सिद्धि तप तपस्वियों की सातवीं लड़ी के बियासने का आयोजन
52 सिद्धि तप और दो मासक्षमण तपस्वियों की अनुमोदना में 17 सितंबर को निकलेगी भव्य रथयात्रा
50 से अधिक श्रीसंघों के हजारों समाजजन होंगे शामिल, 16 सितंबर को चौबीसी गीत और भक्ति संध्या
महिदपुर रोड। नगर में चातुर्मास हेतु विराजित परम पूज्य साध्वी डॉ. अमृतरसा श्रीजी महाराज साहब आदि ठाणा की पावनकारी निश्रा में सोमवार को 52 सिद्धि तप तपस्वियों की सातवीं लड़ी के बियासने का धार्मिक आयोजन श्रद्धा और भक्ति के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थित होकर तपस्वियों की अनुमोदना की और धर्मलाभ प्राप्त किया।
सिद्धि तप के 52 एवं मासक्षमण के दो तपस्वियों सहित कुल 54 तपस्वियों की तप आराधना के अनुमोदनार्थ नगर में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मुख्य आयोजन 16 और 17 सितंबर को होंगे। इसे लेकर जैन समाज में उत्साह का वातावरण बना हुआ है।
16 सितंबर को चौबीसी गीत और भक्ति संध्या
आयोजन के अंतर्गत 16 सितंबर को दोपहर में चौबीसी गीत का आयोजन किया जाएगा। रात्रि में अहमदाबाद के सुप्रसिद्ध कलाकार आशीष जैन एंड पार्टी द्वारा भव्य प्रभु भक्ति संध्या प्रस्तुत की जाएगी। इस दौरान भक्ति गीतों और धार्मिक प्रस्तुतियों के माध्यम से तपस्वियों की अनुमोदना की जाएगी।
कार्यक्रम के दौरान प्रातः एवं सायंकाल स्वामी वात्सल्य और नवकारसी का आयोजन भी होगा। आयोजन समिति की ओर से सभी कार्यक्रमों की तैयारियां की जा रही हैं।
17 सितंबर को निकलेगी ऐतिहासिक रथयात्रा
तपस्वियों के अनुमोदनार्थ 17 सितंबर को नगर में भव्य पारणा रथयात्रा निकाली जाएगी। रथयात्रा में सुप्रसिद्ध बैंड, ढोल-नगाड़े, विभिन्न धार्मिक मंडल, 30 से अधिक बग्घियां तथा भगवान, परमात्मा और गुरुदेव के आकर्षक रथ शामिल होंगे।
समाज की महिलाएं और पुरुष आकर्षक पारंपरिक वेशभूषा में सम्मिलित होकर रथयात्रा की शोभा बढ़ाएंगे। रथयात्रा के साथ पारणा, फल-चुनरी, स्वामी वात्सल्य और नवकारसी सहित विभिन्न धार्मिक आयोजन होंगे। इस अवसर पर 50 से अधिक श्रीसंघों के हजारों समाजजनों के नगर पहुंचने की संभावना है। इससे पूरे नगर में आस्था और भक्ति का जनसैलाब उमड़ेगा।
लाभार्थी परिवारों ने लिया धर्मलाभ
सोमवार को आयोजित 52 सिद्धि तप तपस्वियों के प्रातःकालीन बियासने का मंगलकारी लाभ स्वर्गीय शांतिलाल-कांता मुणत की स्मृति में श्रीपाल, रानी, लियांश और श्रेयल मुणत परिवार, जावरा द्वारा लिया गया।
सायंकालीन बियासने का लाभ स्वर्गीय प्रकाशचंद-सुरेशचंद चत्तर की स्मृति में चंदाबाई, शीलाबाई, पीयूष, चंदन, संदीप, सीमा, प्रणय, देशना और पार्थ चत्तर परिवार द्वारा लिया गया।
कार्यक्रम के दौरान 12 श्रीसंघों ने सिद्धि तप तपस्वियों की प्रभावना की। साधर्मिक भक्ति और प्रभावना का लाभ अशोक कुमार-हिमांशु कोचर परिवार ने लिया। संपूर्ण आयोजन में बड़ी संख्या में समाजजनों ने उपस्थित होकर तपस्वियों की अनुमोदना की तथा धर्म आराधना का लाभ प्राप्त किया।
