संतोष दावखर की थ्रिलर फिल्म ‘Gondhal’ 13 नवंबर को देशभर में होगी रिलीज़, ऑस्कर में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि
एफएफआई की ऐतिहासिक घोषणा के बाद बढ़ा उत्साह; मराठी, हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में आएगी फिल्म
मुंबई, अक्टूबर 2026। प्रशंसित मराठी लोक-थ्रिलर फिल्म ‘Gondhal’ अब 13 नवंबर 2026 को देशभर के सिनेमाघरों में भव्य रूप से रिलीज़ होने के लिए तैयार है। फिल्म फेडरेशन ऑफ इंडिया (एफएफआई) ने 18 सितंबर 2026 को इस फिल्म को 99वें अकादमी पुरस्कार (ऑस्कर 2027) की सर्वश्रेष्ठ अंतर्राष्ट्रीय फीचर फिल्म श्रेणी के लिए भारत की आधिकारिक प्रविष्टि के रूप में चुना था। इस घोषणा के बाद फिल्म को लेकर दर्शकों और सिनेप्रेमियों में उत्साह बढ़ गया है।
समीक्षकों की सराहना के बाद अब देशभर में प्रदर्शन
दावखर फिल्म्स के बैनर तले लिखी, निर्देशित और निर्मित इस फिल्म को समीक्षकों से व्यापक सराहना मिली है। अब यह देशभर के दर्शकों तक पहुँचने के लिए तैयार है। फिल्म भारत में मराठी के साथ-साथ हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज़ की जाएगी। इस तरह एक क्षेत्रीय कहानी देश के अलग-अलग भाषाई दर्शकों तक पहुँचेगी।
निर्देशक संतोष दावखर का बयान
निर्देशक संतोष दावखर ने ऑस्कर की दौड़ से पहले एक प्रामाणिक क्षेत्रीय कहानी को देशभर के दर्शकों तक पहुँचाने पर गर्व जताया। उन्होंने कहा कि जब उन्होंने गोंधल बनाने की शुरुआत की थी, तब उनका एकमात्र उद्देश्य अपनी मिट्टी की असली संस्कृति, रहस्यमयी लय और अनकही परतों के प्रति पूरी तरह ईमानदार रहना था।
उनके अनुसार, यह देखना कि जड़ों से जुड़ी इस लोक-थ्रिलर को इतना गहरा प्रतिसाद मिला कि वह ऑस्कर में भारत की आधिकारिक प्रविष्टि बन गई, उनके लिए बेहद सम्मान और भावुकता का क्षण है। उन्होंने कहा कि 13 नवंबर को इसे पूरे भारत में रिलीज़ करना ऐसा लग रहा है, जैसे यह कहानी अपना सफर पूरा करके वहीं लौट रही हो, जहाँ से इसकी शुरुआत हुई थी।
दावखर ने यह भी कहा कि सिनेमा की कोई भाषाई सीमा नहीं होती, जब उसकी भावनाएँ सच्ची और दिल से निकली हों। उन्होंने आभार जताया कि भारत के हर कोने के दर्शक इस रोमांच से भरे सफर को एक साथ बड़े पर्दे पर अनुभव कर सकेंगे।
जुनून और विश्वासघात की कहानी
महाराष्ट्र के ग्रामीण परिवेश में स्थापित ‘गोंधल’ जुनून और विश्वासघात के एक अंधकारमय और रहस्यमयी जाल की कहानी है। फिल्म सुमन नाम की एक युवती के इर्द-गिर्द घूमती है, जो एक दमघोंटू और दुखी वैवाहिक जीवन में फँसी हुई है। इससे बाहर निकलने का रास्ता तलाशते हुए वह अपने प्रेमी सर्जेराव की पारंपरिक और पवित्र गोंधल अनुष्ठान के प्रति गहरी, कट्टर आसक्ति का फायदा उठाती है।
रात के अँधेरे में होने वाले इस पारंपरिक लोक-अनुष्ठान के दौरान स्थानीय सत्ता संघर्ष, छिपे हुए इरादे और गुप्त विश्वासघात आपस में टकराते हैं। देखते ही देखते गाँव की एक पवित्र रात अपराध, रहस्य और उसके परिणामों से भरे एक खतरनाक खेल में बदल जाती है, जिसका सच सुबह होने से पहले सामने आना है।
कलाकार और तकनीकी टीम
फिल्म में किशोर कदम, इशिता देशमुख, योगेश सोहोनी, निशाद भोईर और अनुज प्रभु प्रमुख भूमिकाओं में नज़र आएँगे। फिल्म के संगीत की कमान प्रसिद्ध संगीतकार इलैयाराजा ने संभाली है, जबकि सिनेमैटोग्राफी अमलेंदु चौधरी ने की है।
13 नवंबर को सिनेमाघरों में
अब सभी की नजरें 13 नवंबर पर हैं, जब यह लोक-थ्रिलर छह भाषाओं में देशभर के सिनेमाघरों में पहुँचेगी। लोक-अनुष्ठान की पृष्ठभूमि, रहस्य और विश्वासघात की कहानी तथा ऑस्कर की आधिकारिक प्रविष्टि का दर्जा फिल्म को चर्चा में बनाए हुए हैं।
