बनाए जाएं, ताकि यातायात बाधित न हो
- सड़क के दोनों ओर पर्याप्त जगह रहे
- श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पर्याप्त बैरिकेडिंग हो
- मेडिकल टीम, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड और सुरक्षा बल तैनात किए जाएं
- यातायात डायवर्शन की जानकारी समय पर जनता तक पहुँचे
कलेक्टर की इस पहल का उद्देश्य है कि प्रभात फेरी में शामिल होने वाले भक्तों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।
इंदौर की संस्कृति में रणजीत अष्टमी का महत्व
रणजीत हनुमान मंदिर इंदौर का एक प्रमुख धार्मिक केंद्र है और अष्टमी महोत्सव इसकी पहचान का सबसे बड़ा उत्सव माना जाता है। इस महोत्सव से इंदौर की सांस्कृतिक विरासत, पारंपरिक मूल्य और सामाजिक एकता की भावना और भी मजबूत होती है।
इस महोत्सव के प्रमुख उद्देश्य:
- धार्मिक मान्यताओं का संरक्षण
- युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और अध्यात्म से जोड़ना
- सामाजिक एकता और सद्भाव को बढ़ावा देना
- स्थानीय कलाकारों और सांस्कृतिक गतिविधियों को मंच उपलब्ध कराना
चार दिनों तक होंगे धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम
पूरे महोत्सव के दौरान कई आध्यात्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। इनमें शामिल हैं—
- भजन संध्या
- रामचरित मानस और सुंदरकांड पाठ
- कीर्तन और जागरण
- स्थानीय व राष्ट्रीय कलाकारों की सांस्कृतिक प्रस्तुतियां
- श्रद्धालुओं के लिए दर्शन, प्रसाद एवं सेवा कार्य
इंदौर एवं आसपास के क्षेत्रों से हजारों भक्त इस आयोजन में भाग लेने के लिए उत्साहित हैं।
श्रद्धालुओं में अपार उत्साह—शहर पूरी तरह तैयार
महोत्सव शुरू होते ही मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में भक्तों की भीड़ उमड़ने लगी है। दुकानों में धार्मिक सामग्रियों की बिक्री बढ़ गई है और शहर के प्रमुख मार्ग भव्य सजावट से जगमगाने लगे हैं।
प्रशासन, मंदिर समिति और स्वयंसेवी संस्थाएं यात्रा को सफल बनाने में पूरे मन से जुटी हुई हैं।

