ग्वालियर में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का सेवा अभियान: मानवता ही सबसे बड़ा धर्म
ग्वालियर, मध्यप्रदेश:
ग्वालियर में भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा आयोजित सेवा कार्यक्रम ने मानवता और समाज सेवा की मिसाल पेश की। संगठन ने अपने प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा के नेतृत्व में सीताराम जी के मंदिर परिसर में यह सेवा अभियान सफलतापूर्वक संपन्न किया। यह कार्यक्रम समाज में सेवा, सहानुभूति और मानव अधिकारों के प्रति संवेदनशीलता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में ट्रस्ट के सदस्य और पदाधिकारी मिलकर जरूरतमंदों, बुजुर्गों, कन्याओं, कवि-पंडितों और गरीब समाज के लोगों के बीच भोजन, फल, उपहार और आवश्यक वस्तुएं वितरित की गईं। इस सेवा कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में मानव सेवा की भावना को जगाना और लोगों के जीवन में राहत पहुंचाना था।
प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा ने इस अवसर पर कहा:
“मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब तक समाज में कोई व्यक्ति भी सहायता की आवश्यकता में है, हमारा कर्तव्य है कि हम उसके साथ खड़े रहें। सेवा और सहानुभूति ही सच्चे समाज की पहचान हैं।”
यह सेवा कार्यक्रम केवल वस्तुएं वितरित करने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि समाज में सकारात्मक बदलाव लाने, मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों की मदद करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया। इस अभियान ने ग्वालियर में समाज सेवा और मानवता के मूल्य को मजबूती से स्थापित किया।
कार्यक्रम में उपस्थित प्रमुख पदाधिकारी और सदस्य थे:
- प्रदेश अध्यक्ष: श्रीमती मधु शर्मा
- मि. अशोक शर्मा
- संभाग अध्यक्ष: श्रीमती सरिता पाठक
- जिला अध्यक्ष: श्रीमती सरला गुप्ता
- जिला सचिव: श्रीमती स्वराज गुप्ता
- जिला सहसचिव: श्रीमती सुनीता गिरधर
- तहसील अध्यक्ष: श्रीमती रुचि गुप्ता (कोमल)
- संगठन मंत्री: श्रीमती पूनम सेमर
- जिला कोषाध्यक्ष: श्रीमती सुकृति गुर्जर
- मीडिया प्रभारी: श्रीमती रानू नहार
- सदस्य: श्रीमती रितु शर्मा, श्रीमती संध्या सोनी, श्री हरि गुप्ता
सभी पदाधिकारियों ने समाज सेवा की भावना के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया। इस अवसर पर संगठन के सभी सदस्यों ने मिलकर जरूरतमंदों तक मदद पहुँचाने का प्रयास किया। यह कार्यक्रम ग्वालियर में मानवता और सहानुभूति का संदेश फैलाने में सफल रहा।
राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने इस सेवा अभियान की सराहना करते हुए कहा:
“भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट पूरे देश में सेवा, संवेदना और मानवता के अभियान को सशक्त रूप से आगे बढ़ा रहा है। ग्वालियर इकाई द्वारा किया गया यह कार्य संगठन की भावना और निष्ठा का प्रतीक है। जब हर व्यक्ति मानवता की सेवा में आगे आएगा, तभी सशक्त, संवेदनशील और न्यायपूर्ण भारत का निर्माण संभव होगा।”
इस अवसर पर संगठन के अन्य सदस्यों ने भी अपनी भावनाएँ साझा कीं। शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, मनीष गुप्ता, जीवन लाल जैन, भावेश नाहर, आस्था जैन, संतोष सिंह पवार, डॉ प्रेम कुमार वैद्य और सोहन वर्मा ने कहा कि सेवा कार्य केवल दान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह समाज के हर वर्ग में मानवता, संवेदनशीलता और सामाजिक जिम्मेदारी को जागृत करने का माध्यम है।
ग्वालियर में यह सेवा कार्यक्रम विशेष रूप से बुजुर्गों और कन्याओं की मदद पर केंद्रित था। कार्यक्रम के दौरान बुजुर्गों और जरूरतमंदों को भोजन और दैनिक आवश्यक वस्तुएं प्रदान की गईं, वहीं कन्याओं को फल और उपहार वितरित किए गए। इस पहल ने ग्वालियर में समाज सेवा की नई परंपरा स्थापित की और अन्य संगठनों को भी मानवता की दिशा में कदम बढ़ाने की प्रेरणा दी।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का यह सेवा अभियान मानवता के मूल्यों को बढ़ावा देने, समाज में संवेदनशीलता पैदा करने और सामाजिक न्याय के सिद्धांतों को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ। ग्वालियर इकाई द्वारा किए गए इस प्रयास ने यह साबित कर दिया कि जब समाज के हर सदस्य मानवता की सेवा में शामिल होता है, तभी एक सशक्त और संवेदनशील राष्ट्र का निर्माण संभव होता है।
कार्यक्रम के दौरान यह भी देखा गया कि सामाजिक दायित्व और सेवा भावना न केवल ट्रस्ट के पदाधिकारियों में बल्कि सभी सदस्यों में दृढ़ता से मौजूद है। यह पहल ग्वालियर में समाज सेवा और मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता को बढ़ावा देने में सहायक रही।
इस सेवा अभियान ने न केवल जरूरतमंदों को राहत पहुँचाई, बल्कि समाज के अन्य वर्गों में भी मानवता और सेवा की भावना को जागृत किया। यह कार्यक्रम ग्वालियर के नागरिकों के लिए प्रेरणादायक उदाहरण बन गया और दिखाया कि सच्ची सेवा वही है जो बिना किसी भेदभाव के समाज के हर व्यक्ति तक पहुँचे।
अंततः, भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट का यह सेवा अभियान यह संदेश देता है कि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है। जब समाज में सभी लोग मिलकर मानवता की दिशा में प्रयास करेंगे, तभी एक न्यायपूर्ण, संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण भारत का निर्माण संभव होगा। ग्वालियर में आयोजित इस कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि सेवा और मानवता के बिना समाज की प्रगति अधूरी है।
ग्वालियर में यह मानव सेवा कार्यक्रम भविष्य में भी नियमित रूप से आयोजित किया जाएगा ताकि समाज के कमजोर वर्गों तक सहायता पहुँचती रहे और समाज में मानवता, संवेदनशीलता और सेवा भावना को बढ़ावा मिले। इस पहल ने यह भी दिखाया कि संगठित प्रयासों और समाज सेवा के माध्यम से ही देश को एक सशक्त और न्यायपूर्ण दिशा दी जा सकती है।

