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युवा ऊर्जा को संस्कार और साधना की दिशा देना समय की मांग: युवा सम्मेलन में गूंजा संदेश

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Published On: 10 August 2026
युवा ऊर्जा को संस्कार और साधना की दिशा देना समय की मांग: युवा सम्मेलन में गूंजा संदेश

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“जिस ओर जवानी चले, उसे दिशा दे महाश्रमण सुधासागर जी

राजेश जैन दद्दू
इंदौर

श्रंमण संस्कृति के महाश्रमण परम पूज्य मुनि सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में युवा सम्मेलन, में उमड़ा जनसैलाब । धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने कहा कि युवा ऊर्जा को संस्कार और साधना की दिशा देना समय की मांग

“जिस ओर जवानी चलती है, उस ओर जमाना चलता है” – यह कथन जितना सत्य है, उतना ही सत्य इसका दूसरा पहलू भी है कि जवानी को सही दिशा देने वाला कोई निष्पृह गुरु भी साथ हो। यही संदेश निर्यापक श्रेष्ठ महाश्रमण मुनि पुंगव श्री 108 सुधासागर जी महाराज संसघ के सान्निध्य में दलालबाग छत्रपति नगर में आयोजित युवा सम्मेलन में गूंजा। राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के राकेश गोहिल ने कहा कि सम्मेलन में समाज के युवाओं का उत्साह देखते ही बनता था। यह दृश्य केवल भीड़ का नहीं था, यह दिशा बदलती हुई पीढ़ी का दृश्य था। मंयक जैन ने कहा कि ऊर्जा को चाहिए दिशा

युवा केवल उम्र नहीं, वह ऊर्जा, उत्साह और आने वाले कल की तस्वीर है। लेकिन ऊर्जा अपने आप में पर्याप्त नहीं होती, उसे दिशा चाहिए। युवा के कदमों में गति हो सकती है, पर मंजिल का ज्ञान अनुभवी पथप्रदर्शक से ही मिलता है। गुरु वही है जो न केवल “कहाँ जाना है” बताता है, बल्कि “किस रास्ते से जाना है” और “कठिनाइयों में कैसे टिके रहना है” यह भी सिखाता है।
राहुल जैन स्पोर्ट्स ने कहा कि आज मंदिरों में युवाओं की बढ़ती उपस्थिति को केवल भीड़ न समझा जाए। यह उस संस्कार-यात्रा का परिणाम है जिसमें गुरु भंगवतो ने युवाओं की ऊर्जा को भटकने से बचाकर भक्ति, संयम और धर्म की ओर मोड़ा है। जिन युवाओं के कदम कभी संसार की चमक-दमक की ओर थे, उन्हीं कदमों को धर्म का सहारा देकर सद्मार्ग पर लाने का सामर्थ्य विरले संतों में ही होता है।

इतिहास से प्रेरणा मिलती है
इस अवसर पर चन्द्रगुप्त मौर्य और आचार्य चाणक्य का उदाहरण देते हुए कहा गया कि प्रतिभा और सामर्थ्य के साथ संस्कार और मार्गदर्शन मिलने पर ही इतिहास रचा जाता है। ठीक इसी प्रकार श्रंमण संस्कृति के महाश्रमण सुधासागर जी महाराज के सान्निध्य में हर आने वाला युवा केवल प्रभावित होकर नहीं लौटता, वह परिवर्तन की संभावना लेकर लौटता है। समाज अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा ने समाज से एकजुटता के प्रयास का आह्वान किया

समाज के प्रबुद्ध डॉ जैनेन्द्र जैन ने कहा कि संसार के सभी श्रेष्ठ साधक किसी एक मंच या प्रतिस्पर्धा के लिए नहीं, बल्कि युवा पीढ़ी के उज्ज्वल भविष्य के लिए मिलकर प्रयास करें। क्योंकि युवा किसी एक की संपत्ति नहीं, वह समाज संस्कृति की शक्ति, धर्म का भविष्य और राष्ट्र की दिशा है। इस अवसर पर गुरु देव ने अपने संबोधन में कहा कि “युवा को जोड़िए, समझाइए, संस्कार दीजिए और सबसे बड़ी बात – उसे स्वयं से आगे निकलने की प्रेरणा दीजिए। किसी के प्रति राग-द्वेष नहीं, निस्पृह भाव से दिया गया एक शब्द भी जीवन का मंत्र बन सकता है।”इस अवसर पर समाज श्रेष्ठी अशोक डोसी , आकाश कोल भुपेंद्र जैन,कमल जैन माहावीर जैन औम पाटोदी संजय पापडीवाल धीरज जैन एवं महिला परिषद् की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन, सोनाली बागढीया साधना दगडे, दीपिका जैन आदि समाज श्रेष्ठी उपस्थित रहे।

सभा का संचालन राहुल जैन एवं मंयक जैन ने किया आभार राजेश जैन दद्दू ने माना
*निष्कर्ष*
कार्यक्रम का सार यही रहा कि यदि ऐसे ही संतों का सान्निध्य मिलता रहा तो वह दिन दूर नहीं जब मंदिरों में युवाओं की भीड़ के साथ-साथ युवाओं के आचरण में भी धर्म दिखाई देगा।

क्योंकि जिस ओर सही दिशा में चलती हुई जवानी जाती है, उस ओर केवल जमाना ही नहीं चलता… एक नई पीढ़ी का भविष्य चलता है।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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