हथियार सप्लायर रमेश सिकलीगर गिरफ्तार, नहर किनारे छिपाई गईं 10 पिस्टल बरामद
एसटीएफ इंदौर और जीआरपी खंडवा को भी थी आरोपी की तलाश, हथियार बनाने के औजार जब्त
भीकनगांव, जिला खरगोन। अवैध हथियारों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए खरगोन पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे कथित हथियार सप्लायर रमेश सिकलीगर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश कर रिमांड पर लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर ग्राम सिगनूर में नहर किनारे छिपाकर रखी गईं 10 अवैध पिस्टल और हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाले औजार बरामद किए गए।
पुलिस के अनुसार, आरोपी से हथियारों की सप्लाई चेन, खरीददारों और नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी द्वारा निर्मित अथवा उपलब्ध कराए गए अवैध हथियार किन-किन क्षेत्रों और लोगों तक पहुंचाए गए थे।
राजस्थान के तस्करों से पूछताछ में सामने आया था नाम
पुलिस के मुताबिक, 31 अगस्त 2025 को बिस्टान थाना पुलिस ने राजस्थान के दो कथित हथियार तस्करों को गिरफ्तार किया था। इनमें उदयपुर निवासी जालमचंद और जोधपुर निवासी रामसिंग शामिल थे। आरोपियों के पास से दो देसी पिस्टल और चार देसी कट्टे बरामद किए गए थे।
पूछताछ में आरोपियों ने कथित रूप से बताया था कि ये हथियार ग्राम सिगनूर निवासी रमेश सिकलीगर ने उपलब्ध कराए थे। इसके बाद बिस्टान पुलिस ने आर्म्स एक्ट की धारा 25(1) के तहत दर्ज प्रकरण में रमेश को आरोपी बनाया था। पुलिस तभी से उसकी तलाश कर रही थी, लेकिन वह लगातार फरार चल रहा था।
मिडिल स्कूल के पास घेराबंदी कर पकड़ा
पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रमेश सिकलीगर ग्राम सिगनूर में घूम रहा है। सूचना के आधार पर एसडीओपी भीकनगांव केतन अडलक के मार्गदर्शन में बिस्टान, भीकनगांव, गोगावां और सनावद पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई।
पुलिस टीम ने ग्राम सिगनूर स्थित मिडिल स्कूल के पास घेराबंदी कर 47 वर्षीय रमेश पिता उत्तमसिंह टकराना को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड प्राप्त किया गया।
नहर किनारे छिपाकर रखे थे हथियार
रिमांड के दौरान पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस आरोपी को ग्राम सिगनूर लेकर पहुंची। उसकी निशानदेही पर नहर किनारे छिपाकर रखी गईं 10 अवैध पिस्टल बरामद की गईं। पुलिस ने मौके से अवैध हथियार बनाने के काम आने वाले औजार भी जब्त किए हैं।
पुलिस का कहना है कि बरामद हथियारों की जांच कराई जाएगी। आरोपी के संपर्कों, वित्तीय लेन-देन और संभावित खरीददारों की जानकारी जुटाई जा रही है।
दो अन्य मामलों में भी था वांछित
पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार आरोपी रमेश वर्ष 2021 से जीआरपी खंडवा के एक प्रकरण में फरार चल रहा था। इसके अतिरिक्त वर्ष 2026 में एसटीएफ इंदौर द्वारा दर्ज एक प्रकरण में भी उसकी तलाश की जा रही थी।
खरगोन पुलिस अब आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अवैध हथियारों के नेटवर्क की जांच कर रही है। पूछताछ में मिलने वाली जानकारी के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा सकती है।
