हार्दिक हुंडिया गुड़ी पड़वा संदेश में हिंदू नव वर्ष, एकता, भाषा सम्मान और भारत की सांस्कृतिक शक्ति पर भावनात्मक अपील।
हार्दिक हुंडिया गुड़ी पड़वा संदेश
हिंदू नव वर्ष और एकता का संदेश
मैं हिंदू – हिंदुस्तान का हिंदू।
आज हम हिंदुओं का नया साल , मैं हार्दिक हुंडिया आप सभी को गुड़ी पड़वा पर मंगलमय शुभकामना की उच्च भावनाओं के साथ आज से हम नियम ले की हिन्दुस्तान में जितनी भी जाती है , हम सब हिन्दुस्तान के हिन्दू एक है।
स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान की भावना
देश के सभी प्रांतों के , कोई ना कोई महान पुरुषोंने हिन्दुस्तान को आज़ाद करने के लिए अपनी जान की बाज़ी लगा दी है, तो किसी ने देश को आज़ाद करने के लिए लड़ाई भी लड़ी है।उन्होंने सिर्फ़ यह देखा की मैं माँ भारत का संतान हूँ और हिन्दुस्तान के सभी संतान सुखी रहे , उन्होंने देश के लिये लड़ाई लड़ी।तभी तो मेरा देश आज हिन्दुस्तान का हर एक हिंदू यह पर्व मना रहा है।
भाषा और संस्कृति का सम्मान
हिन्दुस्तान में रहने वाला हर नागरिक हिंदू है, मेरा हिंदुस्तान है और मेरे देश में रहने वाला नागरिक देश की कोई भी भाषा बोले, कोई भी प्रांत में बोल सकता है।देश की सभी भाषा हमारी भाषा है , और भाषाओ का सम्मान करना हिन्दुस्तान के हर नागरिक का फ़र्ज़ है।हार्दिक हुंडिया की देश के तमाम हिन्दुस्तानीओं से दो हाथ जोड़कर के बिनतीं है की हिन्दुस्तान के हिंदूओ के नए साल और चैत्र नवरात्रि की शुरुआत में हम सभी नियम लेते है की हम भाषा वाद के नाम पर लड़ेंगे नहीं।
राष्ट्र निर्माण में हर नागरिक की भूमिका
हम बड़े भाग्यशाली है की हमारा जन्म दुनिया में उस भूमि पर हुआ है , जो भारत को हम भारत माँ कहते है , जो माँ भारत की पवित्र भूमि है , जहाँ हमारे जैसे माँ भारती को मानने वाले हिंदू रहते है।हिन्दुस्तान में कोई भी प्रांत में कोई भी भाई व्यापार करने आता है तो वो प्रांत के हिन्दुस्तानी भाई , भाई को भाई समझकर साथ देता है।कोई भी राज्य में कोई भी राज्य का हिंदुस्तानी भाई प्रगति करता है तो वो मेरे देश की प्रगति है।
निष्कर्ष
हिन्दुस्तान के नव वर्ष की देश के सभी हिन्दुस्तान वासियों को हार्दिक बधाईयों के साथ हम सब मिलकर समृद्ध देश को और समृद्ध बनाए यह ही उच्च भावनाओं के साथ
हार्दिक हुंडिया ,
मैं हिन्दुस्तान का हिंदू नागरिक।
