Modran में ब्राह्मण स्वर्णकार समाज का दशम् गुरु पूर्णिमा महोत्सव संपन्न, 350 प्रतिभाओं का हुआ सम्मान
श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक एकता का दिखा भव्य संगम
Modran (मुकेश सोलंकी)। निकटवर्ती मोदरान गांव स्थित ब्राह्मण स्वर्णकार समाज के आराध्य गुरुदेव अणदाराम महाराज धाम में दशम् गुरु पूर्णिमा महोत्सव एवं प्रतिभा सम्मान समारोह श्रद्धा, उत्साह और भव्यता के साथ संपन्न हुआ। ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन जिला जालोर एवं अणदारामजी सेवा संस्थान मोदरान के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस विशाल आयोजन में राजस्थान के जालोर सहित गुजरात और अन्य राज्यों से हजारों की संख्या में समाजबंधुओं ने परिवार सहित पहुंचकर सहभागिता की।
कार्यक्रम में धार्मिक आस्था, सामाजिक एकता और शिक्षा के प्रति जागरूकता का अनूठा संगम देखने को मिला। पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं में गुरु भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा।
गुरु पूजन और महाआरती के साथ हुआ शुभारंभ
गुरु पूर्णिमा महोत्सव की शुरुआत प्रातःकाल अणदाराम मंदिर में विधि-विधान के साथ गुरु पूजन से हुई। समाजबंधुओं ने गुरुदेव अणदाराम महाराज की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद महाआरती और प्रसाद वितरण कार्यक्रम आयोजित किया गया।
प्रातः 11:15 बजे अणदेश्वर वाटिका परिसर में मुख्य अतिथियों द्वारा दीप प्रज्वलित कर प्रतिभा सम्मान समारोह का शुभारंभ किया गया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे।

350 प्रतिभाओं और 50 रक्तदाताओं का सम्मान
प्रतिभा सम्मान समारोह में समाज की 350 उत्कृष्ट प्रतिभाओं को सम्मानित किया गया। शैक्षणिक क्षेत्र में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों सहित विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्धियां हासिल करने वाली प्रतिभाओं को टेबलेट, सिल्वर मेडल, स्कूल बैग, प्रशस्ति पत्र और स्मृति चिह्न प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया गया।
इसके साथ ही मानव सेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान देने वाले 50 रक्तदाताओं को भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। आयोजनकर्ताओं ने कहा कि प्रतिभाओं का सम्मान समाज में नई ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करता है।
समारोह के दौरान विद्यार्थियों द्वारा प्रस्तुत सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया। बच्चों की प्रस्तुतियों को दर्शकों ने खूब सराहा।

गणमान्य अतिथियों ने शिक्षा और संगठन पर दिया जोर
समारोह में गुजरात कांग्रेस प्रदेश महासचिव राजेश टी. सोनी, भीनमाल पुलिस उप अधीक्षक शंकरलाल मसूरिया, बालोतरा जिला कांग्रेस महासचिव पुरुषोत्तम सोनी, ब्राह्मण स्वर्णकार महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष दौलतराम सहित कई गणमान्य अतिथि मौजूद रहे।
इसके अलावा सेवानिवृत्त आरएएस रामाकिशन सोनी (जोधपुर), संतोष हेड़ाऊ (समदड़ी), प्रकाशमल (सांचौर), बाबूलाल (डीसा), ताराचंद (जीवाणा), गौतमकुमार (जालोर) और जुठालाल (धानेरा) सहित अनेक वरिष्ठ समाजजन मंचासीन रहे।
अतिथियों ने अपने संबोधन में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज की प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने का कार्य करते हैं। शिक्षा और संस्कार के माध्यम से ही समाज को मजबूत बनाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि सामाजिक कार्यक्रम लोगों को एक मंच पर लाने के साथ-साथ आपसी सहयोग, सेवा भावना और संगठन शक्ति को बढ़ावा देते हैं।

भव्य भजन संध्या में देर रात तक झूमे श्रद्धालु
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के अवसर पर रात्रि में विशाल भजन संध्या का आयोजन किया गया। भजन संध्या में प्रसिद्ध कलाकारों ने अपनी मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्तिरस में डुबो दिया।
गायक सुरेश लोहार ने अणदाराम महाराज का प्रसिद्ध भजन “हालो संतो देवरे…” प्रस्तुत कर वातावरण को गुरु भक्ति से सराबोर कर दिया। वहीं अनिता जांगिड़ ने गुरुवंदना, माजीसा और बाबा रामदेवजी महाराज के भजनों की शानदार प्रस्तुति दी।
उषा गोस्वामी के मधुर भजनों ने भी श्रद्धालुओं को भाव-विभोर कर दिया। इस दौरान कलाकारों द्वारा आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। माताजी की सजीव झांकी ने सभी का ध्यान आकर्षित किया, जबकि नृत्यांगना उर्मिला राठौड़ की नृत्य प्रस्तुति को दर्शकों ने खूब सराहा।

महामंडलेश्वर ने बताया गुरु पूर्णिमा का आध्यात्मिक महत्व
भजन संध्या कार्यक्रम में लालावाड़ा (पालनपुर) से पधारे महामंडलेश्वर रविशरणानंदगिरि महाराज का संत सानिध्य प्राप्त हुआ। उन्होंने गुरु पूर्णिमा पर्व के आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डाला।
उन्होंने बताया कि अणदाराम महाराज का जन्म सौराष्ट्र के धोराजी में गुरु पूर्णिमा के दिन हुआ था। मानव सेवा के उद्देश्य से उन्होंने गृहस्थ जीवन का त्याग कर संन्यास धारण किया और जामनगर में सदाव्रत की स्थापना की।
महामंडलेश्वर ने कहा कि लगभग सौ वर्षों बाद गुरु पूर्णिमा के दिन ही उन्होंने जीवित समाधि ली। इसी कारण गुरु पूर्णिमा का पर्व समाज के लिए विशेष श्रद्धा और आस्था का प्रतीक बन गया है।

व्यवस्थाओं ने बनाया आयोजन को विशेष
गुरु पूर्णिमा महोत्सव के दौरान समाजबंधुओं के लिए भोजन प्रसादी, रहने और बैठने की बेहतर व्यवस्थाएं की गईं। आयोजन स्थल पर अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने के लिए कार्यकर्ताओं ने विशेष भूमिका निभाई।
आगामी वर्ष के आयोजन को लेकर विभिन्न चढ़ावों की बोलियां भी आयोजित की गईं। ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन के जिलाध्यक्ष रमेश सोनी पुनासा ने बताया कि यह आयोजन अब केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं रह गया है, बल्कि समाज का एक बड़ा महाकुंभ बन चुका है।
उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से समाज में सामाजिक एकता, संस्कार और सेवा भावना को मजबूत करने का प्रयास किया जा रहा है।

सफल आयोजन के लिए जताया आभार
कार्यक्रम का सफल मंच संचालन प्रसिद्ध एंकर मीठालाल जांगिड़ ने किया। आयोजन के समापन पर ब्राह्मण स्वर्णकार युवा संगठन और अणदाराम सेवा संस्थान की टीम ने सभी भामाशाहों, कार्यकर्ताओं और दूर-दूर से पहुंचे समाजबंधुओं का आभार व्यक्त किया।
दशम् गुरु पूर्णिमा महोत्सव ने समाज में धार्मिक आस्था के साथ शिक्षा, सेवा और सामाजिक एकता का संदेश दिया। हजारों लोगों की सहभागिता ने इस आयोजन को यादगार बना दिया।
